अशफाक उल्ला खान (जन्म: 22 अक्टूबर 1900, शाहजहाँपुर – मृत्यु: 19 दिसम्बर 1927, फैजाबाद) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक स्वतंत्रता सेनानी थे| वह एक प्रसिद्ध उर्दू कवि थे और ‘हसरत’ के उपनाम से कविता लिखते थे| अशफाक उल्ला खान का जन्म 22 अक्टूबर 1900 को उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शाहजहाँपुर शहर में हुआ था| उनका [Read More] …
अशफाक उल्ला खान कौन थे? अशफाक उल्ला खान की जीवनी
अशफाक उल्ला खान (जन्म: 22 अक्टूबर 1900, शाहजहाँपुर – मृत्यु: 19 दिसम्बर 1927, फैजाबाद) एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध क्रांतिकारी नेता थे| भारत के विभिन्न हिस्सों से कई युवा पुरुष और महिलाएं अंग्रेजों के खिलाफ देशव्यापी स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े| देशहित में कई युवाओं ने इस स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और [Read More] …
राम प्रसाद बिस्मिल पर निबंध | Essay on Ram Prasad Bismil
राम प्रसाद बिस्मिल पर एस्से: राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को शाहजहाँपुर में हुआ था| उनकी माता का नाम मूलमती और पिता का नाम मुरलीधर था| पंडित राम प्रसाद बिस्मिल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई| राम प्रसाद बिस्मिल एक भारतीय क्रांतिकारी थे जिन्होंने [Read More] …
राम प्रसाद बिस्मिल के अनमोल विचार | Ram Prasad Bismil Quotes
‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’ एक ऐसी पंक्ति है जिसे सुनते ही राम प्रसाद बिस्मिल का चेहरा याद आ जाता है| कई लोगों का मानना है कि यह ग़ज़ल खुद राम प्रसाद बिस्मिल ने लिखी थी लेकिन यह सच नहीं है| दरअसल इसके असली रचयिता राम प्रसाद बिस्मिल नहीं बल्कि बिस्मिल अज़ीमाबादी [Read More] …
राम प्रसाद बिस्मिल कौन थे? रामप्रसाद बिस्मिल की जीवनी
राम प्रसाद बिस्मिल (जन्म: 11 जून 1897, शाहजहाँपुर – मृत्यु: 19 दिसम्बर 1927, गोरखपुर जेल, गोरखपुर), जिन्हें पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के नाम से भी जाना जाता है, लखनऊ में काकोरी ट्रेन डकैती में भाग लेने के बाद भारत के सबसे लोकप्रिय क्रांतिकारियों में से एक बन गए| वह ब्रिटिश भारत में आर्य समाज और [Read More] …
भीकाजी कामा कौन थी? भीकाजी कामा का जीवन परिचय
भीकाजी रुस्तम कामा (जन्म: 24 सितंबर 1861, गुजरात – मृत्यु: 13 अगस्त 1936, मुंबई) एक प्रसिद्ध भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता थीं| एक संपन्न पारसी परिवार से आने वाली भीकाजी कम उम्र में ही राष्ट्रवादी उद्देश्य की ओर आकर्षित हो गई थीं| वर्षों तक यूरोप में निर्वासित रहने के बाद, उन्होंने प्रमुख भारतीय नेताओं के साथ काम [Read More] …





