• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Dainik Jagrati

जानकारी, अवसर और सफलता का विश्वसनीय साथी

  • Agriculture
  • Career & Education
  • Health
  • Govt Schemes
  • Business & Earning
  • Guest Post

सरसों की फसल में शाखाओं की छंटाई जाने एक लाभदायक तकनीक

दिसम्बर 30, 2024 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

सरसों की फसल में शाखाओं की छंटाई जाने एक लाभदायक तकनीक

सरसों की फसल तेल एवं प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत होने की दृष्टि से दुनिया भर में सरसों की फसल का या उत्पादन बढ़ रहा है| इसका उत्पादन क्षेत्र 6.83 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 29.83 मिलियन हेक्टेयर हो गया साथ ही साथ इसकी पैदावार 4.5 मिलियन टन से बढ़कर 49.82 मिलियन टन हो गयी है| [Read More] …

क्षारीय पानी का खेती में स्थायी और सुरक्षित उपयोग कैसे करें

दिसम्बर 30, 2024 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

क्षारीय पानी का खेती में स्थायी और सुरक्षित उपयोग कैसे करें

क्षारीय जल (Alkaline water) में उपस्थित धनायनों में कैल्शियम एवं मैग्नीशियम की अपेक्षा सोडियम आयन अधिक मात्रा में होता है और ऋणायनों में कार्बोनेट तथा बाई कार्बोनेट आयनों की मात्रा क्लोराइड एवं सल्फेट आयन की तुलना में अधिक होती है, यानि की ऐसे जल में सोडियम कार्बोनेट और सोडियम बाई कार्बोनेट लवणों की प्रचुरता होती [Read More] …

लवणीय एवं क्षारीय जल का खेती में सुरक्षित उपयोग कैसे करें

दिसम्बर 30, 2024 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

लवणीय एवं क्षारीय जल का खेती में सुरक्षित उपयोग कैसे करें

लवणीय एवं क्षारीय निम्न गुणवत्ता वाला जल, वह जल है, जो कुछ निश्चित गुण रखता है| जिसके कारण उसका कृषि में उपयोग करने पर वह कुछ समस्या पैदा कर देता है, जैसे मृदा की लवणीय एवं क्षारीय को बढ़ा देना, पैदावार को घटा देना इत्यादि| निम्न गुणवत्ता वाले जल में लवणीय एवं क्षारीय जल, औद्योगिक [Read More] …

फसलों या पौधों में जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए खादें

दिसम्बर 30, 2024 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

फसलों या पौधों में जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए खादें

समस्त जीवधारियों की तरह फसलों या पौधों को भी भोजन की आवश्यकता होती है, परन्तु पौधे इसके लिए किसी बाहयकरण कारक पर निर्भर नहीं हैं| प्रकृति में फसलों या पौधों में यह क्षमता पाई जाती है, कि वे अपने भोजन का निर्माण स्वयं कर सकते हैं| फसलों या पौधों के लिए आवश्यक खनिज तत्वों की [Read More] …

मूंग की बसंतकालीन खेती: किस्में, बुवाई, खाद तत्व, देखभाल, उपज

दिसम्बर 30, 2024 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

मूंग की बसंतकालीन खेती

मूंग की बसंतकालीन उन्नत खेती, संसार में दलहनी फसलों का सबसे अधिक क्षेत्रफल भारत में है| फसल पद्धतियों के विकास में दलहनी फसलों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है| एक और ये भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती हैं, दूसरी और पोषक आहार के रूप में दाल हमारे भोजन का प्रमुख हिस्सा है| दाल के [Read More] …

जीवामृत बनाने की विधि: सामग्री, उपयोग, प्रभाव और फायदे

फ़रवरी 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

जीवामृत बनाने की विधि

जीवामृत, वर्तमान में खेती आमतौर पर विदेशों से आयातित या अपने देश में निर्मित कृषि रसायनों पर आधारित है| परिणाम स्वरूप खेती निरन्तर महंगी, विषाक्त जल एवं वातावरण प्रदूषण की समस्या भयावह होती जा रही है| कृषि रसायन के अंधाधुंध उपयोग के कारण भूमि में जीवान्श (जैविक कार्बन) की कमी होती जा रही है| देश [Read More] …

  • « Go to Previous Page
  • Page 1
  • Interim pages omitted …
  • Page 293
  • Page 294
  • Page 295
  • Page 296
  • Page 297
  • Interim pages omitted …
  • Page 390
  • Go to Next Page »

Primary Sidebar

  • Facebook
  • Instagram
  • LinkedIn
  • Twitter
  • YouTube

श्रेणियां

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact Us
  • Sitemap

Copyright@Dainik Jagrati