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जैविक खेत यार्ड खाद FYM: विधि, उपयोग, फायदे और उत्पादन

अप्रैल 29, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) आज के आधुनिक और प्रतिस्पर्धी खेती के दौर में किसानों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद समाधान बनकर उभरी है। केवल कड़ी मेहनत ही नहीं, बल्कि सही तकनीक और समझदारी भी अब खेती की सफलता तय करती है। लगातार बढ़ती रासायनिक खादों की कीमत, मिट्टी की गिरती उर्वरता और उत्पादन में कमी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है।

ऐसे समय में हर किसान एक ऐसे विकल्प की तलाश में है, जो कम लागत में अधिक उत्पादन दे और जमीन की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखे। FYM एक देसी, सस्ता और प्राकृतिक तरीका है, जो मिट्टी को जीवित बनाता है, फसल की गुणवत्ता सुधारता है और खेती को टिकाऊ, लाभदायक व पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।

यह भी पढ़ें- जैविक खेती कैसे करें: कम लागत में ज्यादा मुनाफा, पूरी गाइड

Table of Contents

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  • जैविक खेत यार्ड खाद क्या है? (What is organic FYM?)
  • FYM में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients Found)
  • जैविक खेत यार्ड खाद बनाने की पूरी विधि (Preparing FYM)
  • खेत में FYM का उपयोग कैसे करें? (How to Use FYM)
  • जैविक खेत यार्ड खाद की मात्रा (Quantity of Organic FYM)
  • जैविक खेत यार्ड खाद के फायदे (Benefits of Organic FYM)
  • FYM उपयोग करते समय सावधानियां (Precautions When Using)
  • FYM से उत्पादन कैसे बढ़ाएं? (Increase Production)
  • जैविक खेत यार्ड और रासायनिक खाद (FYM vs Chemical Fertilizers)
  • FYM बनाने के उन्नत तरीके (Methods for Producing FYM)
  • जैविक खेत यार्ड खाद पर निष्कर्ष (Conclusion)
  • जैविक खेत यार्ड खाद से जुड़े प्रश्न? – FAQs

जैविक खेत यार्ड खाद क्या है? (What is organic FYM?)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) एक प्राकृतिक, सस्ती और प्रभावी जैविक खाद है, जिसे मुख्य रूप से पशुओं के गोबर, मूत्र, सूखी घास, भूसा और खेत के जैविक कचरे को सड़ाकर तैयार किया जाता है।

यह खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, उसकी संरचना सुधारने और फसलों को आवश्यक पोषक तत्व धीरे-धीरे उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे खेती अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनती है।

👉 क्या आप अभी भी केवल रासायनिक खाद पर निर्भर हैं? – अपना जवाब नीचे कमेंट में जरूर बताइए।

FYM में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients Found)

जैविक खाद में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं:

नाइट्रोजन (N): नाइट्रोजन पौधों की हरी वृद्धि के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, जो पत्तियों के विकास को बढ़ाता है और फसल को स्वस्थ, हरा-भरा और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

फॉस्फोरस (P): फॉस्फोरस जड़ों के विकास और फूल-फल बनने की प्रक्रिया में सहायक होता है, जिससे पौधे की ऊर्जा बढ़ती है और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है।

पोटाश (K): पोटाश पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और सूखे या विपरीत परिस्थितियों में भी फसल को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

सूक्ष्म पोषक तत्व (जिंक, आयरन, मैग्नीशियम): ये सूक्ष्म तत्व पौधों के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक होते हैं, जो एंजाइम क्रियाओं को सक्रिय करते हैं और फसल की गुणवत्ता व उत्पादन दोनों को सुधारते हैं।

यह भी पढ़ें- सब्जियों की कार्बनिक खेती: घटक, कीटनाशी, जैविक खाद और लाभ

जैविक खेत यार्ड खाद बनाने की पूरी विधि (Preparing FYM)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) बनाने की चरण-दर-चरण विधि इस प्रकार है:

सही जगह का चयन (Selecting the Right Location)

छायादार जगह चुनें: ऐसी जगह चुनें जहाँ सीधी धूप कम पड़े, ताकि नमी बनी रहे और सड़ने की प्रक्रिया अच्छी हो।

