अरहर खरीफ की मुख्य फसल है| यह कम सिंचाई और बरानी क्षेत्रों के लिए उत्तम फसल मानी जाती है| अरहर को मिश्रित फसल के रूप में अन्य किसी फसल के साथ उगाकर अतरिक्त लाभ लिया जा सकता है| दलहनी फसल होने के कारण यह मिटटी की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ती है| इसमें कार्बोहाइड्रेट, कैल्सियम, [Read More] …
ग्वार की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, प्रबंधन, देखभाल और पैदावार
दलहनी फसलों में ग्वार का भी विशेष योगदान है| यह फसल राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि प्रदेशों में ली जाती हैं| भारत में ग्वार के क्षेत्रफल और उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान राज्य अग्रणी है| ग्वार के गोंद को विदेशों में निर्यात किया जाता है| इसके दाने मे 18 प्रतिशत प्रोटीन, 32 प्रतिशत रेशा [Read More] …
तिल की खेती कैसे करें: कम लागत में ज्यादा मुनाफे वाली खेती
भारत में तिल की खेती सदियों से की जाती रही है। तिल को “तिलहन फसलों की रानी” भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है। तिल का उपयोग तेल, मिठाइयों, आयुर्वेदिक दवाइयों और पूजा-पाठ तक में किया जाता है। यही कारण है कि किसान भाइयों के लिए तिल की खेती [Read More] …
ज्वार की खेती कैसे करें: बुवाई, सिंचाई, उपज और मुनाफे की गाइड
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां के किसानों की आय का मुख्य स्रोत खेती है। बदलते मौसम, पानी की कमी और बढ़ती लागत के कारण किसान अब ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं जो कम खर्च में अधिक उत्पादन दें। ऐसी ही एक बेहतरीन फसल है – ज्वार (Sorghum)। ज्वार की खेती [Read More] …
मोठ की खेती कैसे करें: कम लागत में अधिक उत्पादन और कमाई
भारत के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों के लिए मोठ की खेती किसी वरदान से कम नहीं मानी जाती। कम पानी, कम लागत और अच्छी बाजार मांग के कारण यह फसल किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। खासतौर पर राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के किसान बड़े पैमाने पर [Read More] …
मूंग की खेती कैसे करें : अधिक उत्पादन और मुनाफे की जानकारी
भारत में दलहनी फसलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और उनमें भी मूंग की खेती किसानों के लिए कम समय में अच्छा लाभ देने वाली फसल बन चुकी है। मूंग न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है बल्कि कम पानी और कम लागत में शानदार उत्पादन भी देती है। यही कारण है कि आज [Read More] …





