भिंडी फसल से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए हानिकारक कीट व रोग पर नियंत्रण आवश्यक है| वैसे तो भिंडी फसल पर अनेक कीटों और रोगों का प्रकोप होता है| लेकिन आर्थिक दृष्टी से कुछ प्रमुख कीट व रोग है, जो फसल को हानी पहुंचाते है, जैसे, कीट में परोह और फली छेदक, फल भेदक, [Read More] …
भिंडी की उन्नत किस्में | भिंडी की सबसे अच्छी किस्में कौन सी है?
भिंडी की उन्नत खेती के लिए उसकी उन्नत किस्मों का चयन करना आवश्यक है| कृषकों को अधिक पैदावार के लिए अपने क्षेत्र की प्रचलित भिंडी की किस्म का चयन करना चाहिए इसके साथ साथ उस किस्म की विशेषताओं और उपज की जानकारी होना भी आवश्यक है| कृषकों की जानकारी के लिए इस लेख में भिंडी [Read More] …
ग्वार की जैविक खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, देखभाल और उत्पादन
ग्वार की जैविक खेती समय की आवश्यकता है| क्योंकि ग्वार की फसल मुख्य रूप से चारा, हरी खाद, दाने और मानव आहार के लिए बोई जाती है| ग्वार का औद्योगिक महत्व भी है| क्योंकि इससे- गम तैयार किया जाता है| ग्वार के दानों में 28 से 30 प्रतिशत गौंद की मात्रा पाई जाती है| ग्वार [Read More] …
ग्वार फली की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, देखभाल और पैदावार
ग्वार फली की खेती कृषकों के लिए अच्छी आमदनी का स्रोत बन सकती है| क्योंकि ग्वार एक बहुउद्देशीय फसल है| इसकी खेती सब्जी (हरी फलियाँ), चारा, दाना, हरी खाद, भूमि संरक्षण आदि के लिए की जाती है| ग्वार फली की सब्जियाँ शाकाहारी लोगों का संतुलित आहार है| प्रोटीन और रेशा युक्त होने के कारण इसे [Read More] …
फली ग्वार की उन्नत किस्में: जाने विशेषताएं और पैदावार
व्यवसायिक जागरूकता और बाजार में माँग बढ़ने के कारण सब्जी वाली फली ग्वार के उत्पादन पर किसान बन्धु ध्यान देने लगे हैं| सब्जी वाली ग्वार फली की फसल में बुवाई के 50 से 55 दिनों बाद कच्ची फलियाँ तुड़ाई पर आ जाती हैं, जिससे किसान को एक लम्बे समय तक नगदी फसल के रूप में [Read More] …
ग्वार फसल के कीट व रोग और उनका नियंत्रण कैसे करें
ग्वार फसल पर विभिन्न प्रकार के रोग व कीटों का प्रकोप होता है| जिसके कारण इसकी पैदावार व उसकी गुणवत्ता में कमी आती है| इसलिए इनकी रोकथाम के लिए समय पर जरूरी फसल सुरक्षा उपाय अपनाना चाहिए| इस लेख में ग्वार फसल के कीट व रोग एवं उनका नियंत्रण कैसे करें का उल्लेख किया गया [Read More] …