पानी जमा न हो: स्थान ऐसा हो जहाँ बारिश या सिंचाई का पानी जमा न हो, वरना खाद खराब हो सकती है।

खेत के पास हो तो बेहतर: खेत के नजदीक स्थान चुनने से खाद को लाना-ले जाना आसान होता है और समय व श्रम बचता है।

गड्ढा तैयार करें (Preparing the Pit)

लंबाई: 10-15 फीट- गड्ढे की लंबाई इतनी रखें कि पर्याप्त मात्रा में जैविक सामग्री आसानी से जमा की जा सके।

चौड़ाई: 5-6 फीट- चौड़ाई संतुलित रखें ताकि परतें सही बनें और पलटने में अधिक कठिनाई न हो।

गहराई: 3-4 फीट: उचित गहराई रखने से सड़ने की प्रक्रिया अच्छी होती है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है।

सामग्री इकट्ठा करें (Gathering the Materials)

गाय/भैंस का गोबर: ताजा और साफ गोबर इकट्ठा करें, जो खाद बनाने का मुख्य और सबसे जरूरी आधार होता है।

मूत्र मिला हुआ बिछावन: पशुओं के नीचे बिछा हुआ सूखा पदार्थ, जिसमें मूत्र मिला हो, पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

सूखी पत्तियां, भूसा: सूखी पत्तियां और भूसा कार्बन का अच्छा स्रोत होते हैं, जो सड़ने की प्रक्रिया को संतुलित बनाते हैं।

रसोई या खेत का जैविक कचरा: सब्जियों के छिलके, पत्तियां और अन्य जैविक कचरा मिलाकर खाद को और अधिक पोषक बनाया जा सकता है।

परत बनाना (Layering the Materials)

सबसे नीचे सूखी घास: सबसे नीचे सूखी घास या भूसा बिछाएं, जिससे हवा का संचार अच्छा बना रहता है।

फिर गोबर डालें: सूखी परत के ऊपर गोबर की परत डालें, जो खाद बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।

फिर कचरा मिलाएं: गोबर के ऊपर जैविक कचरा डालें, जिससे खाद में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है।

हर परत पर पानी छिड़कें: हर परत पर हल्का पानी डालें, ताकि नमी बनी रहे और सड़ने की प्रक्रिया सही चले।

सड़ने की प्रक्रिया (Decomposition Process)

2-3 महीने तक सड़ने दें: खाद को कम से कम 2–3 महीनों तक सड़ने दें, ताकि सभी सामग्री अच्छी तरह गल जाए।

हर 20-25 दिन में पलटें: खाद को समय-समय पर पलटते रहें, जिससे हवा मिले और सड़ने की प्रक्रिया तेज हो।

नमी बनाए रखें: खाद में उचित नमी बनाए रखें, ताकि सूखने से प्रक्रिया धीमी न पड़े और गुणवत्ता बनी रहे।

तैयार खाद की पहचान (Identifying Ready-to-Use FYM)

रंग गहरा भूरा/काला: तैयार खाद का रंग गहरा भूरा या काला होता है, जो पूर्ण सड़न का संकेत देता है।

कोई बदबू नहीं: अच्छी तरह सड़ी खाद में बदबू नहीं आती, बल्कि हल्की मिट्टी जैसी प्राकृतिक सुगंध होती है।

भुरभुरी बनावट: तैयार खाद हाथ में लेने पर भुरभुरी और मुलायम लगती है, जो उपयोग के लिए उपयुक्त होती है।

👉 आपके गांव में FYM बनाने के लिए सबसे ज्यादा कौन सा कच्चा माल उपलब्ध है? – कमेंट में जरूर लिखें।

यह भी पढ़ें- मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद का प्रयोग कैसे करें

खेत में FYM का उपयोग कैसे करें? (How to Use FYM)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का उपयोग करने का सही समय और विधि है:

बुवाई से पहले: खेत की जुताई के समय FYM को समान रूप से पूरे खेत में फैलाकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें, ताकि पोषक तत्व जड़ों तक आसानी से पहुंच सकें।

