मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil health card), हमारा भारत एक कृषि प्रधान देश है, जिसकी लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मुख्य भूमिका है| पीछे के अनुसार देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 14 से 15 प्रतिशत कृषि एवं [Read More] …
Agriculture
धान की पराली जलाने से होने वाले नुकसान और वैकल्पिक उपयोग
पराली दहन (Stubble combustion), जानकारी और अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार देश भर में हर वर्ष 50 करोड़ टन से अधिक धान की पराली निकलती है, जिसमें से 36 करोड़ टन धान की पराली का उपयोग पशु चारे के रूप में और शेष 14 करोड़ टन पराली खेत में जला दी जाती है| आपकी जानकारी के [Read More] …
मिट्टी परीक्षण क्यों और कैसे करें: जाने आवश्यकता, महत्व और विधि
हम एक कृषि प्रधान देश है और आज भी लगभग 70 प्रतिशत आबादी जीवन निर्वहन के लिए खेती पर निर्भर है| फसल उत्पादन में मिट्टी अत्यन्त आवश्यक घटक है, जो पौधों को पोषण प्रदान करती है| इसलिये आवश्यक है, कि मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा हो और पौधों को आवश्यक तत्व उपलब्ध हो व जीवाणु वृद्धि [Read More] …
सुरक्षित अन्न भण्डारण कैसे करें: जाने सुझाव, उपाय और प्रबंधन
सुरक्षित अन्न भण्डारण, अन्न उत्पादन में भारत एक अग्रणी देश है। हरित क्रांति के पश्चात् आई उत्पादन वृद्धि की बाढ़ ने हमें न केवल अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम बनाया अपितु निर्यात के क्षेत्र में भी हमें अद्वितीय पहचान दिलाई है| इतना प्रगतिशील होने के पश्चात् भी हमारे देश में अधिकांश अन्न का [Read More] …
उत्तम फसलोत्पादान के मूल मंत्र: जाने कृषि के आधुनिक तरीके
उत्तम फसलोत्पादन के लिए आमतौर पर छोटे किसान वैज्ञानिक विधियों का ध्यान नहीं रखते और बीज, खाद, जुताई, बुआई, सिंचाई इत्यादि क्रियाओं में छोटी-छोटी किन्तु महत्वपूर्ण बातों को नजर अन्दाज कर देते हैं, जिससे न तो उत्तम पैदावार मिलती है तथा न ही उत्तम गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद ही मिल पाते हैं| कटाई के बाद [Read More] …
जौ के प्रमुख कीट की रोकथाम कैसे करें | जौ में कीट नियंत्रण के उपाय
जौ के प्रमुख कीट और रोकथाम जौ घास परिवार में रबी फसल के रूप में उगाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अनाज हैं तथा इसे भारत के उत्तर मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाया जाता हैं| वर्तमान में जौ दुनिया में चौथे स्थान पर (गेहूं, चावल और मक्का के बाद) उगाई जाने वाली औषधीय और पौष्टिक [Read More] …





