टमाटर (Tomato) भारत में पुरे वर्ष उगाई जाने वाली महत्वपूर्ण फसल है| अपने पोषक गुणों और विविध उपयोगो के कारण टमाटर सबसे महत्वपूर्ण सब्जी वाली फसल है| बहुत से लोग तो टमाटर के बिना सब्जी की कल्पना भी नही कर सकते| इसमें भरपूर मात्रा में कैल्सियम, फास्फोरस और विटामिन सी पाए जाते है| यह एसिडिटी [Read More] …
प्याज की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, प्रबंधन, देखभाल और पैदावार
प्याज (Onion) दैनिक जीवन में रोजमर्रा की चीज है| प्याज की खेती आमतौर पर मैदानी व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में रबी के समय की जाती है| जबकि कई क्षेत्रों में खरीफ में भी इसकी खेती की जाती है| यह एक महत्वपूर्ण व्यवसायिक फसल है| भारत के प्याज की मांग विदेशों में भी अच्छी है| इसलिए [Read More] …
आलू की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, प्रबंधन, देखभाल और पैदावार
भारत में आलू (Potato) का उत्पादन मुख्यतः सब्जी के लिए किया जाता है| यहाँ कुल उत्पादन का करीब नब्बे प्रतिशत सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाता है| सब्जी के अलावा इसका उपयोग डॉइस, रवा, आटा, फलेक, चिप्स, फ्रेंच फ्राई, बिस्कुट इत्यादि बनाने में किया जाता है| इसके अतिरिक्त इस से अच्छे प्रकार का स्टार्च, [Read More] …
भिंडी की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, प्रबंधन, देखभाल और पैदावार
भिंडी (Lady finger) की खेती: यह एक लोकप्रिय सब्जी है| सब्जियों में भिन्डी (Okra) का प्रमुख स्थान है, जिसे लोग लेडीज फिगर या ओकरा के नाम से भी जानते हैं| भिंडी की अगेती फसल लगाकर किसान भाई अधिक लाभ अर्जित कर सकते है| मुख्य रुप से भिंडी में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज लवणों जैसे कैल्शियम, फास्फोरस [Read More] …
सोयाबीन की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, प्रबंधन, देखभाल, पैदावार
सोयाबीन खरीफ की फसल है| सोयाबीन (Soybean) जिव पोषण और स्वास्थ्य के लिए उपयोगी खाद्य पदार्थ है, जिसके अंदर कार्बोहाइड्रेट 21 प्रतिशत, वसा 22 प्रतिशत, प्रोटीन 33 प्रतिशत और 12 प्रतिशत नमी होती है| इसलिए हम कह सकते है की सोयाबीन मानव जीवन के लिए कितना उपयोगी खाद्य पदार्थ है| सोयाबीन भारत की सबसे महत्वपूर्ण [Read More] …
गन्ना की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, प्रबंधन, देखभाल और पैदावार
गन्ना (Sugarcane) एक प्रमुख व्यवसायिक फसल है, विषम परिस्थितियां भी इसकी फसल को बहुत अधिक प्रभावित नहीं कर पाती इन्ही विशेष कारणों से गन्ना की खेती अपने आप में सुरक्षित और लाभ की खेती मानी जाती है| इसकी अधिक पैदावार वैज्ञानिक तकनीक व कुशल सस्य प्रबंधन के माध्यम से ही संभव है| इस लेख में [Read More] …





