• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Dainik Jagrati

Agriculture, Health, Career and Knowledge Tips

  • Agriculture
    • Vegetable Farming
    • Organic Farming
    • Horticulture
    • Animal Husbandry
  • Career
  • Health
  • Biography
    • Quotes
    • Essay
  • Govt Schemes
  • Earn Money
  • Guest Post

मध्यप्रदेश लोक सेवा (MPPSC) मुख्य परीक्षा तैयारी कैसे करें

November 11, 2019 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा प्रतिवर्ष आयोजित होती हैं| जहां पहले आयोग द्वारा प्रारंभिक (छानबीन) परीक्षा का आयोजन किया जाता हैं, वहीं इसके बाद आयोग मुख्य परीक्षा का आयोजन करता हैं| प्रारंभिक परीक्षा को क्रेक करने वाले उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में भाग ले सकते है| मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है| कई उम्मीदवार अधूरी तैयारी किये ही इस परीक्षा में शामिल हो जाते हैं, और बाद में उनको असफलता के रूप में इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है|

अतः आप चाहते हैं कि, आप मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त करे, तो आप इस लेख के माध्यम से मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी के बारे में कुछ समझ लें, ताकि आपकी तैयारी और भी बेहतर हो सकें| यदि आप प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें की जानकारी चाहते है, तो यहाँ पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें

यह भी पढ़ें- MPPSC परीक्षा: पात्रता, आवेदन, सिलेबस, परिणाम और चयन प्रक्रिया

मध्यप्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

1. मध्यप्रदेश लोक सेवा के दूसरे चरण को मुख्य परीक्षा कहा जाता है|

2. मुख्य परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या रिक्तियों की संख्या से 15 गुना अधिक होगी और कट-ऑफ अंक (वर्ग / श्रेणी) प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया जाएगा|

3. प्रारंभिक परीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह है, कि केवल कुछ गंभीर और योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाना चाहिए और उन चुने हुए उम्मीदवारों के बीच वास्तविक परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए|

4. मध्य प्रदेश मुख्य परीक्षा में कुल 06 प्रश्न पत्र होंगे और सभी प्रश्न पत्र अनिवार्य होंगे| अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा: अंकन योजना, पैटर्न और सिलेबस

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

मध्यप्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा तैयारी

मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारम्भिक के बाद हमें मुख्य परीक्षा के लिए 3 से 4 महीने मिलते हैं, इसलिए बेहतर है कि प्रारम्भिक के तुरंत बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें और अगर संभव हो तो प्रीलिम्स की तैयारी की शुरुआत में ही प्रीलिम्स कम कर दें| मुख्य तैयारी के लिए एक उचित रणनीति और योजना की आवश्यकता होती है|

आपको सामग्री और स्रोतों में चयनात्मक होने की आवश्यकता है अन्यथा आपका अध्ययन कक्ष एक पुस्तकालय से अधिक कुछ नहीं होगा| मुख्य परीक्षा का सिलेबस काफी गतिशील होता है, इसलिए पूरे सिलेबस को कवर करने और 3 महीने में रिवाइज करने के लिए उचित कंटेंट और नोट्स की जरूरत होती है|

परीक्षा के लिए आपका माध्यम आपकी ताकत होना चाहिए और जीएस के चार और हिंदी के सभी प्रश्नपत्रों के लिए अलग-अलग स्रोतों का उपयोग करके अलग-अलग नोट्स तैयार किए जाने चाहिए हैं| आपकी जानकारी के लिए स्रोतों का उल्लेख नीचे किया गया है| जो इस प्रकार है, जैसे-

प्रश्न पत्र- 1 के लिए-

विषय- इतिहास और संस्कृति (भाग- 1)

1. मध्य प्रदेश के लिए- पुनेकर प्रकाशन

2. भारतीय संस्कृति- NIOS सामग्री (मुफ्त डाउनलोड)

3. प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास- कक्षा 6 से 12 वीं की पुरानी एनसीईआरटी

4. आधुनिक इतिहास- स्पेक्ट्रम आधुनिक इतिहास, बिपिन चंद्र

5. विश्व इतिहास- कक्षा 11 वीं और 12 वीं की पुरानी एनसीईआरटी और इंटरनेट|

विषय- भूगोल और आपदा प्रबंधन (भाग- 2)

1. भूगोल- भारत और विश्व भूगोल एनसीईआरटी (NCERT) भूगोल की पुस्तकें

2. मध्य प्रदेश के लिए- पुनेकर प्रकाशन

3. आपदा प्रबंधन- एनआईओएस सामग्री और योजना पत्रिका|

प्रश्न पत्र- 2 के लिए-

विषय- राजनीति (भाग- 1)

1. एम. लक्ष्मीकांत द्वारा भारतीय राजनीति।

2. अन्य के लिए इंटरनेट से विषयवार नोट्स तैयार करें

3. आंतरिक और बाहरी मुद्दे- ऑनलाइन सर्फ़िंग और नियमित समाचार पत्र, पत्रिकाओं से अपडेट|

विषय- सामाजिक क्षेत्र (भाग- 2)

1. NIOS मटीरियल सेलेक्टिव रीडिंग

2. सरकारी वेबसाइट और पीआईबी से योजनाएं

3. इंटरनेट से अंतर्राष्ट्रीय संगठन

4. अधिनियम इंटरनेट से कवर करें|

यह भी पढ़ें- एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड

प्रश्न पत्र- 3 के लिए-

विषय- विज्ञान, गणित और तर्क, आईटी और पर्यावरण (भाग- 1)

1. विज्ञान- एनसीईआरटी, एनआईओएस और ल्यूसेंट बुक्स

2. तर्क और गणित- आर.एस.अग्रवाल

3. आईटी- विभिन्न विषयों के लिए इंटरनेट सर्फिंग

4. पर्यावरण- एनसीईआरटी पुस्तकें

विषय- अर्थव्यवस्था (भाग- 2)

1. कक्षा 11 वीं और 12 वीं (मैक्रो अर्थव्यवस्था) की NCERT पुस्तकें

2. विशेष अर्थव्यवस्था संस्करण- प्रातियोगिता दर्पन या कोई अन्य पत्रिका|

प्रश्न पत्र- 4 के लिए-

विषय- आचार विचार और मामलों का अध्ययन

1. समाचार पत्र और पत्रिकाओं से उदाहरण एकत्रित करना

2. दार्शनिकों और उनके योगदान के लिए ऑनलाइन खोज

3. मामलों का अध्ययन करने के लिए मॉक पेपर|

प्रश्न पत्र- 5 के लिए 

विषय- हिन्दी

1. 10 वीं या 11 वीं कक्षा की कोई भी व्याकरण पुस्तक

2. ल्यूसेंट हिंदी ग्रामर बुक

3. हिंदी शब्दावली, प्रतियोगिता दर्पन

4. आधिकारिक पत्र प्रारूप, इंटरनेट से

5. कुछ अनुवाद का अभ्यास करें

6. पिछले पेपर हल करें|

प्रश्न पत्र- 6 के लिए-

विषय- निबंध लेखन हिंदी में

1. कम से कम 2 अच्छे हिंदी समाचार पत्रों के संपादकीय पढ़ें और उपयोगी शब्दावली को सूचीबद्ध करें|

2. निबन्ध मंजुशा द्वारा एमजीएच पब्लिकेशन पढ़ें|

इन सभी के अलावा मध्य प्रदेश के सभी विषयों को एमपी सरकार की साइटों, स्थानीय समाचार पत्रों और पुस्तकों से तैयार किए जाने की आवश्यकता है| इन सब के साथ प्रमुख परीक्षा को उत्तीर्ण करने के कुछ सुझाव इस प्रकार है, जैसे-

1. तैयारी के लिए बहुत सारे मॉक टेस्ट लें और उन्हे समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास करें|

2. पाठ्यक्रम के हर टॉपिक पर शॉर्ट हैंड नोट्स बनाकर रखें, मॉक टेस्ट के प्रयास से पहले इसे कई बार दोहराएँ|

3. अपनी राय व्यक्त करने के लिए जब भी आवश्यक हो, जैसे- आरेख, प्रवाह चार्ट, केस स्टडी और मैप के साथ एक स्पष्ट भाषा में परीक्षण लिखे|

4. मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रमुख परीक्षा में सभी प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास करें|

5. सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिंदु सम्पूर्ण उत्तर पुस्तिका में सुपाठ्य लिखावट बनाए रखें|

6. जहाँ भी आवश्यक हो, करंट अफेयर्स से उदाहरण जोड़ें|

7. आचार विचार पत्र में मूल्यों और पाठ्यक्रम की शर्तों को शामिल करने का प्रयास करें और अपने तर्क की पुष्टि के लिए उदाहरण दें|

8. वर्णनात्मक उत्तर और निबंध में उचित संरचना (पहचान, प्रधान भाग और निष्कर्ष) का पालन किया जाना चाहिए|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती: पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग साक्षात्कार की तैयारी

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग साक्षात्कार की तैयारी कैसे करें, जो 175 अंकों का होता है| साक्षात्कार के लिए आपको अलग से कुछ भी तैयार करने की आवश्यकता नहीं है, यह परीक्षा का स्कोरिंग क्षेत्र है| जहां आप कम मेहनत के साथ उच्च अंक प्राप्त कर सकते हैं| इसके लिए ध्यान केन्द्रित विषय इस प्रकार है, जैसे-

1. बायोडाटा से संबंधित प्रश्न

2. आपके शौक

3. शैक्षणिक पृष्ठभूमि और नौकरी प्रोफाइल (यदि काम कर रहे हैं)

4. महत्वपूर्ण वर्तमान घटनाएं

5. सबसे मह्त्वपूर्ण आपकी बोलने की कला और आत्मविश्वास|

क्योंकि यह हमारे ज्ञान की परीक्षा नहीं है, जिसकी पहले से ही मुख्य परीक्षा में जाँच हो चुकी है| लेकिन यह व्यक्तित्व की परीक्षा है, जैसे- हम कितने आश्वस्त, विनम्र और दृढ़ हैं तथा हमारे उत्तरों में कितना विश्वास है| जांच के लिए कुछ मॉक इंटरव्यू दें और ज़रूरत पड़ने पर अपने संचार कौशल को प्रभावी बनाएं| क्योंकि ये अंकआपको वांछित रैंक और सेवा दिलाने में बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं|

अंत में बस अपने आप पर विश्वास करें, कड़ी मेहनत करें, बिना रुके प्रतिदिन अपने अध्ययन के घंटे बनाए रखें और सकारात्मक दृष्टिकोण रखें|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल कैसे बने, जाने भर्ती प्रक्रिया

अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो कृपया वीडियो ट्यूटोरियल के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें| आप हमारे साथ Twitter और Facebook के द्वारा भी जुड़ सकते हैं|

मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें

November 8, 2019 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

हर नई भर्ती के लिए इच्छुक आवेदकों को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) से आवेदन करने के लिए एक नई स्थाई तारीख की उम्मीद रहती है, और हो भी क्यों नही एक सरकारी अधिकारी के रुप में प्रतिष्ठित पद पाना सभी की इच्छा होती है| लेकिन प्रतियोगिता इतनी आसान नही है| इससे पहले कि आप आवेदन की योजना बनाकर परीक्षा में बैठने के लिए अपनी योग्यता के बारे में जानना शुरू करें|

उससे पहले इस लेख के माध्यम से मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी के बारे में कुछ समझ लें, ताकि आपकी तैयारी और भी बेहतर हो सकें| मुख्य परीक्षा की तैयारी की जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें

यह भी पढ़ें- MPPSC परीक्षा: पात्रता, आवेदन, सिलेबस, परिणाम और चयन प्रक्रिया

मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा तैयारी के समय के प्रश्न

मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा के इच्छुक उम्मीदवारों के मन में निम्नलिखित प्रश्न उठना स्वाभाविक है, जैसे-

1. मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

2. मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा नोट्स कैसे बनाये?

3. परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें कहाँ से जुटाएँ?

4. परीक्षा के करेंट अफेयर्स की शुद्ध जानकारी कैसे प्राप्त करें?

5. परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे अच्छी पुस्तक कौन सी है?

6. परीक्षा की तैयारी के लिए सामान्य ज्ञान (GK) नोट्स हिंदी / अंग्रेजी में कैसे बनाएं?

7. यदि परिणाम हमारे पक्ष में नही आया तो इस परीक्षा के लिए आगे हमारे लिए क्या अवसर है?