खड़ी फसल में: खड़ी फसल के दौरान पौधों के आसपास FYM डालकर हल्की गुड़ाई करें, जिससे पोषक तत्व धीरे-धीरे पौधों तक पहुंचते रहें।

बागवानी में: फलदार पेड़ों के चारों ओर जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) डालें और मिट्टी में हल्का मिला दें, जिससे पेड़ों को लगातार पोषण मिलता रहे।

सब्जियों में: सब्जियों की क्यारियों में FYM अच्छी तरह मिलाएं, ताकि पौधों की शुरुआती वृद्धि मजबूत हो और उत्पादन बेहतर मिले।

जैविक खेत यार्ड खाद की मात्रा (Quantity of Organic FYM)

गेहूं/धान: गेहूं और धान जैसी मुख्य फसलों के लिए लगभग 10-15 टन प्रति हेक्टेयर FYM का उपयोग करें, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़े और बेहतर उत्पादन मिले।

सब्जियां: सब्जियों की अच्छी वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए 15-20 टन प्रति हेक्टेयर FYM मिलाना उचित रहता है, जिससे पोषण संतुलित बना रहता है।

बागवानी (फलदार पेड़): फलदार पेड़ों के लिए प्रति पेड़ लगभग 20-25 किलोग्राम FYM डालें, जिससे पेड़ों की वृद्धि, फलन और गुणवत्ता में सुधार होता है।

👉 क्या आपने कभी FYM का उपयोग किया है? अगर हाँ, तो कितना फायदा हुआ? – अपना अनुभव कमेंट में जरूर साझा करें।

जैविक खेत यार्ड खाद के फायदे (Benefits of Organic FYM)

जैविक खेत यार्ड खाद, जिसे आमतौर पर गोबर की खाद कहा जाता है, खेती के लिए किसी वरदान से कम नहीं है:

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है: FYM मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है और लंबे समय तक जमीन को उपजाऊ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पानी धारण क्षमता बढ़ाता है: यह मिट्टी की जल धारण क्षमता को बढ़ाता है, जिससे कम सिंचाई में भी फसल को पर्याप्त नमी मिलती रहती है।

पौधों की जड़ मजबूत करता है: FYM जड़ों के विकास को प्रोत्साहित करता है, जिससे पौधे मजबूत बनते हैं और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।

सूक्ष्मजीव बढ़ाता है: यह मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाता है, जो पोषक तत्वों को पौधों के लिए उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।

लागत कम करता है: जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) के उपयोग से रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है, जिससे खेती की कुल लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है।

पर्यावरण के लिए सुरक्षित: यह पूरी तरह प्राकृतिक और जैविक होने के कारण पर्यावरण, मिट्टी और जल स्रोतों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता।

यह भी पढ़ें- केंचुआ खाद क्या है?: बनाने की विधि, उपयोग और लाभ

FYM उपयोग करते समय सावधानियां (Precautions When Using)

कच्चा गोबर सीधे न डालें: अधपका या ताजा गोबर सीधे खेत में डालने से पौधों को नुकसान हो सकता है और पोषक तत्व सही से उपलब्ध नहीं होते।

पूरी तरह सड़ी खाद ही इस्तेमाल करें: हमेशा अच्छी तरह सड़ी और तैयार FYM का ही उपयोग करें, ताकि फसल को संतुलित पोषण मिल सके।

खाद को ढककर रखें: खाद को खुले में न छोड़ें, बल्कि ढककर रखें, जिससे बारिश या धूप से पोषक तत्व नष्ट न हों।

खरपतवार के बीज से बचें: खाद बनाते समय ध्यान रखें कि उसमें खरपतवार के बीज न मिलें, वरना खेत में अनावश्यक घास उग सकती है।

👉 अगर FYM इतना फायदेमंद है, तो किसान इसका कम उपयोग क्यों करते हैं? – अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

FYM से उत्पादन कैसे बढ़ाएं? (Increase Production)

FYM + वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें: FYM के साथ वर्मी कम्पोस्ट मिलाकर उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है और फसल का विकास तेज होता है।

फसल चक्र अपनाएं: हर सीजन में अलग-अलग फसलें उगाकर फसल चक्र अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन लगातार बेहतर होता है।

