गोमूत्र व गोबर एक सस्ता और श्रेष्ठ उर्वरक के रूप में सर्वश्रेष्ठ खाद है| यह भूमि का प्राकृतिक आहार है, भूमि की उर्वरा शक्ति को प्राकृतिक स्थिति में बनाए रखती है| प्रदूषण रहित एवं सस्ती है, इसके लिए किसान को परावलंबी नहीं रहना पड़ता| गोबर व गोमूत्र की खाद से उत्पादित खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट एवं [Read More] …
नीम का कृषि में महत्व: उर्वरक, कीटनाशक और रोगनाशी में उपयोग
भारत देश की मिट्टी में पैदा होने वाला लोक मंगलकारी तथा सर्व व्याधि निवारक बहुउपयोगी वृक्ष नीम भारत की ग्रामीण सभ्यता और संस्कति की पहचान बन चुका है| नीम ग्रामीण समाज में इस कदर रच बस गया है, कि इसके बगैर हमारे नित्य प्रतिदिन के कार्य कल्पना के बाहर हैं| इस लेख में नीम का कृषि में [Read More] …
मिट्टी परीक्षण क्यों और कैसे करें: जाने आवश्यकता, महत्व और विधि
हम एक कृषि प्रधान देश है और आज भी लगभग 70 प्रतिशत आबादी जीवन निर्वहन के लिए खेती पर निर्भर है| फसल उत्पादन में मिट्टी अत्यन्त आवश्यक घटक है, जो पौधों को पोषण प्रदान करती है| इसलिये आवश्यक है, कि मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा हो और पौधों को आवश्यक तत्व उपलब्ध हो व जीवाणु वृद्धि [Read More] …
सुरक्षित अन्न भण्डारण कैसे करें: जाने सुझाव, उपाय और प्रबंधन
सुरक्षित अन्न भण्डारण, अन्न उत्पादन में भारत एक अग्रणी देश है। हरित क्रांति के पश्चात् आई उत्पादन वृद्धि की बाढ़ ने हमें न केवल अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम बनाया अपितु निर्यात के क्षेत्र में भी हमें अद्वितीय पहचान दिलाई है| इतना प्रगतिशील होने के पश्चात् भी हमारे देश में अधिकांश अन्न का [Read More] …
उत्तम फसलोत्पादान के मूल मंत्र: जाने कृषि के आधुनिक तरीके
उत्तम फसलोत्पादन के लिए आमतौर पर छोटे किसान वैज्ञानिक विधियों का ध्यान नहीं रखते और बीज, खाद, जुताई, बुआई, सिंचाई इत्यादि क्रियाओं में छोटी-छोटी किन्तु महत्वपूर्ण बातों को नजर अन्दाज कर देते हैं, जिससे न तो उत्तम पैदावार मिलती है तथा न ही उत्तम गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद ही मिल पाते हैं| कटाई के बाद [Read More] …
ट्राइकोडर्मा क्या जैविक खेती के लिए वरदान है; उपयोग और फायदे
ट्राइकोडर्मा पादप रोग प्रबंधन विशेष तौर पर मिट्टी जनित बिमारियों के नियंत्रण के लिए बहुत की प्रभावशाली जैविक विधि है| यह स्वतंत्र जीवन वाला कवक है, जो कि मिट्टी तथा जड़ पारिस्थितिक तंत्र में सामान्य है| यह जड़, मिट्टी और पत्ते के वातावरण में परस्पर प्रभाव डालता है| यह विभिन्न विधियों द्वारा जैसे पारिस्थितिक, रोग [Read More] …