ये वो मुख्य प्रश्न है, जो हर इच्छुक उम्मीदवार को परेशान करते है और ये स्वाभाविक है, प्रश्न तो और भी अनेक हो सकते है| लेकिन इस लेख में इच्छुक आवेदकों की जानकारी के लिए चरण-दर-चरण मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा के इन प्र्श्नो को हल करने का प्रयास है| ताकि आप परीक्षा क्रैक करने के लिए एक सही रणनीति तैयार कर सकें|

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा (MPPSC) मुख्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें

मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा के मुख्य चरण

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा के मुख्य चरण इस प्रकार है, जैसे-

1. प्रारम्भिक (प्रीलिम्स) परीक्षा

2. मुख्य (मेन्स) परीक्षा

3. साक्षात्कार आदि|

मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

1. मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा केवल छानबीन परीक्षण के रूप में ली जाती है| इस परीक्षा में प्राप्त अंको के आधार पर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु योग्य घोषित किया जाता है| अंतिम चयनसूची केवल मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंको के आधार पर निर्मित की जायेगी|

2. मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा मे दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार (बहुविकल्पीय प्रश्न) के होंगे|

3. प्रत्येक प्रश्नपत्र में 2-2 अंक के 100 प्रश्न होंगे, प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंको का होगा तथा प्रत्येक प्रश्नपत्र की समयावधि 2 घंटे होगी| पैटर्न और सिलेबस की अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी

मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा आज के प्रतियोगी दौर में अधिक विविधतापूर्ण हो गई हैं| इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को स्मार्ट वर्क की आवश्यकता है| आवेदकों को पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों के चलन से गुजरना होगा और पेपर में सबसे अधिक पूछे जाने वाले सेक्शन को समझना होगा|

आवेदकों के लिए एक सुझाव है, की वो प्रारम्भिक के लिए औसत और मुख्य परीक्षा की रणनीति पर अधिक तैयारी करें| आपकी बेहतर तैयारी के लिए यहाँ कुछ पिछले वर्षों के विश्लेषण के आधार पर प्रश्न पत्रों को अलग-अलग सेक्शन में विभाजित करना होगा| जो इस प्रकार है, जैसे-

पेपर – 1- सामान्य अध्ययन- 100 प्रश्न

सामान्य अध्ययन (स्थिर)- (45 से 50 प्रश्न) इसको ल्यूसेंट पुस्तक द्वारा तैयार किया जा सकता है, जब आप सामान्य अध्ययन में शामिल हो जाते हैं तो बाद में विशिष्ट पुस्तकों और एनसीईआरटी को पढ़ सकते हैं|

मध्यप्रदेश विशिष्ट- (15 से 25 प्रश्न) सरकारी गतिविधियों और योजनाओं के वर्तमान अपडेट के लिए पुनेकर, माहेश्वरी और एमपी सरकार की वेबसाइट उपयोग में लेनी चाहिए|

विविध- (15 से 20 प्रश्न) यह प्रारम्भिक परीक्षा में एक प्रमुख हिस्से को शामिल करता है| जिसे ल्यूसेंट सामान्य ज्ञान पुस्तक और सामान्य जागरूकता के विविध खंड के माध्यम से पूरा किया जा सकता है|

करंट अफेयर्स- (10 से 15 प्रश्न) इस भाग मे लगभग 8 से 12 महीने पुरानी धारा के विषयों को, जैसे- नियुक्तियों, पुरस्कारों और सम्मानों, पुस्तकों और लेखकों, निधन की सूचनाएँ, स्पोर्ट्स टूर्नामेंट, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन, समितियों, वैश्विक सूचकांकों आदि को विभाजित करके तैयार किया जाना चाहिए|

कंप्यूटर और विज्ञान- (5 से 8 प्रश्न) आसान से मध्यम स्तर के प्रश्नों को सामान्य जागरूकता और आकर्षक वर्गों में विशिष्ट खंडों को पढ़कर हल किया जा सकता है|

अधिनियम- (5 से 10 प्रश्न) सिलेबस में उल्लिखित 3 विशिष्ट अधिनियम हैं, जो पुनेकर प्रकाशन द्वारा अधिनियम के राजपत्र प्रति और अधिनियम की पुस्तक प्राप्त करके तैयार की जा सकती हैं|

त्वरित घटनाएँ- स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं की अपडेट प्राप्त करने के लिए अच्छे दैनिक या साप्ताहिक एक से दो समाचार पत्रों को प्राथमिकता देनी चाहिए|

पेपर -2- सामान्य अभिरुचि परीक्षण – 100 प्रश्न

केवल योग्यता के अनुसार आसान प्रश्नों को तैयार नहीं किया जाना चाहिए, जो योग्यता, तर्क और हिंदी से पूछे जाते हैं|

विशेष- अंत में यह क्वालिफाइंग या प्रारम्भिक (छानबीन) परीक्षा पढ़ना, संग्रह और स्मरण करना आदि रणनीति पर आधारित है|

यह भी पढ़ें- MP Vyapam Group 1 भर्ती: पात्रता, आवेदन, और चयन प्रक्रिया

मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पुस्तकें और स्रोत

मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए जिन पुस्तकों और स्रोत उपयोग में लाया जा सकता है| वो इस प्रकार है, जैसे-

1. एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकें कक्षा 8 से 12 तक सामाजिक अध्ययन अर्थशास्त्र और कुछ संस्कृति विषय के लिए उपयोग में लाएँ|

2. भारतीय राजनीति के लिए एम. लक्ष्मीकांत|

3. इंडिया इयर बुक (भारत सरकार, प्रकाशन विभाग)

4. इतिवृत्त पत्रिका

5. सामयिकी और विविध के लिए (बेहतर के लिए पूछताछ करें)

एमपी राज्य के लिए विशिष्ट पुस्तकें| इस प्रकार है, जैसे-

1. मध्य प्रदेश एक परिचय (मैकग्रा हिल पब्लिकेशन)

2. मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान (अरिहंत)

3. समसामिकी अर्ध-वार्षिक (माहेश्वरी)

4. प्रतियोगिता निर्देषिका पत्रिका पिछले 6 महीने के संस्करण

5. एसीटीएस का पीडीएफ (पाठ्यक्रम देखें)

6. अद्यतन की जानकारी के लिए (Mp.org) वेबसाइट पर जाएँ

7. पिछले प्रश्न पत्रों का अध्यन करें|

यह भी पढ़ें- MP व्यापम ग्रुप 4 भर्ती: पात्रता, आवेदन, सिलेबस और चयन प्रक्रिया

अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो कृपया वीडियो ट्यूटोरियल के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें| आप हमारे साथ Twitter और Facebook के द्वारा भी जुड़ सकते हैं|

MPPSC परीक्षा: योग्यता, आवेदन, सिलेबस, परिणाम, भर्ती प्रक्रिया

November 3, 2019 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

एमपीपीएससी परीक्षा: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा, आयोग (MPPSC) द्वारा मध्य प्रदेश राज्य के सरकारी विभागों और कार्यालयों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए प्रति वर्ष अनेक परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है| जिसके अंतर्गत सिविल सेवाओं के वर्ग- एक व दो के पदों हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं| पूरी परीक्षा प्रक्रिया मुख्यतया तीन चरणों में सम्पन्न होती है|

पहले चरण में प्रारम्भिक (छानबिन) परीक्षा होती है| आयोग (MPPSC) के नियमों के अनुसार जो अभ्यर्थी प्रारम्भिक परीक्षा में सफल होता है, उसको मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाता है| मुख्य परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध रिक्तियों की संख्या से पंद्रह गुना अधिक है और अंत में साक्षात्कार होता है|

MPPSC परीक्षा क्या है?

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC), मध्य प्रदेश में एक राज्य सरकार के स्वामित्व वाली और प्रबंधित संगठन है जिसे 1956 में स्थापित किया गया था| एमपीपीएससी सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करता है| एमपीपीएससी राज्य के भीतर विभिन्न नौकरियों के लिए परीक्षा आयोजित करता है और वे वर्ष में एक बार आयोजित की जाती हैं| एमपीपीएससी सिविल सेवाओं की सीधी भर्ती, राज्य स्तरीय अधिकारियों की पदोन्नति और एक विभाग से दूसरे विभाग में सिविल सेवाओं के स्थानांतरण के लिए जिम्मेदार है|

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा (MPPSC) मुख्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें

MPPSC परीक्षा के मुख्य पद

MPPSC परीक्षा जिन मुख्य पदों के लिए आयोजित की जाती है| वो इस प्रकार है, जैसे-

डिप्टी कलक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, अधीक्षक, अधीक्षक जिला जेल, आबकारी उपनिरीक्षक, जिला पंजीयक, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (वर्ग- दो), सहायक निदेशक, सहायक जेलर, जिला पुलिस अधिकारी, सहायक निदेशक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, परिवहन उप-निरीक्षक के पद के लिए आयोजित की जाती है|

MPPSC परीक्षा अवलोकन

पूर्ण परीक्षा का नाममध्य प्रदेश पीएससी राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC SSE)
संक्षिप्त पहचान एमपीपीएससी एसएसई (MPPSC SSE)
संचालन निकायमध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC)
आचरण की आवृत्तिवर्ष में एक बार
परीक्षा की भाषाअंग्रेजी, हिंदी
आवेदन का तरीकाऑनलाइन
परीक्षा का तरीकाऑफलाइन
परीक्षा का स्तर राज्य स्तर 
एमपीपीएससी के लिए पात्रताराष्ट्रीयता: भारतीय, आयु: 20- 30, शिक्षा: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक
आधिकारिक वेबसाइटhttps://mppsc.mp.gov.in और https://mppsconline.in

MPPSC परीक्षा तिथियां

उम्मीदवारों को मध्य प्रदेश पीएससी राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC SSE) की महत्वपूर्ण तारीखों के बारे में जानना आवश्यक है, ताकि कोई महत्वपूर्ण आवेदन या परिणाम तिथि न छूटे| इसके लिए उम्मीदवारों को हमारा सुझाव है की उनको मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की अधिकारिक वेबसाइट (https://mppsc.mp.gov.in) और दैनिक समाचार पत्रों का अवलोकन करते रहना चाहिए| ताकि स्वयं नयी सूचनाओं से अवगत होते रहें|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती: पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया

MPPSC पात्रता मानदंड

एमपीपीएससी परीक्षा के लिए नामांकन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को पात्रता मानदंड से परिचित होना चाहिए| एमपीपीएससी पात्रता निर्धारित करती है कि कोई व्यक्ति एमपीपीएससी में नामांकन के लिए योग्य है या नहीं| आवेदक पात्रता मानदंड से संबंधित सभी विवरण नीचे प्राप्त कर सकते हैं, जैसे-

एमपीपीएससी शैक्षणिक योग्यता

1. अभ्यर्थी, केन्द्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 1956 (अधिसूचना क्रमांक 03 सन् 1956) के अधीन समझे गए विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि धारक होना चाहिए या समतुल्य योग्यता रखता हो|

2. जो अभ्यर्थी स्नातक के अन्तिम वर्ष में अध्ययनरत है या ऐसे अभ्यर्थी जिनका अन्तिम परीक्षा परिणाम प्राप्त नहीं हुआ है| वे अभ्यर्थी भी प्रारंभिक परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं, परन्तु मुख्य परीक्षा के समय स्नातक परीक्षा का अन्तिम परिणाम प्रस्तुत करना आवश्यक होगा है|

3. ऐसे अभ्यर्थी जिनके पास ऐसी व्यावसायिक या तकनीकी योग्यताएं है| जो राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त व्यावसायिक या तकनीकी उपाधि के समकक्ष है, परीक्षा में प्रवेश के पात्र होंगे|

एमपीपीएससी आयु सीमा

1. एक उम्मीदवार को न्यूनतम 21 वर्ष की आयु प्राप्त करनी होगी और अधिकतम 30 वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए| आयु की गणना विज्ञापन के बाद यानि आने वाली 1 जनवरी से की जाएगी|

2. लेकिन मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए ऊपरी आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या न. C-3-5 / 2001/3/1 दिनांक 17 अगस्त 2004 के अनुसार तथा गृह (पुलिस) विभाग, आबकारी विभाग और जेल विभाग के प्रशासनिक पदों के लिए, अधिकतम आयु सीमा केवल उनके भर्ती नियमों के प्रावधानों द्वारा शासित होगी|

3. विभिन्न वर्गों के लिए आयु में छूट सरकारी नियमों के अनुसार लागू है|

एमपीपीएससी शारीरिक मानक

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) कुछ पदों के लिए शारीरिक मापदंड निर्धारित किए है| आवेदक आवेदन करने के पूर्व यह सनिश्चित कर लें कि वे जिस पद हेतु आवेदन कर रहे है, उसके शरीरिक मापदंड पूरा को पूरा करते है की नही| MPPSC परीक्षा के लिए न्यूनतम शारीरिक योग्यता इस प्रकार निर्धारित की गई है, जैसे-

लिंग ऊंचाई सीना बिना फुलाए सीना फुलाकर 
पुरुष168 सेमी.84 सेमी89 सेमी
महिला155 सेमी.लागू नहीलागू नही

पात्रता मानदंड की विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल कैसे बने, जाने भर्ती प्रक्रिया

MPPSC आवेदन पत्र

MPPSC आवेदन पत्र आयोग की घोषणा के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदान किया जाएगा| आवेदन पत्र भरने से पहले आवेदक को दिशा निर्देशों को ध्यान से पढ़ना होगा| आवेदन में सभी आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पता, फोन नंबर और मान्य ईमेल आईडी भरें और सबमिट करें|

आवेदन पत्र में स्कैन की गई फोटो और हस्ताक्षर अपलोड और सबमिट करें| आवेदन पत्र को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा| भविष्य के संदर्भ के लिए पंजीकृत आवेदन फॉर्म को सहेजें| आवेदन प्रक्रिया के बारे में आवश्यक दिशानिर्देश इस प्रकार है, जैसे-

