राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा

राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा अंकन योजना, पैटर्न और पाठ्यक्रम

राजस्थान प्री एम एड एंट्रेंस टेस्ट (Rajasthan PMET) अर्थात राजस्थान प्री मास्टर ऑफ एजुकेशन परीक्षा, जिसका आयोजन राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर द्वारा किया जाता है| राजस्थान प्री एम एड एंट्रेंस टेस्ट की अधिसूचना के बाद राजस्थान प्री एम एड महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किये जायेंगे|

परीक्षा के प्रश्न पत्र में 200 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे और प्रत्येक में वैकल्पिक उत्तर होंगे प्रश्न शिक्षा के सामाजिक व दार्शनिक आधार, अधिगम का मनोविज्ञान, शैक्षिक प्रबंधन एवं शैक्षिक तकनीकी, शिक्षण कुशलता जैसे विषयों से होंगे|परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए उम्मीदवारों के पास राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा (Rajasthan PMET) के पैटर्न और पाठ्यक्रम का पर्याप्त ज्ञान होना आवश्यक है|

अंकन योजना, पैटर्न और पाठ्यक्रम का अच्छा और स्पष्ट ज्ञान होने से प्रवेश परीक्षा की तैयारी में मदद मिलती है| राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा (Rajasthan PMET) के इच्छुक उम्मीदवारों को अपनी बेहतर तैयारी के लिए निचे लेख में वर्णित परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम को जान लेना आवश्यक है|

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अंकन योजना और पैटर्न

पेन-पेपर आधारित राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा (Rajasthan PMET) में 4 खंड होते हैं और प्रत्येक खंड में 50 प्रश्न होते हैं| इसका मतलब है कि उम्मीदवार 3 घंटे में 200 सवालों के जवाब देंगे| प्रत्येक सही उत्तर के लिए, 3 अंक दिए जाएंगे एवं इसका पैटर्न और पाठ्यक्रम निम्नानुसार विभाजित होगा, जैसे-

खंड  विषय  प्रश्न संख्या  अधिकतम अंक 
शिक्षा के सामाजिक व दार्शनिक आधार (Social and Philosophical Foundation of Education) 50 150
अधिगम का मनोविज्ञान (Psychology of Learning) 50 150
शैक्षिक प्रबंधन एवं शैक्षिक तकनीशिक्षा के सामाजिक व दार्शनिक आधारकी (Educational Management and Educational Technology) 50 150
शिक्षण कुशलता (Teaching Efficiency) 50 150
कुल (Total) 200 600

1. प्रश्न पत्र में प्रश्नों की कुल संख्या 200 होगी, प्रत्येक अनुभाग में 50 प्रश्न होंगे| प्रश्न पत्र में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय न्यूनतम चार उत्तरों सहित वस्तुनिष्ठ प्रकृति के होंगे|

2. प्रश्न पत्र अंग्रेजी व हिन्दी दोनों भाषाओं में होगा, किन्तु भाषाओं में प्रश्न पत्र या उत्तर विकल्पों में अन्तर होने की दशा में अंग्रेजी अनुवाद को ही अन्तिम माना जायेगा|

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3. प्रश्न पत्र की अवधि तीन घण्टे की होगी|

4. प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का और पूरा प्रश्न पत्र 600 अंको का होगा|

5. प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक दिये जायेंगे, नेगेटिव मार्किंग नही होगी|

6. सभी अनुभागों के प्रश्न पत्र “टेस्ट बुकलैट’ के रूप में होंगे, जिसमें प्रत्येक अनुभाग, क्रमशः1,2,3…….. 50 तक क्रमांक में 50 प्रश्न होंगे| प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पी उत्तर (अ) (ब) (स) (द) आदि रूप में होंगे| परीक्षार्थी को सही उत्तर चुनकर उसे दिये गये उत्तर पत्रक (OMRSheet) में प्रश्न के अनुरूप क्रमांक में नीले बालपेन से पूरे गोले को गहरा नीला करना है| निशान गहरा नीला और गोला पूरा भरा होना चाहिए| एक प्रश्न के उत्तर के लिए केवल एक गोले को गहरा नीला करना है| दी हुई उपयुक्त जगह को ही नीला कीजिये| उत्तर पत्रक पर इधर-उधर कहीं भी निशान मत लगाइए| एक से अधिक गोले को नीला कर देने से उत्तर गलत मान लिया जायेगा| उत्तर पत्रक पर अन्य कार्य नहीं करना है| मूल्यांकन केवल उत्तर पत्रक के आधार पर ही किया जायेगा|

