उत्तम फसलोत्पादन के लिए आमतौर पर छोटे किसान वैज्ञानिक विधियों का ध्यान नहीं रखते और बीज, खाद, जुताई, बुआई, सिंचाई इत्यादि क्रियाओं में छोटी-छोटी किन्तु महत्वपूर्ण बातों को नजर अन्दाज कर देते हैं, जिससे न तो उत्तम पैदावार मिलती है तथा न ही उत्तम गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद ही मिल पाते हैं| कटाई के बाद [Read More] …
ट्राइकोडर्मा क्या जैविक खेती के लिए वरदान है; उपयोग और फायदे
ट्राइकोडर्मा पादप रोग प्रबंधन विशेष तौर पर मिट्टी जनित बिमारियों के नियंत्रण के लिए बहुत की प्रभावशाली जैविक विधि है| यह स्वतंत्र जीवन वाला कवक है, जो कि मिट्टी तथा जड़ पारिस्थितिक तंत्र में सामान्य है| यह जड़, मिट्टी और पत्ते के वातावरण में परस्पर प्रभाव डालता है| यह विभिन्न विधियों द्वारा जैसे पारिस्थितिक, रोग [Read More] …
जौ के प्रमुख कीट की रोकथाम कैसे करें | जौ में कीट नियंत्रण के उपाय
जौ के प्रमुख कीट और रोकथाम जौ घास परिवार में रबी फसल के रूप में उगाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अनाज हैं तथा इसे भारत के उत्तर मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाया जाता हैं| वर्तमान में जौ दुनिया में चौथे स्थान पर (गेहूं, चावल और मक्का के बाद) उगाई जाने वाली औषधीय और पौष्टिक [Read More] …
गेहूं एवं जौ में सूत्रकृमि प्रबंधन कैसे करें: अच्छी पैदावार हेतु
गेहूं एवं जौ में सूत्रकृमि प्रबंधन, सूत्रकृमियों को फसलों के अदृश्य शत्रु की संज्ञा दी गई हैं| इन्हें खुली आंखों से देखना सम्भव नहीं है तथा ये फसलों को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं| सूत्रकृमियों द्वारा फसलों को औसतन 15 से 20 प्रतिशत नुकसान होता है| उत्तरी भारत में यह समस्या सबसे गंभीर है, लगभग 60 [Read More] …
जौ में समेकित कीट नियंत्रण कैसे करें | जौ फसल बचाव के उपाय
आप सभी बन्धु जानते है की हम प्राचील काल से ही कृषि प्रधान देश रहा है| जौ की फसल उत्तर भारत के अधिकांश प्रदेशों में उगाई जाती है| कीटों, रोगों और सूत्रकृमियों के कारण जौ में 10 से 30 प्रतिशत तक उत्पादन की हानि हो जाती है| जिससे दाना और बीज की गुणवत्ता भी खराब [Read More] …
सस्य क्रियाओं द्वारा कीट नियंत्रण: लागत कम और उत्पादन अधिक
सस्य क्रियाओं द्वारा कीट नियंत्रण, किसान अपना उत्पादन तथा आमदनी बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन की समरत विधियों में तकनीकों का उपयोग करता है| इसके अन्तर्गत फसल की किस्म, बुआई का समय एवं विधि, भू–परिष्करण, खेत और खेती की स्वच्छता, उर्वरक प्रबंधन, जल प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन, कीट प्रबंधन और कटाई का समय आदि का समावेश [Read More] …