1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं|

2. होमपेज पर अप्लाई ऑनलाइन ऑप्शन पर क्लिक करें|

3. एमपीपीएससी राज्य सेवा लिंक खोजें और क्लिक करें|

4. आवेदन पत्र भरें|

5. सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें|

6. उल्लिखित आवेदन शुल्क का भुगतान करें|

7. फिर अपना आवेदन पत्र जमा करें और प्रिंट करें|

आवेदन शुल्क

1. MPPSC नियमों के अनुसार आवेदन शुल्क विभिन्न पदों और वर्गों के लिए अलग-अलग लागू है|

2. आवेदन शुल्क का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है|

यह भी पढ़ें- एमपी जेल प्रहरी भर्ती: पात्रता, आवेदन, सिलेबस और चयन प्रक्रिया

MPPSC पैटर्न और सिलेबस

1. मध्य प्रदेश पीसीएस परीक्षा के पहले चरण में प्रारंभिक (छानबीन) परीक्षा होगी|

2. इस परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे, जो 200-200 अंक के होंगे और प्रत्येक प्रश्न पत्र में 100 प्रश्न होंगे|

3. पहला प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का होगा जहां प्रश्न राजनीति, अर्थशास्त्र, भूगोल, इतिहास और समकालीन घटनाओं जैसे सभी क्षेत्रों से होंगे| अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

4. दूसरा प्रश्न पत्र वैकल्पिक विषय का होगा जिसे उम्मीदवार आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए विषयों में से चुन सकते हैं| 

5. परीक्षा का अगला भाग मुख्य परीक्षा है|

6. मुख्य परीक्षा में कुल 6 प्रश्नपत्र होंगे|

7. सामान्य अध्ययन के 2 प्रश्न पत्र होंगे|

8. उम्मीदवारों द्वारा चुने गए किन्हीं दो वैकल्पिक विषयों के चार प्रश्न पत्र होंगे|

9. प्रश्नपत्र की भाषा हिन्दी और अंग्रेजी होंगी|

10. साक्षात्कार 175 अंक का होगा| अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

अंतिम मेरिट: सूची इसकी गणना अभ्यर्थियों द्वारा मुख्य और साक्षात्कार परीक्षा में प्राप्त सभी अंकों को जोड़कर की जाती है, जैसे-

1. मुख्य परीक्षा कुल अंक- 1500

2. साक्षात्कार के अंक- 175

3. अंतिम मेरिट सूची के कुल- 1675

यह भी पढ़ें- MP PAT प्रवेश परीक्षा: पात्रता, आवेदन, सिलेबस और काउंसलिंग

MPPSC परीक्षा प्रवेश पत्र

1. उम्मीदवार एमपीपीएससी (MPPSC) की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं|

2. एमपीपीएससी आवेदन पत्र जमा करने के बाद एडमिट कार्ड जारी करेगा|

3. एमपी पीसीएस परीक्षा के दोनों चरणों के लिए अलग-अलग एडमिट कार्ड होंगे|

4. परीक्षा केंद्र में जाते समय अपने साथ एडमिट कार्ड ले जाना जरूरी है|

5. एडमिट कार्ड में परीक्षा की तिथि, समय और स्थान की जानकारी होगी|

6. एडमिट कार्ड के बिना, उम्मीदवार को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी|

MPPSC परीक्षा उत्तर कुंजी

MPPSC परीक्षा विभाग परीक्षा के बाद विभिन्न विषयों की उत्तर कुंजी तिथि वार जारी करता है| उत्तर कुंजी द्वारा उम्मीदवारों को यह जानने में मदद मिलती है, कि हमें परीक्षा में कितने अंक मिलेंगे| उत्तर कुंजी की जाँच करने के कदम इस प्रकार है, जैसे-

1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं|

2. वर्तमान वर्ष “मॉडल उत्तर” टैब पर क्लिक करें|

3. सब्जेक्ट और उस लिंक पर सेलेक्ट करें|

4. उत्तर कुंजी स्क्रीन पर खुल जाएगी|

5. यदि उम्मीदवार किसी उत्तर से सहमत नही है, तो आयोग द्वारा तय तिथि तक अपनी आपत्ति भी दर्ज कर सकते है|

MPPSC परीक्षा परिणाम

1. MPPSC परीक्षा के उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा के परिणाम की जांच और डाउनलोड कर सकते हैं|

2. परिणाम की घोषणा आयोग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी|

3. प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य के लिए अलग-अलग परिणाम होंगे|

4. प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी|

5. आधिकारिक कट ऑफ अंक घोषणा के बाद बढ़ाई या घटाई जा सकती है|

आधिकारिक वेबसाइट पर, एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा परिणाम उन लोगों के नाम के साथ अपडेट किया जाता है जिन्होंने एसएसई और एसएफएस परीक्षा उत्तीर्ण की है| यदि आवेदक ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, तो कोई भी मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकता है| साथ ही, शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदकों को आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी उपस्थिति, व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेजों के साथ विस्तृत फॉर्म उपलब्ध कराने होंगे|

यह भी पढ़ें- एमपी व्यापम ग्रुप- 5 व 6 भर्ती: पात्रता, आवेदन और चयन प्रक्रिया

MPPSC अपेक्षित कटऑफ

एमपीपीएससी कट-ऑफ न्यूनतम स्कोर है, जिसे आवेदकों को आगे की परीक्षा के लिए विचार करने के लिए स्कोर करना होगा| आवेदक आधिकारिक वेबसाइट पर अंतिम कट-ऑफ पा सकते हैं| अपेक्षित एमपीपीएससी कट ऑफ नीचे उल्लिखित है, जैसे-

श्रेणीकट ऑफ अंक (अपेक्षित)
सामान्य/अनारक्षित 138-143
एससी 127-130
एसटी 115-125
ओबीसी 133-138

MPPSC भर्ती प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन करने के लिए, आवेदक को नीचे उल्लिखित इन चरणों से गुजरना होगा, जैसे-

1. प्रारंभिक परीक्षा

2. मेन्स परीक्षा

3. साक्षात्कार

4. शारीरिक क्षमता परीक्षण (यदि लागु हो)

5. चिकित्सीय परीक्षा

6. साक्षात्कार के दौर के बाद अंतिम चयन किया जाएगा|

एमपीपीएससी तैयारी रणनीति

अपनी एमपीपीएससी तैयारी रणनीति में शामिल करने के लिए रणनीतियों की सूची यहां दी गई है, जैसे-

1. सबसे पहले, आवेदकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे विस्तृत पाठ्यक्रम के साथ सर्वश्रेष्ठ अप-टू-डेट पुस्तकें तैयार कर रहे हैं|

2. आवेदकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे दैनिक संशोधन के लिए उचित समय दे रहे हैं, क्योंकि हम चीजों को आसानी से भूल जाते हैं, हमें लिखना और सीखना चाहिए|

3. आवेदकों को अवधारणाओं, विचारों, तिथियों और अन्य सूचनाओं को आसानी से सीखने के लिए त्वरित नोट्स बनाने चाहिए और उन्हें रोजाना 3-4 बार देखना चाहिए|

4. प्रश्न पत्र को अच्छी तरह से जानने और सभी वर्गों में अंकों के वितरण से परिचित होने के लिए आवेदकों को पिछले परीक्षण पत्रों को पढ़ना चाहिए|

5. परीक्षा की तैयारी के लिए आवेदकों को मॉक टेस्ट का भी प्रयास करना चाहिए|

6. आवेदकों को अपनी पढ़ाई के अनुरूप रहना चाहिए और अधिक से अधिक मॉक टेस्ट का प्रयास करना चाहिए| परीक्षा तैयारी की अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें

यह भी पढ़ें- MP व्यापम ग्रुप 4 भर्ती: पात्रता, आवेदन, सिलेबस और चयन प्रक्रिया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न?

प्रश्न: क्या एमपीपीएससी परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है?

उत्तर: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा हर साल राज्य सरकार के विभागों में विभिन्न पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है|

प्रश्न: एमपीपीएससी नौकरियों के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है?

उत्तर: न्यूनतम आयु सीमा 21 है, जबकि अधिकतम आयु सीमा 35 (एमपी निवासियों के लिए) और 30 (गैर-एमपी निवासियों के लिए) है|

प्रश्न: एक उम्मीदवार कितनी बार एमपीपीएससी परीक्षा का प्रयास कर सकता है?

उत्तर: एमपीपीएससी (MPPSC) परीक्षा के प्रयासों के संबंध में कोई विशिष्ट संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है| हालाँकि, इसके लिए आयु सीमा वास्तव में परिभाषित करती है कि एक उम्मीदवार कितनी बार प्रयास कर सकता है|

प्रश्न: एमपीपीएससी में सर्वोच्च पद कौन सा है?

उत्तर: एमपीपीएससी परीक्षा पास करने के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा और डिप्टी कलेक्टर सर्वोच्च पद है|

प्रश्न: एमपीपीएससी में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए कौन सी भाषा पसंद की जाती है?

उत्तर: एमपीपीएससी दो भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में आयोजित की जाती है| उम्मीदवार अपनी अध्ययन पृष्ठभूमि के संबंध में अपने सुविधा क्षेत्र के अनुसार किसी भी भाषा में परीक्षा देना चुन सकते हैं| उम्मीदवार जिस भाषा में आत्मविश्वास महसूस करता है, वह एमपीपीएससी के लिए सबसे अच्छी भाषा है|

प्रश्न: क्या निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है?

उत्तर: नहीं, एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन नहीं है|

प्रश्न: क्या एमपीपीएससी में यूपीएससी के परीक्षा पैटर्न में कोई समानता है?

उत्तर: हां, यूपीएससी और एमपीपीएससी के लिए परीक्षा पैटर्न तीन चरणों की समानता के कारण एक दूसरे से काफी मिलता-जुलता है, जिसमें शामिल हैं: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार सत्र|

प्रश्न: एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की अवधि क्या है?

उत्तर: MPPSC प्रीलिम्स पेपर I की अवधि 2 घंटे है। प्रीलिम्स पेपर II की अवधि 2 घंटे है|

प्रश्न: एमपीपीएससी परीक्षा में योग्यता अंक क्या है?

उत्तर: एमपीपीएससी में योग्यता अंक सामान्य श्रेणियों के लिए कुल अंकों का 40% निर्धारित किया गया है| आरक्षित श्रेणियों के लिए, योग्यता अंक 30% है|

प्रश्न: एमपीपीएससी प्रीलिम्स के पाठ्यक्रम का प्रमुख खंड क्या है?

उत्तर: पाठ्यक्रम का प्रमुख खंड पेपर I में शामिल है, जहां एक उम्मीदवार को राज्य और भारत के बारे में सब कुछ पढ़ना होगा| इसमें कला, संस्कृति, धर्म, राजनीति, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था आदि से लेकर विभिन्न प्रमुख विषय शामिल हैं|

प्रश्न: एमपीपीएससी मेन्स परीक्षा में कितने पेपर होते हैं?

उत्तर: एमपीपीएससी मेन्स परीक्षा में कुल 6 पेपर होते हैं|

प्रश्न: क्या एमपीपीएससी मेन्स परीक्षा में कोई वैकल्पिक विषय हैं?

उत्तर: नहीं, एमपीपीएससी मेन्स परीक्षा में कोई वैकल्पिक विषय नहीं हैं|

प्रश्न: एमपीपीएससी सीसीई परीक्षा की अवधि क्या है?

उत्तर: प्रत्येक एमपीपीएससी प्रीलिम्स पेपर 2 घंटे तक चलता है, जबकि प्रत्येक मेन्स पेपर की अवधि 3 घंटे है|

प्रश्न: एमपीपीएससी परीक्षा के लिए चयन राउंड क्या हैं?

उत्तर: MPPSC चयन प्रक्रिया में तीन राउंड होते हैं- प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू|

प्रश्न: क्या उम्मीदवार एमपीपीएससी उत्तर कुंजी का उपयोग करके अपने चयन का अंदाजा लगा सकते हैं?

उत्तर: हां, उम्मीदवार उत्तर कुंजी की जांच करके कुल अंकों की गणना कर सकते हैं और फिर उम्मीदवार पिछले वर्षों के कटऑफ के साथ अपने स्कोर की तुलना कर सकते हैं|

प्रश्न: क्या उम्मीदवार एमपीपीएससी द्वारा जारी उत्तर कुंजी पर सवाल उठा सकते हैं?

उत्तर: हां, उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर “उम्मीदवार प्रतिक्रिया पत्र और आपत्ति” पर आवेदन कर सकते हैं|

प्रश्न: क्या एमपीपीएससी भर्ती चयन प्रक्रिया में मेडिकल टेस्ट अनिवार्य है?

उत्तर: हां, चयनित उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट देना होगा| चयन के बाद, सभी उम्मीदवारों को एक चिकित्सा परीक्षा से गुजरना पड़ता है|

प्रश्न: क्या एमपीपीएससी भर्ती चयन प्रक्रिया में हर साल समान चरण होंगे?

उत्तर: हाँ, यह वही रहता है| हालांकि, इसे जांच अधिकारियों के विवेक पर बदला जा सकता है|

प्रश्न: एमपीपीएससी मेन्स में कितने पेपर होते हैं?

