स्ट्रॉबेरी का वानस्पतिक नाम फ्रेगेरिया अननासा है| यह रोजेसी कुल का सदस्य है| इसका पौधा शाकीय, छोटा, कोमल तथा बहुवर्षीय होता है| इसका तना नाममात्र का तथा पूर्ण विकसित त्रिपत्री पत्तियां होती हैं| यह दो अन्य प्रजातियों (फ्रेगेरिया चिलयोनसिस एवं फ्रेगेरिया बरजीनियाना) के प्राकृतिक संकरण से विकसित किया गया है| स्ट्रॉबेरी के फल बडे लुभावने, [Read More] …
अंगूर की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
अंगूर की बागवानी लगभग पूरे भारतवर्ष में सभी क्षेत्रों में की जा सकती है| अंगूर के फल स्वादिष्ट तथा स्वास्थ्य के हितकारी होने के कारण इसकी बागवानी की महत्ता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है| पिछले दो से तीन वर्षों में इसके क्षेत्रफल में काफी तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हुई है| उत्पादन के आधार पर दक्षिण [Read More] …
नींबू की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
लेमन व लाइम नींबू वर्गीय फलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है| भारतवर्ष में लेमन व लाइम की बागवानी लगभग हर क्षेत्र में की जा रही है| नींबू के उत्पादन में आन्ध्रप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा व पंजाब का मुख्य योगदान है| वर्ष भर फलों की उपलब्धता, प्रसंस्करण उद्योग में उपयोगिता विटामिन व [Read More] …
संतरे की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
संतरे की खेती एक नींबूवर्गीय फल है, जो भारत में उगाई जाती है| नींबूवर्गीय फलों में से 50 प्रतिशत संतरे की खेती की जाती है| भारत में संतरा और माल्टा की खेती व्यवसाय के लिए उगाई जाती है| देश के केंद्रीय और पश्चिमी भागों में संतरे की खेती का विस्तार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा [Read More] …
अनार की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
अनार उष्णकटिबंधीय एवं उप-उष्ण कटिबंधीय प्रदेशों की एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक फल वाली फसल है| इसका उत्पति स्थान ईरान है| अनार पौष्टिक गुणों से परिपूर्ण, स्वादिष्ट, रसीला एवं मीठा फल है| जिसे देश के शुष्क वातावरण वाले क्षेत्रों में सफलता पूर्वक उगाया जा सकता है| हमारे देश में इसकी खेती मुख्य रुप से महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, [Read More] …
आंवला की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
आंवला एक महत्वपूर्ण व्यापारिक महत्व का फल वृक्ष है| औषधीय गुण व पोषक तत्वों से भरपूर आंवले के फल प्रकृति की एक अभूतपूर्व देन है| इसका वानस्पतिक नाम एम्बलिका ओफीसीनेलिस है| आंवला के फलो में विटामिन ‘सी’ (500 से 700 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम) तथा कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेश्यिम व शर्करा प्रचुर मात्रा में पायी जाती [Read More] …