7. टेस्ट बुकलेट विभिन्न समुच्चयों (Combination) में व्यवस्थित होगी| अभ्यर्थी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे प्रश्न-पुस्तिका का क्रमांक एवं कोड उत्तर-पत्रक पर सावधानी से सही अंकित करें और अंको के समानान्तर गोले को सावधानी से गहरा नीला करें|

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परीक्षा पाठ्यक्रम

आवेदक जो राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा (Rajasthan PMET) में प्रत्येक विषय के उप विषयों को जानना चाहते हैं, उन्हें इस लेख को पूरी तरह से पढ़ना चाहिए| यहां परीक्षा में पूछे जाने वाले उप विषयों को सूचीबद्ध किया है| इसलिए, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में अपने प्रवेश को सुरक्षित करने के लिए राजस्थान राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा के इन सभी उप विषयों को तैयार करें|

अपनी तैयारी के लिए अधिक समय पाने के लिए उम्मीदवार आवेदन जमा करने के तुरंत बाद अपनी तैयारी इन विषयों के साथ शुरू कर सकते हैं| राजस्थान प्री एम एड प्रवेश परीक्षा के वे विषय इस प्रकार है, जिनसे आमतौर पर अधिकतम प्रश्न पूछे जाते है, जैसे-

खंड अ- शिक्षा के सामाजिक व दार्शनिक आधार-

आदर्शवाद, यथार्थवाद, प्रकृतिवाद, व्यावहारिकता

रविंद्रनाथ टैगोर, रूसो, जॉन डूई, प्लेटो, महात्मा फुले

राष्ट्रीय एकीकरण, मूल्य शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समावेशी शिक्षा

परिवर्तन के साधन के रूप में शिक्षा

वैश्वीकरण, आधुनिकीकरण|

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खंड ब- अधिगम का मनोविज्ञान-

सीखना, आचरण

क्लासिकल कंडीशनिंग, स्फूर्त कंडीशनिंग

देख समझ के सीखना

व्यक्तित्व, बुद्धि

सीखने के सिद्धांत

मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक मनोविज्ञान

शिक्षण के मॉडल, रचनावाद

मार्गदर्शन और परामर्श (संकल्पना)|

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खंड स- शैक्षिक प्रबंधन और शैक्षिक प्रौद्योगिकी

वर्तमान घटनाएं, शिक्षा का अधिकार

कोठारी आयोग, राष्ट्रीय शैक्षिक राजनीति

राष्ट्रीय ज्ञान आयोग, शिक्षा के संबंध में कानून

भारतीय शिक्षा प्रणाली और शैक्षिक समस्याएं

अनुसंधान योग्यता

शिक्षा में कंप्यूटर का उपयोग (शिक्षण, सीखने, मूल्यांकन और प्रशासन के संदर्भ में)|

तैयारी के टिप्स

तैयारी के सुझावों के बाद उम्मीदवारों को अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी| इसलिए तैयारी के सुझाव इस प्रकार हैं, जैसे-

1. उम्मीदवारों को अपनी पढ़ाई में नियमित होना चाहिए|

2. केवल प्रसिद्ध लेखकों और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री द्वारा पुस्तकों को परीक्षा की तैयारी के लिए संदर्भित किया जाना चाहिए|

3. सभी विषयों के लिए संक्षिप्त नोट्स तैयार करें, यह परीक्षा के कुछ दिनों से पहले सभी विषयों को जल्दी से संशोधित करने में मदद करेगा|

4. पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र और सभी उपलब्ध नमूना पत्रों के बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए|

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