उत्तर: MPPSC मुख्य परीक्षा में निम्नलिखित प्रश्नपत्र होते हैं: सामान्य अध्ययन- I, सामान्य अध्ययन- II, सामान्य अध्ययन- III, सामान्य अध्ययन- IV, सामान्य हिंदी और निबंध|

यह भी पढ़ें- MP Vyapam Group 1 भर्ती: पात्रता, आवेदन, और चयन प्रक्रिया

अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो कृपया वीडियो ट्यूटोरियल के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें| आप हमारे साथ Twitter और Facebook के द्वारा भी जुड़ सकते हैं|

एमपी लोक सेवा आयोग: योग्यता, आयु सीमा और शारीरिक मानक

October 23, 2019 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) भारतीय संविधान द्वारा बनाया गया एक निकाय है| जो आवेदकों की योग्यता और के नियमों के अनुसार भारतीय राज्य मध्य प्रदेश में सिविल सेवा नौकरियों के लिए आवेदकों का चयन करता है| एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के लिए पात्रता मानदंड भी निर्धारित करता है| इस लेख में इच्छुक अभ्यर्थियों की जानकारी के लिए राज्य सेवा और अन्य परीक्षाओं के लिए एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंड, जैसे- आयु सीमा, शैक्षिक योग्यता और अन्य पात्रता संबंधी मानदंडों का विस्तार से उल्लेख किया गया है|

यह भी पढ़ें- MPPSC परीक्षा: पात्रता, आवेदन, सिलेबस, परिणाम और चयन प्रक्रिया

एमपी लोक सेवा आयोग परीक्षा शैक्षणिक योग्यता

1. अभ्यर्थी, केन्द्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग,1956 (अधिसूचना क्रमांक 03 सन् 1956) के अधीन समझे गए विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि धारक होना चाहिए या समतुल्य अर्हता रखता हो|

2. ऐसे अभ्यर्थी, जो किसी ऐसी परीक्षा में सम्मिलित हुए हों जिसमें उत्तीर्ण होने के पश्चात् वे आयोग की परीक्षा के लिए शैक्षणिक रूप से योग्य हो जाएंगे किन्तु जिनका परिणाम घोषित नहीं हुआ है तथा ऐसे अभ्यर्थी भी, जो ऐसी योग्यता परीक्षा में सम्मिलित होने का आशय रखते हों, प्रारंभिक परीक्षा में प्रवेश के पात्र होंगे| ऐसे समस्त अभ्यर्थियों के लिए जो आयोग द्वारा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए योग्य घोषित किये गये हों, मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने की अन्तिम तारीख तक स्नातक उपाधि या समकक्ष योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा|

ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के अंतिम दिन तक या उसके पूर्व स्नातक उपाधि या समकक्ष योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है मुख्य परीक्षा हेतु आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे| साक्षात्कार के पूर्व अनुप्रमाणन पत्र के साथ योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करने की अंकसूची प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा|

3. ऐसे अभ्यर्थी भी, जिनके पास ऐसी व्यावसायिक या तकनीकी अर्हताएं हों, जो राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त व्यावसायिक या तकनीकी उपाधि के समकक्ष हों| परीक्षा में प्रवेश के पात्र होंगे|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा: अंकन योजना, पैटर्न और सिलेबस

एमपी लोक सेवा आयोग परीक्षा आयु सीमा

1. एक उम्मीदवार को न्यूनतम 21 वर्ष की आयु प्राप्त करनी होगी और अधिकतम 30 वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए| आयु की गणना विज्ञापन के बाद यानि आने वाली 1 जनवरी से की जाएगी|

2. लेकिन मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए ऊपरी आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या न. C-3-5 / 2001/3/1 दिनांक 17 अगस्त 2004 के अनुसार तथा गृह (पुलिस) विभाग, आबकारी विभाग और जेल विभाग के प्रशासनिक पदों के लिए, अधिकतम आयु सीमा केवल उनके भर्ती नियमों के प्रावधानों द्वारा शासित होगी|

3. आगे कहा गया है कि राज्य सरकार इन नियमों में शामिल सेवाओं में से किसी की भी सेवाओं के लिए निम्न और ऊपरी आयु सीमा भिन्न हो सकती है|

एमपी लोक सेवा आयोग परीक्षा आयु में छूट

ऊपर दी गई ऊपरी आयु सीमा में निम्नलिखित सीमा तक छूट दी जाएगी, जैसे-

अधिकतम पांच साल तक- यदि मध्य प्रदेश में अधिवासित उम्मीदवार जाति या जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग से संबंधित है, जिसे अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है|

अधिकतम 3 वर्ष तक- यदि कोई उम्मीदवार भारतीय मूल का अलाभकारी व्यक्ति है, जैसे-

क) जो बर्मा से 1 जून 1963 को या उसके बाद भारत आए|

ख) जो 1 नवंबर 1964 के बाद श्रीलंका से भारत आए|

ग) यदि उम्मीदवार उस समय के पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से एक अलाभकारी विस्थापित व्यक्ति है, और 1 जनवरी 1964 और 25 मार्च 1971 के बीच की अवधि में भारत आया था|

अधिकतम 8 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार उपरोक्त (अधिकतम 3 वर्ष तक) में उल्लिखित प्रत्यावर्तित या विस्थापित व्यक्ति अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्गों से संबंधित है, जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित है और मध्य प्रदेश में अधिवासित है|

अधिकतम 5 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार अपनी पहली नियुक्ति के समय विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त है|

अधिकतम 2 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत अपने नाम पर ग्रीन कार्ड रखता है|

अधिकतम 5 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार जीएडी मेमो नं. C-3-10 / 85/3/1 दिनांक 03-09-1985 के अनुसार आदिवासी दलित और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा प्रायोजित अंतर जातीय विवाह योजना के तहत एक पुरस्कार विजेता जोड़े का अग्रगामी साथी है|

अधिकतम 5 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार जीएडी मेमो नंबर सी- 3 / 8/85/3/1 दिनांक 3 सितंबर 1985 के अनुसार “विक्रम अवार्ड” से सम्मानित खिलाड़ी है|

अधिकतम 3 वर्ष तक- रक्षा सेवा कार्मिक के मामले में, यदि कोई विदेशी देश के साथ शत्रुता के दौरान या अशांत क्षेत्र में सैन्य अभियानों में अक्षम हो जाता है और उसके परिणामस्वरूप ड्यूटी से छुट्टी दे दी जाती है|

अधिकतम 8 वर्ष तक- यदि उपरोक्त श्रेणी (अधिकतम 3 वर्ष तक) के तहत आने वाला उम्मीदवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का है|

अधिकतम 3 वर्ष तक- एक ऐसे उम्मीदवार के मामले में जो वियतनाम से भारतीय मूल (भारतीय पासपोर्ट धारक) का अलाभकारी प्रत्याशी है और साथ ही वह उम्मीदवार जो वियतनाम में भारतीय दूतावास द्वारा जारी किया गया आपातकालीन प्रमाण पत्र रखता है और जो वियतनाम से जुलाई 1975 से पहले भारत मे नहीं आया था|

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

अधिकतम 8 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार उपरोक्त श्रेणी (अधिकतम 3 वर्ष तक) के तहत आते हैं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं|

अधिकतम 5 साल तक- पूर्व सैनिकों और कमीशंड अधिकारियों सहित ईसीओ / एसएससीओ के मामले में जिन्होंने परीक्षा शुरू होने की 1 जनवरी की पूर्व तिथि के अनुसार कम से कम पांच साल की सैन्य सेवा प्रदान की है और कदाचार या अक्षमता के कारण बर्खास्तगी या निर्वहन के माध्यम से या सैन्य सेवा के लिए जिम्मेदार शारीरिक विकलांगता के कारण या अमान्य होने पर असाइनमेंट (उक्त तारीख से छह महीने के भीतर काम पूरा होने वाला हो) के पूरा होने पर जारी किया गया है|

अधिकतम 10 वर्ष तक- यदि उपरोक्त श्रेणी (अधिकतम 5 साल तक) के अंतर्गत आने वाले उम्मीदवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं|

अधिकतम 3 वर्ष तक- एक उम्मीदवार जो पूर्व सैनिक है उसे उसकी उम्र से पहले की गई सभी रक्षा सेवा की अवधि से कटौती करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कि परिणामी आयु ऊपरी आयु सीमा से तीन वर्ष से अधिक न हो|

मध्य प्रदेश- मध्य प्रदेश सरकार के स्थायी, अस्थायी कर्मचारियों तथा सभी वर्गों के कर्मचारियों (महिला कर्मचारियों सहित) के लिए राज्य के स्वायत्त निकायों जैसे- निगमों, बोर्डों, परिषदों, नगर निगमों, नगर पालिका आदि में काम करने वालों के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष है| उपर्युक्त रियायत कार्य-प्रभारित कर्मचारियों और आकस्मिक भुगतान कर्मचारियों एवं लागू होने वाली समितियों में नियुक्त व्यक्तियों / समितियों (सक्षम प्राधिकारी से प्रमाण पत्र) पर भी लागू होगी|

अधिकतम 3 वर्ष तक- यदि उम्मीदवार एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी है, तो उसकी आयु से कटौती करने के बाद, पहले उसके द्वारा प्रदान की गई सभी अस्थायी सेवा की अवधि अधिकतम सात वर्ष तक की होती है, भले ही यह एक से अधिक अवधि का प्रतिनिधित्व करता हो|

विशेष- उपरोक्त के लिए जो पद से हटाए गए सरकारी कर्मचारी, ऐसे व्यक्ति जो कम से कम छह महीने की अवधि के लिए मध्य प्रदेश या उसके किसी भी घटक इकाइयों की अस्थायी सरकारी सेवा में था और जिसने स्थापना में कमी के कारण सेवा से छुट्टी ले ली थी, लेकिन अधिक नहीं रोजगार कार्यालय में पंजीकरण की तारीख से तीन साल पहले या सरकारी सेवा में रोजगार के लिए किए गए आवेदन की तारीख तक|

अधिकतम 5 से 10 वर्ष तक- शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों को श्रेणी- II के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष और श्रेणी- III सेवाओं के लिए 10 वर्ष की छूट होगी तथा विकलांग श्रेणी का लाभ न्यूनतम 40% विकलांगता पर दिया जाएगा|

अधिकतम 10 वर्ष तक- नियम 4 के अनुसार एमपी लोक सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष प्रावधान) नियम, 1997, सभी महिला उम्मीदवारों (जिसमें मध्य प्रदेश राज्य के बाहर की महिलाएं भी शामिल हैं) को अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट दी जाएगी|

उपरोक्त (आयु सीमा) में दिए गए अनुसार, किसी भी मामले में निर्धारित की गई आयु सीमा में छूट नहीं दी जा सकती है| उम्मीदवारों को यह ध्यान देना चाहिए कि आयोग केवल ऐसी जन्मतिथि को ही स्वीकार करेगा जो मैट्रिकुलेशन या माध्यमिक विद्यालय परीक्षा प्रमाण पत्र में दर्ज की गई हो या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो|

हाई स्कूल / हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट / मार्क शीट, स्पष्ट रूप से जन्मतिथि का उल्लेख करते हुए, मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाना चाहिए, जो विफल रहेगा उसका आवेदन पत्र खारिज कर दिया जाएगा| नगर निगम सेवा रिकॉर्ड और इस तरह की आयु, कुंडली, शपथ पत्र, जन्म से संबंधित कोई अन्य दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा|

एक बार जन्म तिथि को आवेदन पत्र में दर्ज किया गया है, उसमें किसी भी बदलाव के लिए अनुरोध किसी भी परिस्थिति में नहीं माना जाएगा और ऐसे सभी निरूपणों को अस्वीकार कर दिया जाएगा| प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी के बीच किसी भी तरह की असहमति का पता लगाने पर आवेदन को अस्वीकार किया जा सकता है|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा (MPPSC) प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें

एमपी लोक सेवा आयोग परीक्षा अन्य मानदंड 

1. कोई भी पुरुष अभ्यर्थी जिसके पास एक से अधिक पत्नी हैं या जिनके पास पत्नी है, ऐसी परिस्थितियों में विवाह करता है, जिसमें ऐसी पत्नी के जीवनकाल के दौरान विवाह करना शून्य हो जाता है, तो वह किसी भी सेवा में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा| जो इस परीक्षा के परिणाम के अनुसार बनाया गया है, जब तक कि राज्य सरकार संतुष्ट नहीं है कि ऐसा करने का कुछ विशेष औचित्य या कारण है और इसके बाद सरकार ऐसे पुरुष उम्मीदवार को इस नियम के संचालन से छूट प्रदान कर सकती है|

2. कोई भी महिला उम्मीदवार जिसका विवाह हुआ है, ऐसे विवाह के समय पति के साथ रहने वाली पत्नी के कारण शून्य है या जिसने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया है, जिसकी ऐसी शादी के समय पत्नी है, किसी भी सेवा में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगी| इस परीक्षा के परिणाम के अनुसार नियुक्ति तब तक की जाती है जब तक कि राज्य सरकार संतुष्ट नहीं हो जाती कि ऐसा करने के लिए कुछ विशेष आधार है और इसके बाद सरकार ऐसी महिला उम्मीदवार को इस नियम के संचालन से छूट दे सकती है|

3. एक उम्मीदवार केवल तभी नियुक्ति के लिए पात्र होगा, जब एमपी लोक सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम- 6, 1961 दिनांक 10-03-2000 के बारे में सरकार द्वारा लाए गए संशोधन के अनुसार होगा, जैसे-

क) एक पुरुष उम्मीदवार की शादी 21 साल से पहले और एक महिला उम्मीदवार की 18 साल से पहले नहीं हुई हो|

