हमारे देश के लगभग 12 प्रतिशत (32 लाख हैक्टेयर) भू-भाग में औसत वार्षिक वर्षा 400 मिलीमीटर से कम होती है एवं यह शुष्क क्षेत्र कहलाता है| यह क्षेत्र मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी राज्यों राजस्थान, गुजरात व हरियाणा में फैला हुआ है और इसका कुछ भाग आंध्रप्रदेश में भी है| वर्षा की कमी के साथ-साथ वर्षा की अनिश्चितता [Read More] …
मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद का प्रयोग कैसे करें
वर्तमान समय में मिट्टी में रसायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग एवं सीमित उपलब्धता को देखते हुये अन्य पर्याय भी उपयोग में लाना आवश्यक हो गया है| तभी हम खेती की लागत को कम कर फसलों की प्रति एकड उपज को भी बढ़ा सकते हैं, साथ ही मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी अगली पीढी के [Read More] …
अंतरवर्ती फसल उत्पादन तकनीक; जानिए अधिकतम लाभ हेतु
आज का आधुनिक दौर, जिसको मशीनीकरण का दौर कहा जाता है, यदि मशीनों का उपयोग कर अंतरवर्ती फसल उत्पादन को अपनाया जाये तो निश्चित तौर पर कम लागत में अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है| खेती में जिस प्रकार दिन-प्रतिदिन बढ़ती लागत को लेकर किसान परेशान हैं| उसको देखते हुये यदि उपलब्ध संसाधनों में [Read More] …
धान की खेती में भूरा पौध माहू की समन्वित रोकथाम कैसे करें
हमारे देश में धान की खेती की जाने वाले लगभग सभी भू-भागों में भूरा पौघ माहू नीलपर्वत लूगेंस स्टाल (होमोप्टेरा डेल्फासिडै) धान का एक प्रमुख नाशककीट है| हाल में पूरे एशिया में इस कीट का प्रकोप गंभीर रूप से बढ़ा है, जिससे धान की फसल में भारी नुकसान हुआ है| ये कीट तापमान एवं नमी [Read More] …
पान की उन्नत खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, उर्वरक, देखभाल, पैदावार
पान (Betel) पाइपरेसी कुल का पौधा है| यह एक बहुवर्षीय, सदाबहार, लत्तरदार, उभयलिंगी एवं छाया पसंद करने वाली लता है| जिसे नकदी फसलों में महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है| पान की फसल से हमारे देश को प्रति वर्ष लगभग 7 से 8 सौ करोड़ रूपये की आमदनी होती है| देश में पान का कुल रकवा 51,700 [Read More] …
बेल की खेती: किस्में, रोपाई, सिंचाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
बेल (Vine) अति प्राचीन एवं औषधीय गुणों से भरपूर भारतीय वृक्ष है| विपरीत जलवायु में भी इसकी खेती की जा सकती है, आज के संदर्भ में, इस बदलते परिवेश में भारत के लोग औषधीय फलों के प्रति अधिक जागरूक हो गये हैं| ऐसे में बेल की बागवानी अधिक उपयोगी हो गई है| अतः इसकी बागवानी [Read More] …





