राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा

राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम

राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा (Rajasthan Public Service Commission Preliminary Exam) राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएँ संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का प्रथम और बहुत ही महत्वपूर्ण चरण है| राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा एक स्क्रीनिंग परीक्षा है, जिसमें 200 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होते हैं|

मूल रूप से स्क्रीनिंग टेस्ट का अर्थ है कि प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त किए गए अंकों को अंतिम आरपीएससी आरएएस (RPSC RAS) परीक्षा मेरिट सूची की तैयारी के समय में नहीं गिना जाता है| प्रारंभिक परीक्षा आरपीएससी आरएएस परीक्षा का पहला फ़िल्टर है| राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का मानक स्नातक स्तर का है|

जिन विषयों से प्रश्नपत्र में प्रश्न पूछे जाते हैं वे सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान होते हैं| इच्छुक उम्मीदवारों की जानकारी के लिए इस लेख में राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा अंकन योजना, पैटर्न और पाठ्यक्रम का विस्तार से उल्लेख किया गया है|

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पैटर्न और अंकन योजना

प्रारम्भिक परीक्षा में नीचे विनिर्दिष्ट विषय पर एक प्रश्न-पत्र होगा, जो वस्तुनिष्ठ प्रकार का होगा और अधिकतम 200 अंको का होगा| जैसा की परीक्षा का उद्देश्य केवल स्क्रीनिंग परीक्षण करना है| प्रश्नपत्र का स्तरमान स्नातक डिग्री स्तर का होगा| ऐसे अभ्यर्थियों द्वारा, जो मुख्य परीक्षा में प्रवेश के लिए अर्हित घोषित किये गये हो, प्रारम्भिक परीक्षा में प्राप्त अंको को उनका अंतिम योग्यता क्रम अवधारित करने के लिए संगणित नहीं किया जायेगा| राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा अंकन योजना और पैटर्न संरचना निम्न है, जैसे-

प्रश्न-पत्र  विषय  अधिकतम अंक  समय अवधि 
I सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान 200 तीन घंटे

1. प्रश्न पत्र में बहुविकल्पीय प्रकार के 150 प्रश्न होंगे व सभी प्रश्न समान अंक के होंगे|

2. मूल्यांकन में ऋणात्मक अंकन किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे|

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परीक्षा पाठ्यक्रम 

प्रीलिम्स परीक्षा के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पाठ्यक्रम सामान्य रूप से सामान्य अध्ययन पाठ्यक्रम से सभी महत्वपूर्ण विषयों का मिश्रण है| उम्मीदवारों को राजस्थान से संबंधित विषयों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है क्योंकि राज्य स्तर के मुद्दों से संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं|

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) सिलेबस इस मायने में अनूठा है कि आरएएस प्रीलिम्स परीक्षा में केवल एक पेपर होता है और उम्मीदवारों को केवल एक पेपर पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है| आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पाठ्यक्रम को विभिन्न खंडों में विभाजित किया गया है| विवरण निम्नानुसार हैं, जैसे-

राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत

1. राजस्थान के इतिहास की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं, प्रमुख राजवंश,उनकी प्रशासनिक व राजस्व व्यवस्था | सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे

2. स्वतंत्रता आन्दोलन, जनजागरण व राजनीतिक एकीकरण

3. स्थापत्य कला की प्रमुख विशेषताएँ- किले एवं स्मारक

4. कलाएँ, चित्रकलाएँ और हस्तशिल्प

5. राजस्थानी साहित्य की महत्त्वपूर्ण कृतियाँ, क्षेत्रीय बोलियाँ

6. मेले, त्यौहार, लोक संगीत एवं लोक नृत्य

7. राजस्थानी संस्कृति, परम्परा एवं विरासत

8. राजस्थान के धार्मिक आन्दोलन, संत एवं लोक देवता

9. महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व|

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भारत का इतिहास

प्राचीनकाल एवं मध्यकाल-

1. प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

2. कला, संस्कृति, साहित्य एवं स्थापत्य

3. प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक सामाजिक व आर्थिकव्यवस्था | सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे, प्रमुख आन्दोलन|

आधुनिक काल-

1. आधुनिक भारत का इतिहास (18वीं शताब्दी के मध्य से वर्तमान तक)- प्रमुख घटनाएँ, व्यक्तित्व एवं मुद्दे

2. स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन- विभिन्न अवस्थाएँ, इनमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के योगदानकर्ता एवं उनका योगदान

3. 19वीं एवं 20वीं शताब्दी में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्दोलन

4. स्वातंत्र्योत्तर काल में राष्ट्रीय एकीकरण एवं पुनर्गठन|

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विश्व एवं भारत का भूगोल

विश्व का भूगोल-

1. प्रमुख भौतिक विशेषताएँ

2. पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय मुद्दे

3. वन्य जीव-जन्तु एवं जैव-विविधता

4. अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग

5. प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र|

भारत का भूगोल-

1. प्रमुख भौतिक विशेषताएं और मुख्य भू-भौतिक विभाजन

2. कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियाँ

3. खनिज-लोहा, मैंगनीज, कोयला, खनिज तेल और गैस, आणविक खनिज

4. प्रमुख उद्योग एवं औद्योगिक विकास

5. परिवहन-मुख्य परिवहन मार्ग

6. प्राकृतिक संसाधन

7. पर्यावरणीय समस्याएँ तथा पारिस्थितिकीय मुद्दे|

राजस्थान का भूगोल-

1. प्रमुख भौतिक विशेषताएं और मुख्य भू-भौतिक विभाग

2. राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन

3. जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन, वन्य जीव-जन्तु एवं जैव-विविधता