ख) 26 जनवरी 2001 के बाद उम्मीदवार की तीसरी संतान नहीं हो|

4. एक उम्मीदवार को एक अच्छे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का होना चाहिए और किसी विशेष सेवा के अधिकारी के रूप में अपने कर्तव्यों के निर्वहन में हस्तक्षेप करने की संभावना वाले किसी भी शारीरिक दोष से मुक्त होना चाहिए| एक उम्मीदवार जो सरकार के रूप में ऐसी चिकित्सा परीक्षा के बाद या नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में मामले को निर्धारित कर सकता है, पाया गया है कि इन आवश्यकताओं को पूरा न करने के लिए नियुक्त नहीं किया जाएगा केवल ऐसे उम्मीदवारों के रूप में नियुक्ति के लिए विचार किए जाने की संभावना है, लेकिन इसके लिए चिकित्सकीय जांच की जाएगी|

5. आयोग उम्मीदवारों को किसी विशेष सेवा के लिए उनकी पात्रता के अनुसार सलाह नहीं दे सकता है| यह स्वयं उम्मीदवारों को देखना कि क्या वे निर्धारित आवश्यकताओं (शर्तों) को पूरा करते हैं और क्या वे यह लागू करने के लिए सार्थक है| हालांकि, उम्मीदवारों का ध्यान निम्नलिखित सेवाओं के लिए निर्धारित भौतिक मानकों पर दिया गया है, जो नीचे दी गई तालिका में दी गई है|

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को खुद को संतुष्ट करना चाहिए कि वे ऐसी सेवाओं के लिए निर्धारित न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करें, ऐसा न हो कि वे निराश हो जाएं बाद में क्योंकि किसी भी नियुक्ति से पहले राज्य सरकार द्वारा शारीरिक मानकों की जांच की जाएगी|

क्रम संख्या पद का नामलिंगलम्बाई सेमी मेसीने का आकार बिना विस्तार के सेमीसीने का आकार विस्तार के साथ सेमी
1राज्य पुलिस सेवा (पुलिस उपाधीक्षक)पुरुष

महिला

168

155

84

सीने का माप अपेक्षित नही

89

सीने का माप अपेक्षित नही

2जिला कमांडेंट होम गार्डपुरुष

महिला

165

155

84

सीने का माप अपेक्षित नही

89

सीने का माप अपेक्षित नही

3जिला आबकारी अधिकारी1638489
4अधीक्षक जिला जेलपुरुष

महिला

168

155

84

सीने का माप अपेक्षित नही

89

सीने का माप अपेक्षित नही

5आबकारी उपनिरीक्षकपुरुष

महिला

165

152.4

81

सीने का माप अपेक्षित नही

86

सीने का माप अपेक्षित नही

6सहायक जेलरपुरुष

महिला

165

158

84

सीने का माप अपेक्षित नही

89

सीने का माप अपेक्षित नही

7परिवहन उप-निरीक्षक16581 (अविस्तृत)

6. परीक्षा में सफलता के लिए नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं है, जब तक कि इस तरह की जांच के बाद सरकार संतुष्ट न हो, क्योंकि आवश्यक समझा जा सकता है, कि उम्मीदवार सेवा और नियुक्ति के लिए सभी मामलों में उपयुक्त है|

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा (MPPSC) मुख्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें

7. परीक्षा या अन्य मामलों में प्रवेश के लिए एक उम्मीदवार की पात्रता के रूप में आयोग का निर्णय अंतिम होगा| इस बिंदु पर कोई प्रतिनिधित्व या पत्राचार समझोता नहीं किया जाएगा| यदि चयन के किसी भी स्तर पर सत्यापन पर यह पाया जाता है कि एक उम्मीदवार सभी पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता है, या गलत जानकारी देता है तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी| यदि उसका कोई दावा गलत पाया जाता है तो वह नीचे दिए गए नियम 16 के संदर्भ में आयोग द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए खुद को उत्तरदायी ठहरा सकता है, जैसे-

क) एक परीक्षार्थी को परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी करने का एकमात्र तथ्य यह नहीं होगा कि उसकी उम्मीदवारी को एमपी लोक सेवा आयोग द्वारा स्वीकार कर लिया गया है या कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए उम्मीदवार द्वारा उसके आवेदन पत्र में की गई प्रविष्टियाँ स्वीकार कर ली गई हैं|

ख) प्रारंभिक परीक्षा सिर्फ एक स्क्रीनिंग परीक्षा है, इसलिए आयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन पत्र के साथ किसी भी प्रमाण पत्र के लिए नहीं पूछता है और परीक्षा के लिए पात्रता की उस स्तर पर पूछताछ नहीं की जाती है| सभी आवेदकों को बिना किसी अपवाद के प्रारंभिक परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन मुख्य परीक्षा के आवेदन फॉर्मों की एक करीबी जांच मुख्य परीक्षा के परिणाम तैयार करने के समय की जाएगी|

जो कि साक्षात्कार के लिए उम्मीदवार की पात्रता निर्धारित करने के समय है| आवश्यक प्रमाण पत्रों को संलग्न नहीं करने वाले आवेदन पत्र खारिज कर दिए जाएंगे| इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पूरी तरह से अपनी पात्रता सुनिश्चित करनी चाहिए कि क्या वे विज्ञापन में रखी गई आवश्यकताओं (शर्तों) को पूरा करते हैं, कहीं ऐसा न हो कि वे बाद में निराश हो जाएं|

8. किसी भी उम्मीदवार को प्रारंभिक परीक्षा या मुख्य परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जब तक कि उसके पास एमपी लोक सेवा आयोग द्वारा जारी प्रवेश पत्र न हो| यदि प्रवेश पत्र में कोई त्रुटि देखी जाती है, तो उसके बाद सुधार के लिए एमपी लोक सेवा आयोग के कार्यालय से संपर्क करना उम्मीदवार की जिम्मेदारी होगी|

9. आवेदन पत्र, आंशिक रूप से गलत तरीके से भरा हुआ है, जिसमें वांछित रिक्त स्थान पर हस्ताक्षर नहीं किया गया है, जिसमें वांछित स्व-हस्ताक्षरित तस्वीरें नहीं हैं या बिना उपयुक्त बैंक ड्राफ्ट के पाया गया है को अस्वीकार कर दिया जाएगा|

10. क) आयु या किसी अन्य रियायत में छूट का दावा करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए अपने आवेदन पत्र के साथ, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए उपयुक्त प्रमाण पत्र की एक फोटोकॉपी संलग्न करनी होगी| अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित एक स्थायी जाति प्रमाण पत्र, जो एक उप-विभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जारी किया जाता है, जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत है, को आवेदन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से संलग्न होना चाहिए|

विवाहित महिलाओं के मामले में उनके पिता द्वारा आयोजित जाति प्रमाणपत्र को स्वीकार किया जाएगा| यदि कोई उम्मीदवार साक्षात्कार के समय मूल प्रमाण पत्र जाति और अन्य प्रमाण पत्रों को जारी करने में विफल रहता है, तो उसकी उम्मीदवारी को अस्वीकार कर दिया जाएगा, जिसके लिए उम्मीदवार स्वयं जिम्मेदार होगा| आवश्यक प्रमाणपत्रों की अनुपस्थिति में किसी भी छूट या रियायत के दावे के लिए उनके मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा|

ख) मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त सरकारी सेवक के रूप में उम्र रियायत का दावा करने वाले एक उम्मीदवार को मूल प्रमाण पत्र विभाग के प्रमुख या कार्यालय से प्राप्त करना चाहिए, जहां से वह पद से हटा था, उसके द्वारा नियुक्त प्रत्येक पद का पदनाम, नियुक्ति की तिथि और छोड़ने में प्रत्येक पद का सम्मान और यह भी प्रमाणित करना कि किस कमी के कारण उन्हें छुट्टी दे दी गई| उसे रोजगार विनिमय में अपने पंजीकरण के प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति भी देनी चाहिए, यदि कोई हो|

ग) एक भूतपूर्व सैनिक के रूप में उम्र की रियायत का दावा करने वाले एक उम्मीदवार को अपने अंतिम मंत्रालय या कार्यालय से मूल प्रमाण पत्र दर्ज करना चाहिए| जो उसकी रक्षा सेवा के संबंध में शुरू होने और छुट्टी की तारीखों का संकेत देता हो और सिफारिश के परिणामस्वरूप उसे वापस ले लिया गया या अधिशेष घोषित किया गया, इकोनॉमिक यूनिट या स्थापना में नियमित कमी के कारण, जैसा भी मामला हो| उसे रोजगार विनिमय में अपने पंजीकरण की सत्यापित प्रति भी देनी चाहिए, यदि कोई हो|

11. एक उम्मीदवार जो एमपी लोक सेवा आयोग द्वारा निम्नलिखित के लिए दोषी पाया गया है, जैसे-

क) किसी भी तरह से लिखित परीक्षा या साक्षात्कार में उसकी उम्मीदवारी के लिए समर्थन प्राप्त करना|

ख) जाल साजी करना|

ग) किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रतिरूपण की खरीद|

घ) छेड़छाड़ किए गए दस्तावेजों या दस्तावेजों को जमा करना|

ड़) ऐसे बयान देना जो गलत या झूठ हैं या चयन के किसी भी स्तर पर सामग्री की जानकारी को दबा रहे हैं|

च) परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए किसी अन्य अनियमित या अनुचित साधनों का सहारा लेना|

छ) परीक्षा हॉल में अनुचित साधनों का उपयोग करने का प्रयास करना|

ज) परीक्षा के संचालन में लगे कर्मचारियों को शारीरिक चोट पहुंचाना, धमकाना या परेशान करना|

झ) परीक्षा के संचालन में लगे केंद्र पर्यवेक्षक या अन्य कर्मचारियों द्वारा दिए गए मौखिक निर्देशों सहित उम्मीदवारों को उनके प्रवेश पत्र या अन्य निर्देशों में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करना|

ञ) परीक्षा हॉल में या साक्षात्कार में किसी अन्य तरीके से दुर्व्यवहार करना, स्वयं को आपराधिक अभियोग के लिए उत्तरदायी ठहराने के अलावा, उत्तरदायी हो सकता है, जैसे-

1. परीक्षा से आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किया जाना जिसके लिए वह उम्मीदवार है|

2. स्थायी रूप से या एक निर्दिष्ट अवधि के लिए वंचित किया जाना है, जैसे-

क) एमपी लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा या उसके द्वारा किए गए चयन से|

ख) इसके तहत राज्य सरकार के रोजगार से|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती: पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया

12. यदि वह पहले से ही सरकार के अधीन सेवा में है, तो उचित नियमों के तहत एक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए, बशर्ते कि इस नियम के तहत कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा-

क) उम्मीदवार को लिखित रूप में ऐसा प्रतिनिधित्व करने का अवसर देना, जैसा कि वह उस संबंध में बनाना चाहता है|

ख) अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत अवधि में प्रत्यावेदन, यदि कोई हो, को ध्यान में रखते हुए, प्रतिनिधित्व लेना|

13. निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन फॉर्मों पर विचार नहीं किया जाएगा और ऐसे फॉर्मों के साथ प्राप्त फीस वापस नहीं की जाएगी| डाक या कूरियर सेवाओं के दौरान देर से, कटे-फटे या खोए हुए रूपों की स्थिति में आयोग जिम्मेदार नहीं होगा|

एक लिफाफे में केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा| एमपी लोक सेवा आयोग के कार्यालय में, काउंटर या डाक से प्राप्त हर ऐसे आवेदन पत्र को स्वीकार किया जाएगा और आवेदन पत्र की प्राप्ति के टोकन के रूप में उम्मीदवार को एक पंजीकरण संख्या जारी की जाएगी| तथ्य यह है, कि उम्मीदवार को आवेदन पंजीकरण संख्या जारी की गई है, इसका मतलब यह नहीं है कि आवेदन सभी प्रकार से पूर्ण है और एमपी लोक सेवा आयोग द्वारा स्वीकार कर लिया गया है| आवेदन पत्र की देर से प्राप्ति के संबंध में कोई पत्राचार या प्रतिनिधित्व नहीं किया जाएगा| परीक्षा में प्रवेश के लिए पात्रता या अन्यथा उम्मीदवार के रूप में आयोग का निर्णय अंतिम होगा|

14. एमपी लोक सेवा आयोग आवेदन पत्र में दर्ज वरीयता को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार को परीक्षा के लिए केंद्र को आवंटित करने या नहीं करने का अधिकार रखता है| उम्मीदवार को वांछित परीक्षा केंद्र आवंटित करे, यह एमपी लोक सेवा आयोग के लिए आवश्यक है, लेकिन बाध्यकारी नहीं है| परीक्षा केंद्रों की क्षमता और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते हैं| केंद्र के परिवर्तन या आवेदन पत्र में किसी अन्य प्रविष्टि के लिए कोई आवेदन नहीं किया जाएगा|

15. यदि कोई अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र में दिए गए पते से अलग एक पते पर आयोग से कोई संचार प्राप्त करना चाहता है, तो पते में इस तरह के बदलाव के लिए एमपी लोक सेवा आयोग को जल्द से जल्द दो स्व-संबोधित पर्याप्त रूप से मुद्रांकित लिफाफे 11.5 x 27.5 सेंटीमीटर आकार के साथ सूचित किया जाना चाहिए| जिसमें उसे अपना पंजीकरण नंबर और परीक्षा का नाम नोट करना होगा| यद्यपि एमपी लोक सेवा आयोग इस तरह के परिवर्तन का ध्यान रखने के लिए हर संभव प्रयास करता है, लेकिन वे मामले में किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं कर सकते हैं|

