भारतवर्ष में उगाये जाने वाले विभिन्न फलों में नींबू वर्गीय फलों का महत्वपूर्ण स्थान है| नींबू वर्गीय फलों में विटामिन-ए, बी, सी और खनिज तत्व प्रचूर मात्रा में पाये जाते हैं, विटामिन सी सभी जातियों में अधिकता से पाई जाती है| नींबू वर्गीय फलों में मौसमी, मालटा, सन्तरा और नींबू आदि प्रमुख है| उपयुक्त जलवायु [Read More] …
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गुलदाउदी की खेती: किस्में, रोपण, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
पुष्पीय पौधों में गुलदाउदी का विशिष्ठ स्थान है| गुलदाउदी की खेती की एक खास महत्वपूर्ण बात यह है, कि इसे कृत्रिम वातावरण में पॉलीहाउस के अन्दर बेमौसम उगाया जा सकता है| इसके फूल उस समय प्राप्त होते है, जब अन्य फूल बहुत कम मात्रा में मिलते हैं| गुलदाउदी शीत ऋतु का एक अत्यंत आकर्षक एवं [Read More] …
गुलदाउदी का प्रवर्धन कैसे करें | गुलदाउदी के पौधे कैसे तैयार करें
गुलदाउदी का प्रवर्धन के बारें में जानेगे, लेकिन उससे पहले आतंरिक तथा बाहरी सज्जा के लिए फूलों का अपना अलग ही महत्व है| अब चाहे फूल कैसा भी हो| गुलदाउदी के फूलों की बनावट, आकार-प्रकार और रंगों में इतनी अधिक विभिन्नता है, कि शायद ही किसी अन्य फूल में हो| इसमें सुगन्ध तो नहीं होती, [Read More] …
ग्लॅडिओलस का प्रवर्धन कैसे करें? | ग्लेडियोलस की बागवानी
ग्लॅडिओलस का प्रवर्धन जानेगे, लेकिन उससे पहले ग्लॅडिओलस सुन्दर और आकर्षक शीतकालीन फूल है| यह अपनी आकर्षक पुष्प डंडी के लिए अति लोकप्रिय है| इसके कंद से लगभग दो से तीन फुट लम्बी पुष्प डंडी निकलती है, जिस पर 12 से 18 पुष्प निकलते हैं| ग्लॅडिओलस संसार के लोकप्रिय पुष्पों में अपना विशिष्ट स्थान रखता [Read More] …
गेंदे का प्रवर्धन कैसे करें? | गेंदे के पौधे कैसे तैयार करें?
गेंदे का प्रवर्धन जानेगे, लेकिन उससे पहले गेंदा भारत में बहुत प्रचलित फूल है| हर मौके पर इस्तेमाल होने के कारण इसने सजावटी फूलों में अपना विशिष्ट स्थान बना लिया है| भारत में फूल व्यवसाय में गेंदे का स्थान महत्त्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि इसका धार्मिक और सामाजिक अवसरों पर बहुत उपयोग होता है| गेंदे [Read More] …
गुलाब का प्रवर्धन कैसे करें? | गुलाब के पौधे कैसे तैयार करें?
गुलाब को फूलों का राजा माना जाता है| भारत के तथा विश्व के प्रायः सभी भागों में गुलाब का उत्पादन होता है| पुराने समय से तथा वर्तमान समय में भी इसका अपने सौंदर्य तथा सुगंध के कारण इसका महत्व रहा है| इसका उपयोग इत्र, गुलाब जल तथा गुलकन्द के बनाने में किया जाता है| इसके [Read More] …