हरी खाद के साथ मिलाएं: हरी खाद (जैसे ढैंचा, सन) को FYM के साथ मिलाकर उपयोग करने से मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ता है और उपज में सुधार होता है।

जैविक कीटनाशक का उपयोग करें: रासायनिक कीटनाशकों के बजाय जैविक कीटनाशकों का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता सुरक्षित रहती है और फसल स्वस्थ रहती है।

यह भी पढ़ें- बायो फर्टिलाइजर क्या है?: प्रकार, उपयोग और लाभ

जैविक खेत यार्ड और रासायनिक खाद (FYM vs Chemical Fertilizers)

FYM लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है और सुरक्षित है, जबकि रसायनों का अत्यधिक प्रयोग मिट्टी के स्वास्थ्य और सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंचा सकता है:

लागत (Cost)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) स्थानीय संसाधनों से बनती है, इसलिए इसकी लागत बहुत कम होती है, जबकि रासायनिक खाद बाजार से खरीदनी पड़ती है।

असर (Effect)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का असर धीरे-धीरे लेकिन लंबे समय तक रहता है, जबकि रासायनिक खाद तुरंत असर दिखाती है लेकिन प्रभाव अस्थायी होता है।

मिट्टी पर असर (Soil Health)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) मिट्टी की संरचना और उर्वरता सुधारती है, जबकि रासायनिक खाद लगातार उपयोग से मिट्टी को कमजोर कर सकती है।

पर्यावरण (Environment)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण के लिए सुरक्षित होती है, जबकि रासायनिक खाद जल, मिट्टी और हवा को प्रदूषित कर सकती है।

👉 अगर FYM सस्ता और सुरक्षित है, तो क्या आप पूरी तरह जैविक खेती अपनाना चाहेंगे? – “हाँ” या “नहीं” में जवाब कमेंट करें।

FYM बनाने के उन्नत तरीके (Methods for Producing FYM)

NADEP कंपोस्ट: NADEP विधि में ईंटों के टैंक में गोबर, मिट्टी और जैविक कचरे की परतें बनाकर नियंत्रित तरीके से खाद तैयार की जाती है, जिससे पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।

वर्मी कम्पोस्ट: वर्मी कम्पोस्ट में केंचुओं की मदद से गोबर और जैविक कचरे को तेजी से सड़ाया जाता है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली पोषक खाद तैयार होती है।

बायोगैस स्लरी: बायोगैस प्लांट से निकलने वाली स्लरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिसे खेत में डालने से मिट्टी की उर्वरता और फसल उत्पादन बढ़ता है।

👉 आप FYM बनाना कब शुरू करेंगे – आज, कल या अगले सीजन से? – कमेंट में जरूर बताएं।

जैविक खेत यार्ड खाद पर निष्कर्ष (Conclusion)

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) किसानों के लिए एक सस्ता, भरोसेमंद और दीर्घकालिक लाभ देने वाला समाधान है, जो मिट्टी की उर्वरता को सुधारने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन को भी बढ़ाता है।

यदि किसान सही विधि से FYM का उपयोग करें, तो वे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करके खेती को अधिक टिकाऊ, लाभदायक और पर्यावरण के अनुकूल बना सकते हैं।

यह भी पढ़ें- कम्पोस्ट बनाने की विधि, उपयोग और फायदे

जैविक खेत यार्ड खाद से जुड़े प्रश्न? – FAQs

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) क्या है और किसानों के लिए क्यों जरूरी है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) एक प्राकृतिक जैविक खाद है जो गोबर, मूत्र और जैविक कचरे से बनती है, और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर लंबे समय तक बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करती है।

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) बनाने की सही और आसान विधि क्या है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) बनाने के लिए गोबर, सूखी घास और जैविक कचरे की परतें बनाकर नमी बनाए रखते हुए 2-3 महीनों तक सड़ाया जाता है, जिससे अच्छी गुणवत्ता की खाद तैयार होती है।

FYM का उपयोग करने का सबसे सही समय कौन सा होता है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का उपयोग बुवाई से पहले या खेत की जुताई के समय करना सबसे अधिक लाभकारी होता है, जिससे पोषक तत्व मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाते हैं।

FYM का उपयोग किन-किन फसलों में किया जा सकता है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का उपयोग अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जियां और बागवानी फसलों में आसानी से किया जा सकता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) मिट्टी की गुणवत्ता को कैसे सुधारती है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) मिट्टी की संरचना को भुरभुरी बनाती है, जल धारण क्षमता बढ़ाती है और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाकर उर्वरता में सुधार करती है।

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) की कितनी मात्रा खेत में डालनी चाहिए?