16. एमपी लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा के संबंध में मार्क शीट की आपूर्ति नहीं करेगा, क्योंकि यह केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है| जैसे, इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा| हालांकि, मुख्य परीक्षा की मार्कशीट अंतिम चयन परिणामों के प्रकाशन के बाद उम्मीदवारों को भेजी जाएगी| आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं है जैसे, इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा|

17. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, O.B.C और दृष्टिहीन विकलांग उम्मीदवारों को अपने निवास स्थान के निकटतम एक परीक्षा केंद्र का चयन करना चाहिए| क्योंकि यात्रा व्यय केवल निकटतम परीक्षा केंद्र तक उनके निवास स्थान से ही देय होगा| मध्य प्रदेश में अधिवासित अभ्यर्थी पहले से ही सेवा में नहीं हैं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित हैं या ओबीसी राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त हैं और परीक्षा देने वाले नेत्रहीन उम्मीदवारों को नकद में यात्रा खर्च का भुगतान किया जाएगा केंद्र अधीक्षक द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के वर्तमान नियमों को उनकी वापसी यात्रा से पहले केंद्र में ही रखा गया होगा|

इसके लिए, उम्मीदवारों को केंद्र अधीक्षक को विधिवत भरा आवश्यक घोषणा पत्र प्रदान करना होगा, और यात्रा भत्ता के लिए पात्रता से संबंधित सभी आवश्यक प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा| इसलिए उन्हें यात्रा व्यय तभी दिया जाएगा, जब वे घोषणा पत्र के साथ संलग्न होंगे, मध्य प्रदेश के एक सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र की एक स्व-सत्यापित प्रति, मध्यप्रदेश में आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में उपस्थित होने वाले नेत्रहीन उम्मीदवारों को एमपी लोक सेवा आयोग के कार्यालय द्वारा यात्रा व्यय का भुगतान किया जाएगा|

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए विज्ञापन में दी गई विभिन्न रियायतें केवल मध्य प्रदेश में अधिवासित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित हैं, जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित हैं और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य पिछड़ा वर्ग को, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और O.B.C. अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को अनारक्षित श्रेणी से संबंधित माना जाएगा| मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य पिछड़ा वर्ग के ‘क्रीमी लेयर’ से संबंधित उम्मीदवारों को आरक्षण, आयु सीमा में छूट और अन्य लाभ की अनुमति नहीं होगी|

18. अंत में किसी विशेष एमपी लोक सेवा के लिए चुने गए उम्मीदवारों को इस तरह के प्रशिक्षण से गुजरना होगा और ऐसी विभागीय परीक्षा पास करनी होगी जो सरकार द्वारा निर्धारित की गई हो| उन्हें मध्य प्रदेश में किसी भी स्थान पर सेवा करने की आवश्यकता होगी और पेशकश करने पर तुरंत नियुक्ति लेने में सक्षम होना चाहिए| उप पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को तीन साल से कम अवधि के लिए राज्य के पुलिस उपाधीक्षक के रूप में या अन्य समान क्षमता में राज्य सेवा करने के लिए एक बॉन्ड निष्पादित करना होगा|

19. निरसन और बचत- इन नियमों से संबंधित सभी नियम और इन नियमों के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू होते हैं, इन नियमों द्वारा कवर मामलों के संबंध में निरस्त किया जाता है, जैसे-

बशर्ते कि निरस्त किए गए नियमों के तहत किए गए किसी भी आदेश या कार्रवाई को इन नियमों के अनुरूप प्रावधानों के तहत बनाया लिया गया या माना जाएगा|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल कैसे बने, जाने भर्ती प्रक्रिया

अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो कृपया वीडियो ट्यूटोरियल के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें| आप हमारे साथ Twitter और Facebook के द्वारा भी जुड़ सकते हैं|

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा सिलेबस, पैटर्न, अंकन योजना

October 23, 2019 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम और पैटर्न मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा निर्धारित किया जाता है| आयोग मध्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) आयोजित करता है| मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जैसे- प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार|

इच्छुक उम्मीदवार जो प्रारंभिक परीक्षा को स्पष्ट करते हैं, उन्हें मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा के लिए उपस्थित होने की अनुमति दी जाती है| इस लेख में इच्छुक उम्मीदवारों की जानकारी के लिए मुख्य परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्र्म का उल्लेख किया गया है| ताकि वे अपनी तैयारी अच्छे से कर सकें| प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम की पूरी जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा पैटर्न

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा में निम्नानुसार कुल 06 प्रश्नपत्र होंगे तथा सभी प्रश्न पत्र अनिवार्य है, जैसे-

प्रश्न पत्र संख्याविषय माध्यमसमय अवधि (घंटे में)अंक 
प्रथमसामान्य अध्यन- Iहिन्दी और अंग्रेजी3300
द्वितीयसामान्य अध्यन- IIहिन्दी और अंग्रेजी3300
तृतीयसामान्य अध्यन- IIIहिन्दी और अंग्रेजी3300
चतुर्थसामान्य अध्यन- IVहिन्दी और अंग्रेजी3200
पंचमसामान्य हिन्दीहिन्दी3200
षष्ठमनिबंध लेखनहिन्दी2100
साक्षात्कार175
कुल अंक1575

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों में प्रश्नों की संख्या, प्रश्नों का प्रकार तथा उत्तर हेतु शब्द सीमा का मार्गदर्शी प्रारूप निम्नानुसार है, जैसे-

1. सामान्य ज्ञान के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रश्नपत्र में दो खण्ड अ तथा ब रहेंगे| प्रत्येक खण्ड 150 अंकों का होगा| प्रत्येक खण्ड के लिये पृथक उत्तरपुस्तिका प्रदान की जायेगी| प्रत्येक खण्ड में 15 अतिलघुउत्तरीय, 10 लघुउत्तरीय एवं 03 निबंधात्मक प्रश्न होंगे| प्रश्नों की संख्या को आयोग आवश्यकतानुसार कम या अधिक कर सकता है|

2. चतुर्थ प्रश्नपत्र में एक ही खण्ड रहेगा तथा प्रश्नपत्र में 15 लघुस्तरीय तथा 15 लघुस्तरीय संक्षिप्त टिप्पणियां सम्मिलित रहेगी तथा एक या दो केस स्टडी से संबंधित लघुस्वरूप के प्रश्न पूछे जायेंगे| प्रश्नों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकता है|

3. सामान्य ज्ञान के प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा चतुर्थ प्रश्नपत्र हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम में प्रदान किये जायेगें| अभ्यर्थी द्वारा हिन्दी या अंग्रेजी माध्यम में से एक भाषा में उत्तर लिखने का विकल्प का चयन किया जा सकता है|

यह भी पढ़ें- MPPSC परीक्षा: पात्रता, आवेदन, सिलेबस, परिणाम और चयन प्रक्रिया

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा सिलेबस

प्रश्न पत्र- । सामान्य अध्ययन पेपर- I

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा का यह प्रश्नपत्र 300 अंक का होगा, इस प्रश्नपत्र में दो खंड होंगे| खंड- अ 150 एवं खंड- ब 150 अंकों का होगा| प्रत्येक खंड हेत् पृथक-पृथक उत्तरपुस्तिकाएं प्रदान की जाएगी|

खंड- अ के लिए-

1. इतिहास एवं संस्कृति

विश्व इतिहास जो इस प्रकार है, जैसे-

क) पुनर्जागरण

ख) इंग्लैंड की क्रांति

ग) फ्रांस की क्रांति

ड़) औद्योगिक क्रांति

च) रूसी कांति, प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध आदि|

2. भारतीय इतिहास-भारत का राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक इतिहास, हड़प्पा सभ्यता से 10 वीं शताब्दी तक|

3. मुगल और उनका प्रशासन, मिश्रित संस्कृति का उद्भव, 11 वीं से 18 वीं शताब्दी तक मध्यभारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक इतिहास|

4. ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव, ब्रिटिश शासन के प्रति भारतीयों की प्रतिक्रिया, कृषक एवं आदिवासियों का विद्रोह, प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन/संग्राम|

5. भारतीय पुनर्जागरण- राष्ट्रीय, स्वतंत्रता आंदोलन एवं इसके नेतृत्वकर्ता (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में)|

6. गणतंत्र के रूप में भारत का उदय, राज्यों का पुनर्गठन, मध्यप्रदेश का गठन, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् के प्रमुख घटनाक्रम|

7. मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में भारतीय सांस्कृतिक विरासत- प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न कला प्रारूपों, साहित्य, पर्व (उत्सवों), वास्तुकला के प्रमुख पक्ष, भारत में विश्व धरोहर स्थल, मध्यप्रदेश में पर्यटन|

खड- ब के लिए-

भूगोल

भारत एवं विश्व का जो इस प्रकार है, जैसे-

1. भारत एवं विश्व भौतिक भूगोल की प्रमुख विशेषताएं/ लक्षण|

2. मध्यप्रदेश के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण, कृषि-जलवायु क्षेत्र एवं उद्योग|

3. भारत एवं मध्यप्रदेश की जनांकिकी, मध्यप्रदेश की जनजातियां, आपदाग्रस्त जनजातियों के विशिष्ट संदर्भ में|

4. कृषि पारिस्थितिकी एवं मनुष्य के लिये इसकी प्रासंगिकता, धारणीय प्रबंधन एवं संरक्षण, राज्य की प्रमुख फसलें, कृषि जोत क्षेत्र एवं फसल चक्र, फसलों के उत्पादन और वितरण का भौतिक और सामाजिक पर्यावरण| राज्य में बीज एवं खाद की गुणवत्ता एवं आपूर्ति, कृषि के तरीके, बागवानी, मुर्गी पालन, डेयरी, मछली एवं पशु पालन आदि के मुद्दे एवं समस्याएँ, कृषि उत्पादन, परिवहन, भण्डारण एवं विपणन आदि से संबंधित समस्याएँ एवं चुनौतियाँ|

मृदा- मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण, मृदा निर्माण की प्रक्रिया एवं मृदा के खनिज एवं कार्बनिक तत्व तथा भूमि की उत्पादकता बनाये रखने में इनका योगदान, मृदा एवं वनस्पति में आवश्यक वनस्पति पौषक और विभिन्न लाभदायक तत्व, समस्याग्रस्त मृदा और उसके परिष्कार के तरीके, मध्यप्रदेश में मृदा क्षरण और ह्रास की समस्यायें, जलग्रहण आधार पर मृदा संरक्षण नियोजन|

5. भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- संभावनाएं एवं महत्व, स्थान निर्धारण, उद्योग की पूर्ववर्ती एवं अग्रवर्ती आवश्यकताएँ, मांग पूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, भारत में भूमि सुधार|

जल प्रबंधन

जल प्रबंधन इस प्रकार है, जैसे-

1. भू-जल एवं जल संग्रहण प्रबंधन|

2. जल का उपयोग एवं कुशल सिंचाई प्रणाली|

3. पेयजल- आपूर्ति, जल की अशुद्धता के कारक एवं गुणवत्ता का प्रबंधन|

आपदा एवं आपदा प्रबंधन

आपदा एवं आपदा प्रबंधन से प्रश्न इन विषयों पर होंगे, जैसे-

1. मानव निर्मित एवं प्राकृतिक आपदाएँ- आपदा प्रबंधन की अवधारणाएं एवं विस्तार की संभावनाएं, विशिष्ट खतरे एवं उनका शमन|

2. सामुदायिक योजना- संसाधन मानचित्रण, राहत एवं पुनर्वास, निरोधक एवं प्रशासनिक उपाय, सुरक्षित निर्माण, वैकल्पिक संचार एवं जीवन रक्षा हेतु दक्षता|

3. केस स्टडी (प्रकरण अध्ययन)- चेरनोबिल परमाणु संयंत्र त्रासदी 1986, भोपाल गैस त्रासदी 1984, कच्छ भूकंप 2001, भारतीय सुनामी 2004, फुकुसिमा डायची जापान परमाणु आपदा 2011, उत्तराखंड बाढ़ 2013, उज्जैन त्रासदी 1994, इलाहाबाद कुंभ की भगदड़ 2013, जम्मू एवं कश्मीर की बाढ़ 2014 आदि का अध्ययन|

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश लोक सेवा (MPPSC) मुख्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें

प्रश्न पत्र- || सामान्य अध्ययन पेपर- II

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा का यह प्रश्नपत्र 300 अंक का होगा, इस प्रश्नपत्र में दो खंड होंगे| खंड- अ 150 एवं खंड- ब 150 अंकों का होगा| प्रत्येक खंड हेतु पृथक-पृथक उत्तरपुस्तिकाएं प्रदान की जाएगी|

खड- अ के लिए-

संविधान, शासन की राजनैतिक एवं प्रशासनिक संरचना

संविधान, शासन की राजनैतिक एवं प्रशासनिक संरचना से प्रश्न इस प्रकार होंगे, जैसे-

1. संविधान निर्माण समिति, भारत का संविधान, प्रस्तावना, बुनियादी संरचना, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य एवं राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत, संविधान की अनुसूचियां, संवैधानिक संशोधन, भारत के संविधान की अन्य देशों के संविधानों के साथ तुलना|

2. केन्द्र एवं राज्य विधायिका|

3. केन्द्र एवं राज्य कार्यपालिका|

4. न्यायपालिका- सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, जिला एवं अधीनस्थ न्यायालय, न्यायपालिका की अवमानना|

5. भारतीय संघ की प्रकृति, केन्द्र एवं राज्यों के संबंध, शक्तियों का विभाजन (केन्द्र सूची, राज्य सूची एवं समवर्ती सूची) संसाधनों का वितरण|

