अलूचा या आलूबुखारा का प्रवर्धन की प्रक्रिया जानेगे, लेकिन उससे पहले विश्व के शीतोष्ण भागों में यूरोपियन अलूचा या आलूबुखारा (पुनस डोमेस्टिका) और समशीतोष्ण भागों में जापानी अलूचा या आलूबुखारा (पुनस सैलिसिना) की कृषि काफी प्रचलित है| भारत उत्तरी मैदानी भागों में केवल जापानी अलूचा की बागवानी की जा सकती है| आलूबुखारा के पके हुए [Read More] …
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आड़ू का प्रवर्धन कैसे करें? | आड़ू के पौधे कैसे तैयार करें?
आड़ू का प्रवर्धन, आड़ू शीतोष्ण व समशीतोष्ण प्रदेशों का एक प्रसिद्ध फल है| आड़ू का फल खनिज तत्व लोहे का अच्छा स्त्रोत हैं, इसमें विटामिन ए एवं अन्य विटामिन और खनिज लवण भी अच्छी मात्रा में पाये जाते हैं| इसके फलों को ताजा खाने, पेय बनाने और अन्य फल पदार्थों के रूप में प्रयोग किया [Read More] …
चीकू का प्रवर्धन कैसे करें? | चीकू के पौधे कैसे तैयार करें?
चीकू का प्रवर्धन कैसे करें, जानेगे लेकिन उससे पहले अपने बन्धुओं को बता दें, की चीकू उष्ण अमेरिका का देशज है, और यह भारतीय फलों में गौण है| हमारे देश में यह मुख्य रूप से फल के लिए उगाया जाता है, लेकिन कुछ देशों में चीकू पेड़ के छिलके से दूध निकाला जाता है, जिसे [Read More] …
अंगूर का प्रवर्धन कैसे करें? | अंगूर के पौधे कैसे तैयार करें?
अंगूर का प्रवर्धन वानस्पतिक सख्त काष्ठ कलम से करते हैं, कलमें तैयार करने के लिए शरद ऋतु में एक वर्षीय पकी हुई टहनियों को चुनते हैं| जनवरी में जब लताओं की वार्षिक काट-छांट होती है, उस समय उनमें से 0.5 से 1.5 सेंटीमीटर मोटाई की लगभग 20 सेंटीमीटर लम्बी स्वस्थ कलमें काट कर इन्हें बंडलों [Read More] …
अमरूद का प्रवर्धन कैसे करें? | अमरूद के पौधे कैसे तैयार करें?
आज भी बहुत से स्थानों में अमरूद का प्रवर्धन बीज द्वारा होता है| परन्तु बीज द्वारा प्रसारण से वृक्षों में भिन्नता आ जाती है| इसके लिए यह ज़रूरी है कि वानस्पतिक विधि द्वारा पौधे तैयार किये जायें| अमरूद के प्रवर्धन की कई विधियाँ प्रचलन में है, जैसे- भेंट कलम, बडिंग, गूटी, स्टूलिंग इत्यादि| यद्यपि, उपरोक्त [Read More] …
नींबू वर्गीय पौधों का प्रवर्धन कैसे करें? | नींबू वर्गीय फलों की बागवानी
नींबू वर्गीय पौधों का प्रवर्धन हेतु भूमि व जलवायु को देखते हुए ओजस्विता और फलन एवं अच्छे उत्पादन के लिए उपयुक्त मूलवृन्त लेकर उस पर सम्बन्धित किस्म का उपरोपण किया जाता है| नींबू वर्गीय पौधों किन्नू और माल्टा के लिए कलिकायन उपयुक्त प्रवर्धन विधि है| इन किस्मों के बीजू पौधों से वांछित सफलता नहीं मिलती, [Read More] …





