भारत में मेथी की दो प्रकार की किस्मों की खेती की जाती है| एक समान्य और दूसरी कसूरी मेथी की किस्में, यदि किसान बन्धुओं इसकी फसल से अच्छी उपज प्राप्त करना चाहते है, तो उनको स्थानीय किस्मों की अपेक्षा उन्नत किस्मों को महत्व देना चाहिए| इसके लिए कृषकों को किस्मों की जानकारी होना भी आवश्यक [Read More] …
Agriculture
मसूर की फसल में कीट और रोग नियंत्रण कैसे करें; आधुनिक विधि
मसूर की फसल को बहुत से हानिकारक कीट और रोग नुकसान पहुचाते है| जिससे किसानों को मसूर की फसल से अपनी इच्छित उपज प्राप्त नही हो पाती है| यदि समय पर आर्थिक स्तर से अधिक हानि पहुचाने वाले कीट एवं रोगों पर नियंत्रण कर लिया जाए तो मसूर की फसल से अच्छी पैदावार प्राप्त की [Read More] …
मसूर की उन्नत किस्में | मसूर की सबसे अच्छी किस्में कौन सी है?
मसूर की फसल से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए उन्नत प्रजाति का चयन करना आवश्यक है| इसके साथ-साथ प्रजाति अपने क्षेत्र की प्रचलित और अधिक पैदावार देने वाली तथा विकार रोधी होनी चाहिए| हमारे देश में मसूर की दो प्रकार की अनेक किस्मे उपलब्ध है| पहली छोटे दाने वाली और दूसरी बड़े दाने वाली [Read More] …
जौ की उन्नत किस्में | जौ की सबसे अच्छी किस्में कौन सी है?
जौ प्राचीन और रबी मौषम की प्रमुख फसल है| जौ की फसल से अधिक उत्पादन पाने के लिए अपने क्षेत्र के हिसाब से विकसित उन्नत किस्मों का चयन करना चाहिए| पिछले कुछ वर्षों में बाजार में जौ की मांग बढ़ने से किसानों को इसकी खेती से फायदा भी हो रहा है| इसलिए जौ की उन्नत [Read More] …
सोवा की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
सोवा (सुवा) को मसाला फसल के रूप में जाना जाता है| इसकी खेती समूचे मध्य भारत में की जाती है| सोवा (सुवा) में एक विशेष सुगंध पाई जाती है| इसकी हरी सुगंधित पत्तियों का उपयोग चटनी, आलू, बैंगन, पालक व दूसरी सब्जियों के साथ में किया जाता है| सोवा के बीज से दाल, सब्जी, व [Read More] …
पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व और उनकी कमी के लक्षण
पौधों की उचित बढ़वार और जीवन-चक्र सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए मुख्य तौर पर 16 तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसमें से कार्बन, आक्सीजन व हाइड्रोजन वायु तथा पानी से, शेष 13 तत्व भूमि से प्राप्त करते हैं| पोषक तत्वों को पौधों के लिये आवश्यक मात्रा के अनुसार निम्न प्रकार वर्गीकृत किया जाता है, जैसे- [Read More] …