6. विकेन्द्रीकरण एवं लोकतांत्रिक शासन में जनभागीदारी, स्थानीय शासन, संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधन, पंचायतें, नगर पालिकाएँ (ग्रामीण एवं नगरीय, स्थानीय शासन)|

7. लोकपाल, लोकायुक्त एवं लोक न्यायालय- न्यायपालिका- संवैधानिक व्यवस्था के संरक्षण एवं प्रहरी के रूप में- न्यायिक सक्रियता, जनहित याचिका|

8. जवाबदेही एवं अधिकार-प्रतिस्पर्धा आयोग, उपभोक्ता न्यायालय, सूचना आयोग, महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग, अजा/अजजा/अपिव आयोग एवं अन्य निवारण संस्थाएं/प्राधिकरण| इन्टरनेशनल ट्रांसपेरेन्सी एवं जवाबदेही, सूचना का अधिकार, सेवा प्राप्ति का अधिकार, सार्वजनिक निधि का उपयोग|

9. लोकतंत्र की कार्य प्रणाली- राजनीतिक दल, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी|

10. निर्वाचन, निर्वाचन आयोग, निर्वाचन संबंधी सुधार|

11. समुदाय आधारित संगठन (CBO) एवं गैर सरकारी संगठनों (NGO) का उद्भव – स्व-सहायता समूह|

12. मीडिया की भूमिका एवं समस्याएं (इलेक्ट्रानिक, प्रिन्ट एवं सामाजिक)

बाह्य एवं आन्तरिक सुरक्षा के मुद्दे- इस भाग में बाह्य एवं आन्तरिक सुरक्षा के मुद्दे से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न होंगे|

लोक सेवाएं- लोकसेवाएं, अखिल भारतीय सेवाएं, केन्द्रीय सेवायें, राज्य सेवाएं, संवैधानिक पद उनकी भूमिका, कार्य और कार्य की प्रवृत्ति, संघ लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, शासन के बदलते प्रारूप के संदर्भ में केन्द्र एवं राज्य के प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थायें|

लोक व्यय एवं लेखा- लोकव्यय पर नियंत्रण, संसदीय नियंत्रण, प्राक्कलन समिति, लोकलेखा समिति आदि| भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्यालय, मौद्रिक एवं वित्तीय नीति में वित्त मंत्रालय की भूमिका, मध्यप्रदेश के महालेखाकार का गठन एवं कार्य|

अंतर्राष्ट्रीय संगठन

अंतर्राष्ट्रीय संगठन से संबन्धित प्र्शन इस प्रकार होंगे, जैसे-

1. संयुक्त राष्ट्र एवं उसके सहयोगी संगठन|

2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक|

3. सार्क, ब्रिक्स, अन्य द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय समूह|

4. विश्व व्यापार संगठन एवं भारत पर इसके प्रभाव आदि|

खंड- ब के लिए-

सामाजिक एवं महत्वपूर्ण विधान

सामाजिक एवं महत्वपूर्ण विधान से प्र्शन इस प्रकार होंगे, जैसे-

1. भारतीय समाज, सामाजिक बदलाव के एक साधन के रूप में सामाजिक विधान

2. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम- 1993

3. भारतीय संविधान एवं आपराधिक नियमों के अंतर्गत महिलाओं को प्राप्त सुरक्षा

4. घरेलू हिंसा से स्त्री का संरक्षण अधिनियम- 2005

5. सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम- 1955

6. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम- 1989

7. सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005

8. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम- 1986

9. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम- 1986

10. सूचना प्राद्यौगिकी अधिनियम- 2000

11. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम- 1988

12. मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम- 2010 आदि|

सामाजिक क्षेत्र

स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सशक्तिकरण प्र्शन इस प्रकार होंगे, जैसे-

1. स्वास्थ्य सेवायें- भारत/मध्यप्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के संदर्भ में निरोधात्मक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य कार्यक्रम, सभी के लिए उपचारात्मक स्वास्थ्य की उपलब्धता से संबंधित समस्याएँ| चिकित्सकों एवं चिकित्सा सहायकों (पैरामेडिकल स्टाफ) की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सेवायें|

2. कुपोषण- कारण और प्रभाव एवं पूरक पोषण हेतु शासकीय कार्यक्रम|

3. प्रतिरक्षा शास्त्र के क्षेत्र में तकनीकी दखल- प्रतिरक्षण, पारिवारिक स्वास्थ्य, बायोटेक्नोलोजी, संक्रामक एवं असंक्रामक बीमारियां एवं उनके उपचार|

4. जन्म-मृत्यु समंक (वायटल स्टेटिस्टिक्स)|

5. विश्व स्वास्थ्य संगठन- उद्देश्य, संरचना, कार्य एवं कार्यक्रम आदि|

शिक्षण प्रणाली- मानव संसाधन विकास में शिक्षा -एक साधन, सार्वभौमिक/समान प्रारम्भिक शिक्षा, उच्चशिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा की गुणवत्ता, बालिकाओं की शिक्षा, वंचित वर्ग, निःशक्त वर्ग से संबंधित मुद्दे|

मानव संसाधन विकास- कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता, भारत में मानव संसाधन की नियोजिता एवं उत्पादकता, रोजगार के विभिन्न चलन (टेंडस), विभिन्न संस्थाओं जैसे -एन.सी.एच.ई.आर., एन.सी.ई.आर.टी. एन.आई.ई.पी.ए.. यू.जी.सी., मुक्त विश्व विद्यालय, ए.आई.सी.टी.ई, एन.सी.टी.ई., एन.सी.व्ही.टी., आई.सी.ए.आर., आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.टी. एन. एल.यू.एस. पोलीटेक्नीक एवं आई.टी.आई, आदि की भूमिका एवं मानव संसाधन विकास|

कल्याणकारी कार्यक्रम- वृद्धजन, निःशक्त जन, बच्चों, महिलाओं, श्रम, सामाजिक रूप से वंचित वर्ग एवं विकास परियोजनाओं के फलस्वरूप विस्थापित वर्गों से संबंधित मुददे एवं कल्याणकारी कार्यक्रम|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा (MPPSC) प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें

प्रश्न पत्र- ||| सामान्य अध्ययन पेपर (III)

मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा का यह प्रश्नपत्र 300 अंक का होगा इस प्रश्नपत्र में दो खंड होंगे| खंड- अ 150 एवं खंड- ब 150 अंकों का होगा| प्रत्येक खंड हेतु पृथक-पृथक उत्तरपुस्तिकाएं प्रदान की जाएगी|

खंड- अ के लिए-

विज्ञान एवं तकनीकी

विज्ञान

1. हमारे आस-पास व्याप्त पदार्थ, तत्व, यौगिक, मिश्रण, धातुएँ और अधातुएँ, कार्बन और इसके यौगिक, अणु, परमाण, परमाणु की संरचना, रासायनिक अभिक्रियाएँ, अम्ल, क्षार एवं लवण|

2. जीव, जीवों के प्रकार, ऊतक, जीवन की इकाई, कोशिका, जैविक कियाएँ, चयापचय, नियंत्रण और सामंजस्य, प्रजनन, आनुवांषिकी एवं जैव विकास|

3. गुरुत्वाकर्षण, गति, बल, गति के नियम, कार्य और ऊर्जा, प्रकाष, ध्वनि, विद्युत एवं चुम्बकत्व आदि|

तर्क एवं आंकड़ों की व्याख्या

1. आधार संख्याएँ और सांख्यिकी (अंक और उनके संबंध) संभाविता|

2. आंकड़ों का प्रबंधन एवं व्याख्या (चार्ट, ग्राफ, तालिका, तथ्यांकी, पर्याप्ता आदि)|

3. अनुपात और समानुपात, इकाई विधि, लाभ एवं हानि, प्रतिशत, छूट, साधारण और चक्रवर्ती ब्याज|

4. क्षेत्रविधि, क्षेत्रफल, परिमाप, आयतन|

5. तार्किक शक्ति, विष्लेषणात्मक क्षमता और समस्या समाधान आदि|

तकनीकी

1. विज्ञान एवं तकनीकी का सामाजिक और आर्थिक विकास में अनुप्रयोग, देषज तकनीकी, तकनीकी हस्तान्तरण और नवीन तकनीकी का विकास|

2. पेटेन्ट और बौद्धिक सम्पदा के अधिकार (ट्रिप्स, ट्रिम्स)|

3. विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भारतीयों का योगदान आदि|

विकासशील तकनीकी

नवीन तकनीकी जैसे सूचना और संचार तकनीकी, सुदूर संवेदन, अंतरिक्ष जी आय एस, जी पी एस, जैव प्रौद्योगिकी, नेनो तकनीकी, कृषि और अन्य संबंधित क्षेत्र, स्वास्थ्य, ई-गर्वनेन्स, यातायात, स्थानिक नियोजन, गृह एवं क्रीडा आदि में इनके अनुप्रयोग|

ऊर्जा

1. परंपरागत और गैर परंपरागत ऊर्जा संसाधन|

2. ऊर्जा प्रबंधन- मुद्दे और चुनौतियाँ|

3. वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएँ आदि|

पर्यावरण एवं धारणीय विकास

1. पर्यावरणीय क्षरण : कारण, प्रभाव एवं निदान|

2. पर्यावरण संरक्षण विधियाँ, नीतियाँ और नियामक ढाँचा|

3. पर्यावरण एवं विकास पर चर्चा|

4. ठोस, तरल, अपशिष्ट, जल-मल, हानिकारक चिकित्सा अवशिष्ट एवं ई-वेस्ट का प्रबंधन|

5. जलवायु परिवर्तन : कारण और निदानात्मक उपाय|

6. पर्यावरणीय छाप और इससे निपटने की रणनीतियाँ आदि|

खंड- ब के लिए-

भारतीय अर्थव्यवस्था

1. भारत में विकास का अनुभव|

2. मध्यप्रदेश में मन्द औद्योगिक विकास के कारण|

3. 1991 के बाद से हुए आर्थिक सुधार : औद्योगिक एवं वित्तीय क्षेत्र में सुधार, स्टॉक बाजार एवं बैंकिंग प्रणाली|

4. उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण|

5. भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान प्रवृतियाँ एवं चुनौतियाँ|

6. भारत में विकास का नियोजन|

7. राष्ट्रीय आय एवं लेखांकन की प्रणाली|

8. आधारभूत अधोसंरचना विकास एवं मुद्दे|

9. गरीबी, बेरोजगारी, क्षेत्रिय असंतुलन एवं प्रवजन|

10. नगरीय क्षेत्र के मुद्दे- नगरीय विकास के मुद्दे (सामाजिक एवं आर्थिक संरचना) एवं निम्न आय वर्गीय समूह के लिये आवास|

11. ग्रामीण क्षेत्र के मुद्दे, ग्रामीण विकास (सामाजिक एवं आर्थिक संरचना) एवं ग्रामीण साख|

12. विकास का सूचकांक, मानव विकास एवं आर्थिक विकास|

13. भारत और मध्यप्रदेश में सहकारिता आन्दोलन|

14. मध्यप्रदेश और भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्ता|

15. आर्थिक विकास के तत्व|

16. कृषि क्षेत्र एवं अन्य सामाजिक क्षेत्रों के लिये प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सब्सीडी के मुददे|

17. लोक वितरण प्रणाली : उद्देश्य, कार्यप्रणाली, सीमायें, खाद्य सुरक्षा एवं बफर स्टॉक से संबंधित मुद्दे आदि|

यह भी पढ़ें- एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड

प्रश्न पत्र- IV सामान्य अध्ययन पेपर (iv)

मानवीय आवश्यकताएँ एवं अभिप्रेरणा

लोक प्रशासन में नैतिक सद्गुण एवं मूल्य- प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अन्तरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन दार्शनिक/विचारक, सामाजिक|

कार्यकर्ता/सुधारक- महावीर, बुद्ध, कौटिल्य, प्लेटो, अरस्तू, गुरूनानक, कबीर, तुलसीदास, रवीन्द्रनाथ टैगोर, राजा राम मोहन रॉय, स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, श्री अरविन्दो, मोहनदास करमचंद गाँधी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, भीमराव रामजी अम्बेड़कर, मौलाना अबुल कलाम आजाद,दीनदयाल उपाध्याय, राम मनोहर लोहिया आदि|

मनोवृत्ति, विषयवस्तु, तत्व, प्रकार्य- मनोवृत्ति का निर्माण, मनोवृत्ति परिवर्तन, प्रबोधक संप्रेषण, पूर्वाग्रह तथा विभेद, भारतीय संदर्भ में रूढ़िवादिता|

अभिक्षमता एवं लोक सेवा हेतु- आधारभूत योग्यताएं, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं असमर्थकवादी, वस्तुनिष्ठता, लोक सेवा के प्रति समर्पण, समानुभूति, सहिष्णुता एवं अशक्त वर्गों के प्रति संवेदना/करूणा|

संवेगिक बुद्धि- अवधारणा, प्रशासन/शासन में इसकी उपयोगिता एवं अनुप्रयोग|

भ्रष्टाचार- भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं विसलब्लोअर (Whistleblower) की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपेरेन्सी इन्टरनेशनल आदि|

पाठ्यक्रम विषयवस्तु- पाठ्यक्रम में सम्मिलित विषयवस्तु पर आधारित प्रकरणों का अध्ययन|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती: पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया

