हमारे देश का लगभग 55 से 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र बारानी क्षेत्रों या असिंचित है और भारतीय अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है| भारतीय उपमहाद्वीप में लगभग 70 प्रतिशत वर्षा दक्षिण-पश्चिमी मानसून के समय मात्र चार महीने में होती है| इस वर्षा का वितरण असमान होता है| देश के 13 राज्यों के [Read More] …
रबी फसलों में सिंचाई प्रबंधन कैसे करें?: अधिक उत्पादन हेतु
रबी फसलों में सिंचाई की आवश्यकता, पौधों की उचित वृद्धि और विकास के लिए कृत्रिम विधि से पानी देना ही सिंचाई कहलाता है| जैसा कि हम जानते हैं, कि मानव, पशुओं तथा पौधों के जीवन के लिए पानी बहुत महत्वपुर्ण होता है और पानी के बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नामुमकिन है| जल [Read More] …
रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन कैसे करें: अधिक उत्पादन हेतु
रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन, हमारे देश में रबी ऋतु में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं, जिनमें से मुख्य खाद्य फसलें गेहूं एवं जौ हैं तथा दलहनी फसलों के अन्तर्गत चना, मसूर एवं मटर आते हैं| रबी फसलों में तिलहनी फसलों में तिल, सरसों और कुसुम तथा चारे की फसलों में जई, [Read More] …
जड़ वाली सब्जियों के बीज का उत्पादन कैसे करें: जाने उत्तम विधि
जड़ वाली सब्जियों के बीज उत्पादन के लिए इन सब्जियों को दो अलग-अलग समूहों में बांटा गया है| एशियाटिक या उष्णकटिबंधीय समूह और युरोपियन या शीतोष्ण समूह| युरोपियन समूह में शीतकालीन किस्में आती है, जिनका बीज उत्पादन पहाड़ी इलाकों में ही सभंव होता है| जबकि मूली, शलगम व गाजर की अर्द्धउष्णीय या एशियाटिक किस्मों का [Read More] …
जड़ वाली सब्जियों की खेती: किस्में, बुवाई, देखभाल और उत्पादन
जड़ वाली सब्जियों में मूली, शलगम, गाजर और चुकंदर प्रमुख है| इनकी खनिज क्रियाओं में पर्याप्त समानता है, ये ठंडे मौसम की फसलें है और सभी भूमिगत होती है| जड़ वाली सब्जियों में हमें पौष्टिक तत्व, शर्करा, सुपाच्य रेशा, खनिज लवण, विटामिन्स एवं कम वसा प्राप्त होती है| इन जड़ वाली सब्जियों का उपयोग सब्जी [Read More] …
अमरूद के बागों में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कैसे करें
अमरूद के बागों या पौधों से नियमित और अच्छी उपज लेने के लिए यह आवश्यक होता है, कि उन्हें स्वस्थ और अच्छी हालत में रखा जाये| किसी भी पौधे को स्वस्थ रखने के लिए अनेक बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जैसे- मिट्टी को अच्छी दशा में रखना जिससे उसकी उर्वरता दीर्घकाल तक बनी रहे, [Read More] …





