बागवानी पौधशाला किसान बन्धुओं (नर्सरी) शब्द अंग्रेजी के नर्स या नर्सिंग से लिया गया है, जिसका अर्थ है- पौधों की देखभाल, पालन-पोषण और संरक्षण प्रदान करना| इसलिए नर्सरी या पौधशाला वह स्थान है, जहाँ बीज की बुवाई, पौधों को तैयार करना, तैयार पौधों की देखभाल और उन्हें रोपण के लिए उपलब्ध कराना होता है| सामान्य [Read More] …
मशरूम की खेती: प्रजातियां, तापमान, देखभाल और उत्पादन तकनीक
मशरूम की खेती, आपने देखा होगा की वर्षा ऋतु में छतरी नुमा आकार के विभिन्न प्रकार और रंगों की पौधों जैसी आकृतियां अक्सर खेतों में एवं घरों के आसपास दिखाई देती है, जिन्हें हम मशरूम या खुम्ब कहते हैं| ये मशरूम एक प्रकार के फफूद हैं, प्रकृति में लगभग हजारों तरह के मशरूम पाए जाते [Read More] …
मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण प्राप्ति के संस्थान और उनका विवरण
मशरूम उत्पादन या खेती भी कम्पोस्ट और बीज की गुणवत्ता के समतुल्य, प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) भी आवश्यक होता है| मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के अभाव में फसल उत्पादन के दौरान विभिन्न प्रकार की समस्या खड़ी हो जाती है| कभी-कभी यह समस्याएं इतनी विकराल समस्या उत्पन्न कर देती है, कि उन पर नियन्त्रण कर पाना मुश्किल हो जाता [Read More] …
बटन खुम्ब की व्यावसायिक उत्पादन फार्म संरचना कैसे होती है, भाग- 2
बटन खुम्ब (मशरूम) की व्यावसायिक उत्पादन फार्म संरचना कैसे होती है, भाग- 2 में आप भाग- 1 से आगे की जानकारी प्राप्त करेंगे, भाग- 1 में बटन मशरूम की व्यावसायिक उत्पादन फार्म संरचना में आप जान चुके है, की बटन खुम्ब (मशरूम) उत्पादन की खाद इकाई और उसकी उप इकाइयों आउटडोर खाद प्लेटफार्म बंकर, पास्चुरीकरण [Read More] …
बटन मशरूम की व्यावसायिक उत्पादन फार्म संरचना कैसे होती है?
वर्तमान में विश्व में बटन मशरूम का उत्पादन मुद्रा अर्जन का सर्वश्रेठ साधन और एक अत्यन्त महत्वपूर्ण अद्यौगिक फसल है| बटन मशरूम (खुम्ब) न केवल बहुत ही पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, अपितु खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा इसको स्वास्थ्यवर्धक प्रोटीन पोषण के रुप में अनुमोदिक किया गया है| मशरूम उत्पादन का महत्व न केवल [Read More] …
स्पेंट मशरूम के पोषाहार का प्रबंधन: विधियां और उपयोग
हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है, स्पेंट मशरूम के पोषाधार, कृषि फसलों के व्यर्थ अवशेष जैसे- पुआल, भूसा तथा पत्ते जो कि गेहूँ, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, गन्ना, सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और सूरजमुखी फसलों से प्राप्त किए जाते है| इनमें से कुछ का उपयोग पशुओं को खिलाने के लिए किया जाता है| लेकिन कई [Read More] …





