एनी बेसेंट (जन्म: 1 अक्टूबर 1847, क्लैफाम टाउन, लंदन, यूनाइटेड किंगडम – मृत्यु: 20 सितंबर 1933, अडयार, चेन्नई) एक राजनीतिक सुधारक, महिला अधिकार कार्यकर्ता, थियोसोफिस्ट और भारतीय राष्ट्रवादी थीं| वह 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत की अग्रणी महिला शख्सियत थीं, जिन्होंने धर्मनिरपेक्षता, जन्म नियंत्रण, फैबियन समाजवाद, महिलाओं के अधिकारों और श्रमिकों [Read More] …
बेगम हजरत महल कौन थी? बेगम हजरत महल की जीवनी
बेगम हज़रत महल, जिन्हें ‘अवध की बेगम’ के नाम से भी जाना जाता है, प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सबसे शुरुआती महिला स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थीं| वह नवाब वाजिद अली शाह की पहली पत्नी थीं और उनमें 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह करने का [Read More] …
तात्या टोपे कौन थे? तात्या टोपे का जीवन परिचय
तात्या टोपे 1857 के भारतीय विद्रोह के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में से एक थे| बिना किसी औपचारिक सैन्य प्रशिक्षण के भी, वह विद्रोही बलों के सबसे सक्षम जनरलों में से एक के रूप में सामने आए| वह कानपुर विद्रोह के दौरान नाना साहब के दाहिने हाथ थे| उन्होंने झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई, जो उनकी [Read More] …
नाना साहेब कौन थे? नाना साहेब का जीवन परिचय
नाना साहेब (जन्म: 19 मई 1824, बिठूर – मृत्यु: 24 सितम्बर 1859, नेपाल) मराठा साम्राज्य के ”पेशवा” थे और 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे| वह मराठा पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे| बाजीराव द्वितीय ब्रिटिश ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ से पेंशन के हकदार थे| हालाँकि, नाना के ”पेशवा” बनने [Read More] …
अशफाक उल्ला खान के विचार | Quotes of Ashfaqullah Khan
अशफाक उल्ला खान (जन्म: 22 अक्टूबर 1900, शाहजहाँपुर – मृत्यु: 19 दिसम्बर 1927, फैजाबाद) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक स्वतंत्रता सेनानी थे| वह एक प्रसिद्ध उर्दू कवि थे और ‘हसरत’ के उपनाम से कविता लिखते थे| अशफाक उल्ला खान का जन्म 22 अक्टूबर 1900 को उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शाहजहाँपुर शहर में हुआ था| उनका [Read More] …
अशफाक उल्ला खान कौन थे? अशफाक उल्ला खान की जीवनी
अशफाक उल्ला खान (जन्म: 22 अक्टूबर 1900, शाहजहाँपुर – मृत्यु: 19 दिसम्बर 1927, फैजाबाद) एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध क्रांतिकारी नेता थे| भारत के विभिन्न हिस्सों से कई युवा पुरुष और महिलाएं अंग्रेजों के खिलाफ देशव्यापी स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े| देशहित में कई युवाओं ने इस स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और [Read More] …





