• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Dainik Jagrati

Agriculture, Health, Career and Knowledge Tips

  • Agriculture
  • Career & Education
  • Health
  • Govt Schemes
  • Business & Earning
  • Guest Post

लीची के पौधे कैसे तैयार करें? | लीची के पौधे तैयार करने की विधियां?

February 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

लीची के पौधे कैसे तैयार करें?

लीची के पौधे बीज तथा कायिक प्रवर्धन द्वारा तैयार किये जा सकते हैं| बीज से तैयार पौधों में फलत 10 से 15 वर्ष बाद आती है, जो गुणों में भी अपने मातृ पौधे के समान नहीं होते तथा गुणवत्ता भी अच्छी नहीं पायी जाती है| गुणवत्ता बनाये रखने और जल्दी फलत प्राप्त करने के लिए [Read More] …

लीची में कीट एवं रोग नियंत्रण कैसे करें; जानिए समेकित उपाय

February 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

लीची में कीट एवं रोग नियंत्रण कैसे करें

लीची के बागों में विभिन्न प्रकार के कीटों और रोगों का प्रकोप होता है| जिससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होती है| अतः बागवानों को लीची में समय-समय पर लगने वाले कीट एवं रोगों के बारे में जानकारी होना आवश्यक हो जाता है| ताकि समय पर लीची में प्रभावी प्रबंधन किया जा सके और फलों को [Read More] …

लीची की उन्नत किस्में | लीची की सबसे अच्छी किस्में कौन सी है?

February 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

लीची की उन्नत किस्में | लीची की सबसे अच्छी किस्में कौन सी है?

हमारे देश में उगायी जाने वाली लीची की लगभग 40 प्रजातियां हैं| किन्तु व्यावसायिक स्तर पर उत्तरी भारत में शाही, चाईना, रोज सेन्टेड, कस्बा एवं पूरवी आदि किस्मों की खेती अधिक की जाती है| इनके अतिरिक्त अर्ली बेदाना, लेट बेदाना, देशी, लौंगिया एवं कसैलिया की खेती भी छोटे स्तर पर देश के सभी क्षेत्रों में [Read More] …

सेब में कीट एवं रोग नियंत्रण कैसे करें: जाने उन्नत उत्पादन हेतु

February 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

सेब में कीट एवं रोग नियंत्रण कैसे करें

सेब के बागों या फलों को अनेक कीट व रोग हानी पहुंचाते है| सेब के कीटों में सैन जोस स्केल, सेब का रूईदार तेला, फूलों के कीट, पत्ता मोडक तथा फल खुरचने वाले कीट, सेब का फल पतंगा और छेदक कीट आदि प्रमुख है| वहीं रोगों में नर्सरी पौधों का अंगमारी, हेयरी रूट, श्वेत जड़ [Read More] …

सेब के विकार और उनका प्रबंधन कैसे करें; जानिए अधिक उपज हेतु

February 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

सेब के विकार एवं उनका प्रबंधन कैसे करें

जिस प्रकार सेब के बागो को अनेक प्रकार के कीट एवं रोग हानी पहुंचाते है| उसी प्रकार अनेक प्रकार के विकार भी इसके बागों को प्रभावित करते है| सेब के विकार इस प्रकार है, जैसे- बिटर पिट, ब्राउन हार्ट, कॉर्क स्पॉट, स्काल्ड, जल कोर, सन बर्न, गेरूआपन और फल गिरना आदि प्रमुख है| इन सब [Read More] …

अंगूर के पौधों की काट-छांट और सधाई कैसे करें; भरपूर उत्पादन हेतु

February 12, 2026 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

अंगूर के पौधों की काट-छांट और सधाई कैसे करें

अंगूर के पौधों में काट-छांट का उत्पादन पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ता है| उत्तर भारत में अंगूर की बेलों की कटाई-छंटाई दिसम्बर से जनवरी में की जाती है| बेलों का ढांचा और फलोत्पादन काट-छांट पर ही निर्भर करता है| प्रथम 2 से 3 वर्षों तक बेलों में काट-छांट सधाई प्रणाली के अनुसार ढांचा तैयार करने हेतु [Read More] …

  • « Go to Previous Page
  • Page 1
  • Interim pages omitted …
  • Page 237
  • Page 238
  • Page 239
  • Page 240
  • Page 241
  • Interim pages omitted …
  • Page 390
  • Go to Next Page »

Primary Sidebar

  • Facebook
  • Instagram
  • LinkedIn
  • Twitter
  • YouTube

Categories

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact Us
  • Sitemap

Copyright@Dainik Jagrati