खीरे की फसल से अधिकतम उपज प्राप्त करने के लिए किसानों को अपने क्षेत्र की प्रचलित और अधिकतम उपज वाली किस्मों का चयन करना जरूरी है| क्योंकि खीरे को ज्यादातर व्यवसायिक खेती के तौर पर उगाया जाता है| हमारे देश में खीरे की खेती जायद और खरीफ दोनों ऋतुओं में की जाती है| जबकि ग्रीन [Read More] …
मटर की जैविक खेती: किस्में, बुवाई, खाद, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
मटर की जैविक खेती उत्पादन की एक पद्धति है, जिसमें फसलों के उत्पादन हेतु प्राकृतिक संसाधनों यानी की गोबर की सड़ी खाद, जैव उर्वरक का प्रयोग मटर आदि फसलों के पादप पोषण एवं रसायन रहित कीट, रोग या खरपतवार नियंत्रण के लिए किया जाता है, अर्थात् जैविक खेती में रासायनिक खादों, कीट रोग एवं वृद्धिकारक [Read More] …
मटर के प्रमुख रोग एवं कीट और उनकी जैविक रोकथाम कैसे करें
मटर रबी फसलों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है| मटर की फसल के प्रमुख रोग एवं कीट की रोकथाम आवश्यक है| जिससे की उत्पादकों को इसकी फसल से इच्छित उपज प्राप्त हो सके मटर के रोगों में पाउडरी मिल्ड्यू, एसकोकाईटा ब्लाईट, फ्यूजेरियम विल्ट, सफेद विगलन, डाउनी मिल्ड्यू, रस्ट, जीवाणु अंगमारी, मौजेक और अगेता भूरापन आदि [Read More] …
मटर का बीज उत्पादन कैसे करें? | मटर का बीज कैसे तैयार कैसे करें?
दाल वाली सब्जियों में मटर एक प्रमुख फसल है| दलहनी फसल होने के कारण यह भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती है| इसकी हरी फलियों का प्रयोग सब्जियों के लिए तथा हरे बीजों को परिरक्षण द्वारा डिब्बा बंदी (कैनिंग) करके बेमौसम में खाने के लिए प्रयोग किया जाता है| यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन तथा खनिज [Read More] …
मटर की फसल के कीट एवं रोग और उनका नियंत्रण कैसे करें
अच्छी उपज के लिए मटर की फसल के कीट एवं रोग की रोकथाम जरूरी है| मटर की फसल को मुख्य रोग जैसे चूर्णसिता, एसकोकाईटा ब्लाईट, विल्ट, बैक्टीरियल ब्लाईट और भूरा रोग आदि हानी पहुचाते है| जबकि कीटों में तना बेधक मक्खी, पत्ती सुरंगक और फली बेधक आदि प्रमुख हानिकारक कीट नुकसान पहुंचाते है| यदि किसान [Read More] …
मटर की उन्नत किस्में | मटर की सबसे अच्छी किस्में कौन सी है?
रबी की दलहनी फसलों में मटर का प्रमुख स्थान है| अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए मटर की उन्नत किस्मों को ही उपयोग में लाना चाहिए| इसके साथ-साथ अपने क्षेत्र की प्रचलित और अधिकतम पैदावार देने वाली तथा विकार रोधी किस्म का चयन करना चाहिए| ताकि उत्पादकों को अधिकतम उत्पादन प्राप्त हो सके| इस लेख [Read More] …