4. प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ

5. खान एवं खनिज सम्पदाएँ

6. जनसंख्या

7. प्रमुख उद्योग एवं औद्योगिक विकास की सम्भावनाएँ|

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भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली

संवैधानिक विकास एवं भारतीय संविधान-

भारतीय शासन अधिनियम- 1919 एवं 1935, संविधान सभा, भारतीय संविधान की प्रकृति, प्रस्तावना (उद्देश्यिका), मौलिक अधिकार, राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत, मौलिक कर्तव्य, संघीय ढांचा, संवैधानिक संशोधन, आपातकालीन प्रावधान, जनहित याचिका और न्यायिक पुनरावलोकन|

भारतीय राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन-

1. भारत राज्य की प्रकृति, भारत में लोकतंत्र, राज्यों का पुनर्गठन, गठबंधन सरकारें, राजनीतिक दल, राष्ट्रीय एकीकरण

2. संघीय एवं राज्य कार्यपालिका, संघीय एवं राज्य विधान मण्डल, न्यायपालिका

3. राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, योजना आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद, मुख्य सर्तकता आयुक्त, मुख्य सूचना आयुक्त, लोकपाल एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

4. स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज|

लोक नीति एवं अधिकार-

1. लोक कल्याणकारी राज्य के रूप में राष्ट्रीय लोकनीति

2. विभिन्न विधिक अधिकार एवं नागरिक अधिकार-पत्र|

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राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था

1. राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य विधानसभा, उच्च न्यायालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग, जिला प्रशासन, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सूचना आयोग

2. लोक नीति, विधिक अधिकार एवं नागरिक अधिकार-पत्र|

अर्थशास्त्रीय अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था

अर्थशास्त्र के मूलभूत सिद्धान्त-

1. बजट निर्माण, बैंकिंग, लोक-वित्त, राष्ट्रीय आय, संवृद्धि एवं विकास का आधारभूत ज्ञान

2. लेखांकन- अवधारणा, उपकरण एवं प्रशासन में उपयोग

3. स्टॉक एक्सचेंज एवं शेयर बाजार

4. राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियाँ

5. सब्सिडी, लोक वितरण प्रणाली

6. इ-कॉमर्स

7. मुद्रास्फीति- अवधारणा, प्रभाव एवं नियंत्रण तंत्र|

आर्थिक विकास एवं आयोजन-

1. पंचवर्षीय योजना-लक्ष्य, रणनीति एवं उपलब्धियाँ

2. अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र :- कृषि, उद्योग, सेवा एवं व्यापार, वर्तमान स्थिति, मुद्दे एवं पहल

3. प्रमुख आर्थिक समस्याएं एवं सरकार की पहल, आर्थिक सुधार एवं उदारीकरण|

मानव संसाधन एवं आर्थिक विकास-

1. मानव विकास सूचकांक

2. गरीबी एवं बेरोजगारी-अवधारणा, प्रकार, कारण, निदानएवं वर्तमान फ्लेगशिप योजनाएं

3. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता-कमजोर वर्गों के लिए प्रावधान|

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राजस्थान की अर्थव्यवस्था

1. अर्थव्यवस्था का वृहत् परिदृश्य

2. कृषि, उद्योगव सेवा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे

3. संवृद्धि, विकास एवं आयोजना

4. आधारभूत संरचना एवं संसाधन

5. प्रमुख विकास परियोजनायें

6. कार्यक्रम एवं योजनाएँ- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यकों, निःशक्तजनों, निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, कृषकों एवं श्रमिकों के लिए राजकीय कल्याणकारी योजनाएँ|

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

1. विज्ञान के सामान्य आधारभूत तत्व

2. इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी

3. उपग्रह एवंअंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

4. रक्षा प्रौद्योगिकी

5. नैनो-प्रौद्योगिकी

6. मानव शरीर, आहार एवं पोषण, स्वास्थ्य देखभाल

7. पर्यावरणीय एवं पारिस्थिकीय परिवर्तन एवं इनके प्रभाव

8. जैव-विविधता, जैव-प्रौद्योगिकी एवं अनुवांशिकीय अभियांत्रिकी

9. राजस्थान के विशेष संदर्भ में कृषि विज्ञान, उद्यान-विज्ञान, वानिकी एवं पशुपालन

10. राजस्थान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास|

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तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता

तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक)-

1. कथन एवं मान्यतायें, कथन एवं तर्क, कथन एवं निष्कर्ष, कथन-कार्यवाही

2. विश्लेषणात्मक तर्क क्षमता|

मानसिक योग्यता-

संख्या श्रेणी, अक्षर श्रेणी, बेमेल छांटना, कूटवाचन (कोडिंग-डीकोडिंग), संबंधों, आकृतियों एवं उनके उपविभाजन से जुडी समस्याएँ|

आधारभूत संख्यात्मक दक्षता-

1. गणितीय एवं सांख्यकीय विश्लेषण का प्रारम्भिक ज्ञान

2. संख्या से जुड़ी समस्याएँ व परिमाण का कम, अनुपात तथा समानुपात, प्रतिशत, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज,आंकडों का विश्लेषण (सारणी, दण्ड–आरेख, रेखाचित्र, पाई-चार्ट)

समसामयिक घटनाएं

1. राजस्थान राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे

2. वर्तमान में चर्चित व्यक्ति एवं स्थान

3. खेल एवं खेलकूद संबंधी गतिविधियां|

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