सामान्यतः 10-20 टन प्रति हेक्टेयर जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का उपयोग किया जाता है, लेकिन यह मिट्टी और फसल की जरूरत के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।

क्या FYM पूरी तरह रासायनिक खाद का विकल्प बन सकती है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) धीरे-धीरे पोषण प्रदान करती है, इसलिए यह रासायनिक खाद की निर्भरता कम कर सकती है, लेकिन संतुलित उपयोग से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

FYM और वर्मी कम्पोस्ट में मुख्य अंतर क्या होता है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) प्राकृतिक सड़न से बनती है, जबकि वर्मी कम्पोस्ट केंचुओं की मदद से जल्दी तैयार होती है और अधिक पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

क्या जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) से खेती की लागत कम हो सकती है?

हाँ, जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) स्थानीय संसाधनों से बनती है, जिससे किसानों को महंगी रासायनिक खाद खरीदने की जरूरत कम पड़ती है और लागत घटती है।

FYM के उपयोग से उत्पादन में कितना सुधार हो सकता है?

नियमित और सही उपयोग से मिट्टी की सेहत बेहतर होती है, जिससे उत्पादन में स्थायी और धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

FYM बनाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है?

खाद बनाते समय नमी बनाए रखना, समय-समय पर पलटना और अधपकी खाद का उपयोग न करना बहुत जरूरी होता है।

क्या जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) से पानी की बचत भी संभव है?

हाँ, जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ाती है, जिससे कम सिंचाई में भी फसल को पर्याप्त नमी मिलती रहती है।

FYM का उपयोग छोटे और सीमांत किसानों के लिए कितना फायदेमंद है?

यह कम लागत और आसानी से उपलब्ध संसाधनों से बनने वाली खाद है, इसलिए छोटे किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी और किफायती है।

FYM का असर फसल पर कितने समय तक रहता है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का असर धीरे-धीरे होता है लेकिन लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरता और उत्पादन को बनाए रखने में मदद करता है।

क्या FYM से पर्यावरण को कोई नुकसान होता है?

नहीं, जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) पूरी तरह जैविक और प्राकृतिक खाद है, जो मिट्टी, जल और वातावरण को सुरक्षित रखती है।

FYM का उपयोग बागवानी फसलों में कैसे किया जाता है?

फलदार पेड़ों के चारों ओर जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) डालकर हल्की गुड़ाई करने से पेड़ों को निरंतर पोषण मिलता है और फलन बेहतर होता है।

FYM से फसल की गुणवत्ता कैसे बेहतर होती है?

यह पौधों को संतुलित पोषण देती है, जिससे फसल का आकार, स्वाद और पोषण स्तर बेहतर होता है।

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) को स्टोर करने का सही तरीका क्या है?

जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) को छायादार स्थान पर ढककर रखना चाहिए, ताकि नमी बनी रहे और पोषक तत्व नष्ट न हों।

क्या FYM में खरपतवार उगने की संभावना होती है?

अगर अधपकी खाद का उपयोग किया जाए तो खरपतवार उग सकते हैं, इसलिए पूरी तरह सड़ी हुई जैविक खेत यार्ड खाद (FYM) का ही उपयोग करें।

FYM से खेती को लंबे समय तक टिकाऊ कैसे बनाया जा सकता है?

नियमित उपयोग से मिट्टी की सेहत सुधरती है, जिससे खेती लंबे समय तक उत्पादक, लाभदायक और पर्यावरण के अनुकूल बनी रहती है।

यह भी पढ़ें- नीम आधारित जैविक कीटनाशक कैसे बनाएं

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