पंचम प्रश्नपत्र सामान्य हिन्दी

इस मध्य प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र का स्तर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों के समकक्ष होगा| इसका उददेश्य उम्मीदवार की पढ़ने, समझने और लेखन की योग्यता एवं हिन्दी में स्पष्ट तथा सही विचार व्यक्त करने की जाँच करना है| सामान्यतः निम्नलिखित विषयों पर प्रश्न पूछे जायेंगे, जैसे-

1. पल्लवन, सन्धि व समास

क) दिये गए वाक्यों का व्यापक अर्थ (शब्द-सीमा 50 शब्द)|

ख) सन्धि, समास व विराम चिन्ह|

2. संक्षेपण

3. प्रारूप लेखन- शासकीय व अर्धशासकीय पत्र, परिपत्र, प्रपत्र, विज्ञापन, आदेश, पृष्ठांकन, अनुस्मारक (स्मरण पत्र), अधिसूचना, टिप्पण लेखन (कोई दो)|

4. प्रयोग, शब्दावली तथा प्रारंभिक व्याकरण

क) प्रशासनिक पारिभाषिक शब्दावली (हिन्दी व अंग्रेजी)

ख) मुहावरे अथवा कहावतें

ग) विलोम शब्द एवं समानार्थी शब्द

घ) तत्सम तद्भव शब्द

ड़) पर्यायवाची शब्द

च) शब्द युग्म|

5. क) अपठित गद्यांश

ख) प्रतिवेदन – (प्रशासनिक, विधि, पत्रकारिता, साहित्य व सामाजिक)

6. अनुवाद (वाक्यों का)- हिन्दी से अंग्रेजी एवं अंग्रेजी से हिन्दी

षष्ठम प्रश्नपत्र- निबंध लेखन

1. प्रथम निबंध (लगभग 1000 शब्दों में)- अंक 50

2. द्वितीय निबंध (लगभग 250 शब्दों में)- अंक 25

3. तृतीय निबंध (लगभग 250 शब्दों में)- अंक 25

4. उपरोक्त तीनों का कुल अंकों का योग 100 होगा|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल कैसे बने, जाने भर्ती प्रक्रिया

अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो कृपया वीडियो ट्यूटोरियल के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें| आप हमारे साथ Twitter और Facebook के द्वारा भी जुड़ सकते हैं|

मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस, पैटर्न, अंकन योजना

October 22, 2019 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) राज्य सेवा परीक्षा (SSE) का आयोजन मध्य प्रदेश राज्य के सरकारी विभागों और कार्यालयों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए किया जाता है| मध्यप्रदेश लोक सेवा परीक्षा तीन चरणों अर्थात् प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में आयोजित की जाती है|

इच्छुक अभ्यर्थी जो प्रारंभिक परीक्षा को स्पष्ट करते हैं, उन्हें मध्यप्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा के लिए उपस्थित होने की अनुमति दी जाती है| इस लेख में इच्छुक अभ्यर्थीयों की जानकारी के लिए प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्र्म का उल्लेख किया गया है| ताकि वे अपनी तैयारी अच्छे से कर सकें|

मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा योजना

मध्यप्रदेश लोक सेवा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के दो क्रमिक चरण हैं, जैसे-

क) मुख्य परीक्षा हेतु उम्मीदवारों के चयन के लिये राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे|

ख) सेवाओं तथा पदों के विभिन्न प्रवर्गों के लिये उम्मीदवारों के चयन हेतु राज्य सेवा लिखित मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा (MPPSC) मुख्य परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न

मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार (बहुविकल्पीय प्रश्न) के दो प्रश्न पत्र होंगे| प्रत्येक प्रश्नपत्र की पैटर्न इस प्रकार योजनानुसार की जायेगी, जैसे-

प्रश्न पत्र विषय अंक समय अवधि 
प्रथमसामान्य अध्यन2002 घंटे
द्वितीयसामान्य अभिरुचि परीक्षण2002 घंटे

1. मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा केवल छानबीन परीक्षण के रूप में ली जाती है| इस परीक्षा में प्राप्त अंको के आधार पर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु योग्य घोषित किया जाता है| अंतिम चयनसूची केवल मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंको के आधार पर निर्मित की जायेगी

2. मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा मे दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार (बहुविकल्पीय प्रश्न) के होंगे|

3. प्रत्येक प्रश्न के लिये चार सम्भाव्य उत्तर होंगे जिन्हें अ, ब, स और द में समूहीकृत किया जायेगा, जिनमें से एक सही उत्तर होगा| उम्मीदवार से अपेक्षा की जाती है कि वह उत्तर पुस्तिका में उसके द्वारा निर्णीत सही माने गये अ, ब, स, या द में से केवल एक उत्तर पर चिन्ह लगाना होगा|

4. प्रत्येक प्रश्नपत्र में 2-2 अंक के 100 प्रश्न होंगे, प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंको का होगा तथा प्रत्येक प्रश्नपत्र की समयावधि 2 घंटे होगी|

5. प्रारंभिक परीक्षा हेतु सामान्य अध्ययन तथा सामान्य अभिरूचि परीक्षण के विस्तृत पाठ्यक्रम परिशिष्ट-दो में यथा विनिर्दिष्ट हैं|

6. मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा का प्रत्येक प्रश्न पत्र हिन्दी तथा अंग्रेजी में होगा|

7. प्रारम्भिक परीक्षा उपरांत परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों और उसके आदर्श उत्तरों की कुंजी तैयार कर, जिसके आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा, आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर आपत्तियां प्राप्त की जायेंगी|

8. प्राप्त आपत्तियों पर आयोग द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा विचार किया जायेगा। समिति द्वारा आपत्तियों पर विचार कर निम्नलिखित अनुसार कार्यवाही की जायेगी, जैसे-

क) ऐसे प्रश्न जिसका आदर्श कुंजी में गलत उत्तर दिया गया है और प्रश्न के वैकल्पिक उत्तरों में दूसरा सही उत्तर उपलब्ध है तब आदर्श कुंजी को संशोधित किया जायेगा|

ख) आपत्तियों के आधार पर निम्नलिखित अनुसार पाए गये प्रश्नों को प्रश्नपत्र से विलोपित कर दिया जायेगा, जैसे-

अ) ऐसे प्रश्न जिसका दिये गये विकल्पों में सही उत्तर न हो|

ब) ऐसे प्रश्न जिसका दिये गये विकल्पों में एक से अधिक सही उत्तर हो|

स) समिति दवारा विलोपित किए गये प्रश्नों को छोड़कर शेष प्रश्नों के आधार पर अभ्यर्थियों का मूल्यांकन कर प्रारम्भिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया जायेगा|

9. मख्य परीक्षा में प्रवेश पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या विज्ञापन में दर्शित की गई सेवा तथा पदों के विभिन्न प्रवर्गों से भरी जाने वाली कुल रिक्तियों की संख्या से लगभग 15 गुना होगी|

10. केवल वे ही उम्मीदवार, जिन्हें आयोग ने संबंधित विज्ञापन के अधीन प्रारंभिक परीक्षा में योग्य घोषित किया हो, मुख्य परीक्षा में प्रवेश पाने के लिये पात्र होंगे|

11. मुख्य परीक्षा की पात्रता हेतु उम्मीदवार को प्रारंभिक परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न पत्र में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछडा वर्ग एवं विकलांग श्रेणी के उम्मीदवार के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 30 प्रतिशत होंगे|

विशेष- प्रारम्भिक परीक्षा का द्वितीय प्रश्न-पत्र केवल क्वालीफाइंग स्वरूप का होगा| अर्थात द्वितीय प्रश्नपत्र में न्यूनतम उत्तीर्णांक अर्जित करने वाले अभ्यर्थियों द्वारा प्रथम प्रश्न-पत्र में प्राप्त अंकों के गुणानुक्रम के आधार पर प्रारम्भिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा| द्वितीय प्रश्नपत्र में प्राप्त अंकों को प्रारम्भिक परीक्षा परिणाम के लिए गुणानुक्रम निर्धारण में शामिल नहीं किया जाएगा|

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश लोक सेवा (MPPSC) प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें

मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम

प्रथम प्रश्नपत्र के लिए-

सामान्य अध्ययन

सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण- सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण (पर्यावरणीय परिस्थितिकी, जीव विविधता तथा मौसर परिवर्तन) पर प्रष्नों में दैनिक (रोजमरा) अवलोकन एवं अनुभव से सम्बन्धित प्रश्न जो किसी भी शिक्षित व्यक्ति द्वारा अपेक्षित है और जिन्होंने इन विषयों का विशेष अध्ययन नहीं किया हो वो भी सम्मिलित होंगे|

राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएँ- वर्तमान घटनाओं में प्रमुख राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के ज्ञान का परीक्षण किया जाएगा|
भारत का इतिहास और स्वतंत्र भारत- इतिहास में सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक पहलुओं से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान के प्रश्न होंगे| राष्ट्रीय आन्दोलन तथा स्वतंत्र भारत के विकास के प्रश्न भी पूछे जाएगे|

भारत एवं विश्व का भूगोल, जैसे-

1. भारत का भूगोल भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल के सामान्य ज्ञान के प्रश्न होंगे| इसमें भारतीय कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों का समावेश होगा तथा भारतीय जनांकिकीय एवं जनगणना से सम्बन्धित प्रश्न होंगे|

2. विश्व की सामान्य भौगोलिक जानकारी|

भारतीय राजनीति एवं अर्थव्यवस्था- इसमें देश की राजनैतिक व्यवस्था एवं संविधान, पंचायती राज, सामाजिक व्यवस्था, सतत् आर्थिक विकास, चुनाच, राजनीतिक दलों, योजनाएँ, औद्योगिक विकास, विदेशी व्यापार, आर्थिक एवं वित्तीय संस्थाओं पर प्रश्न होंगे|

खेलकूद- मध्यप्रदेश, भारत, एशिया एवं विश्व में खेले जाने वाले प्रमुख खेलकूद एवं खेल प्रतियोगिताओं, पुरस्कारों, व्यक्तित्वों तथा प्रतिष्ठित खेल संस्थानों से सम्बन्धित प्रश्न होगे|

मध्यप्रदेश का भूगोल, इतिहास तथा संस्कृति- मध्यप्रदेश के भूगोल में पर्वतों के विकास, नदियां, जलवायु, वनस्पतियाँ, जीवजन्तु, खनिज, परिवहन से सम्बन्धित प्रश्न होगे|

मध्यप्रदेश के इतिहास एवं संस्कृति- में प्रसिद्ध राजवंशों का योगदान, जनजातियां, कला, स्थापत्य कला, ललित कलाओं एवं ऐतिहासिक व्यक्तियों पर भी प्रश्न होंगे|

मध्यप्रदेश की राजनीति एवं अर्थव्यवस्था- इसमें प्रदेश की राजनैतिक व्यवस्था, राजनीतिक दलों एवं चुनाव, पंचायतीराज, मध्यप्रदेश की सामाजिक व्यवस्था, सतत् आर्थिक विकास से संबंधित प्रश्न होंगे तथा इसमें उद्योग योजनाऐं, आर्थिक कार्यक्रम, व्यापार, मध्यप्रदेष की जनांकिकीय एवं जनगणना पर प्रश्न भी सम्मिलित होंगे|

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी- इसमें अभिलक्षण, प्रयोग और शब्दावलियों, जैसे वेबसाईट, आनलाईन सर्च इंजिन, ई-मेल, वीडियो मेल, चेटिंग, वीडियो कान्फेन्स, हेकिंग, क्रेकिंग, वायरस और सायबर अपराध से सम्बन्धित प्रश्न सम्मिलित होंगे|

अनुसूचित एवं जनजाति जाति- इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 एवं सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1995 से संबन्धित प्रश्न होंगे|

मानव अधिकार- मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 संबन्धित प्रश्न होंगे|

यह भी पढ़ें- MPPSC परीक्षा: पात्रता, आवेदन, सिलेबस, परिणाम और चयन प्रक्रिया

द्वितीय प्रश्नपत्र के लिए-

सामान्य अभिरूचि परीक्षण

1. बोधगम्यता (समझने के योग्य)|

2. संचार कौशल सहित अंतर – वैयक्तिक कौशल|

3. तार्किक कौशल एवं विश्लेषणत्मक क्षमता|

4. निर्णय लेना एवं समस्या समाधान|

5. सामान्य मानसिक योग्यता|

6. आधारभूत संख्यनन (संख्यायें एवं उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि- दसवीं कक्षा का स्तर), आंकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि-दसवीं कक्षा का स्तर)|

7. हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल (दसवीं कक्षा का स्तर)|

विशेष- दसवीं कक्षा के स्तर के हिन्दी भाषा के बोधगम्यता कौशल से संबंध प्रश्नों का परीक्षण, प्रश्नपत्र में केवल हिन्दी भाषा के उद्धरणों के माध्यम से, अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध कराये बिना किया जायेगा|

यह भी पढ़ें- एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड

अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो कृपया वीडियो ट्यूटोरियल के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें| आप हमारे साथ Twitter और Facebook के द्वारा भी जुड़ सकते हैं|

  • « Go to Previous Page
  • Page 1
  • Interim pages omitted …
  • Page 223
  • Page 224
  • Page 225
  • Page 226
  • Page 227
  • Interim pages omitted …
  • Page 389
  • Go to Next Page »

Primary Sidebar

  • Facebook
  • Instagram
  • LinkedIn
  • Twitter
  • YouTube

Categories

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact Us
  • Sitemap

Copyright@Dainik Jagrati