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Quotes

लाल बहादुर शास्त्री के विचार | Lal Bahadur Shastri Quotes

November 23, 2017 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

लाल बहादुर शास्त्री भारत के सबसे प्रसिद्ध प्रधानमंत्रियों में से एक हैं| उनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को वाराणसी के पास स्थित एक छोटे से शहर मुगलसराय में हुआ था| उन्होंने बहुत कठिन समय में भारत की बागडोर संभाली; वह भारत के प्रधान मंत्री थे जब 1965 भारत-पाक युद्ध छिड़ गया था| यह वह समय था, जब उन्होंने “जय जवान जय किसान” का अपना प्रसिद्ध नारा दिया था| जो उन्हें युद्ध के दौरान काफी लोकप्रिय बनाता हैं|

वह एक साधारण जीवन जीने वाले व्यक्ति थे, महात्मा गांधी के शिष्य होने के नाते वे दिखावा करने में कभी विश्वास नहीं करते थे| भारत की स्वतंत्रता के बाद लाल बहादुर शास्त्री ने विभिन्न मंत्रालयों में कार्य किया| जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु के बाद 11 जून 1964 को वे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने|

लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल के दौरान भारत ने बहुत तेजी से प्रगति की और श्वेत क्रांति और अन्य सामाजिक सुधारों जैसी प्रगति देखी| यदि आप लाल बहादुर शास्त्री पर भाषण, निबंध, नारे या उद्धरण जैसी सामग्री की तलाश कर रहे हैं| तो आप सही जगह पर हैं|

यह भी पढ़ें- लाल बहादुर शास्त्री की जीवनी

लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार

हमने यहां आपके लिए लाल बहादुर शास्त्री के सभी प्रसिद्ध और प्रेरक उद्धरण एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए हैं| लाल बहादुर शास्त्री द्वारा कहे गए इन उद्धरणों को पढ़ें और उनके बहुमूल्य विचारों के बारे में जानें, जैसे-

लाल बहादुर शास्त्री के 10 अनमोल वचन

1. जय जवान, जय किसान|

2. हमें शांति के लिए उतनी ही बहादुरी से लड़ना चाहिए, जितना हम युद्ध में लड़ते हैं|

3. मैं किसी दूसरे को सलाह दूं और उसे मैं खुद पर अमल ना करूं तो मैं असहज महसूस करता हूं|

4. देश की ताकत और मजबूती के लिए सबसे जरूरी काम है लोगों में एकता स्थापित करना|

5. हम खुद के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के शांति, विकास और कल्याण में विश्वास रखते हैं|           -लाल बहादुर शास्त्री

6. यदि कोई भी व्यक्ति हमारे देश में अछूत कहा जाता है तो भारत को अपना सर शर्म से झुकाना पड़ेगा|

7. आजादी की रक्षा सिर्फ हमारे देश के सैनिको का काम नहीं है इसकी रक्षा के लिए पुरे देश को मजबूत होना पड़ेगा|

8. लोगो को सच्चा स्वराज या लोकतंत्र कभी भी असत्य और हिंसा के बल से प्राप्त नहीं हो सकता है|

9. कानून का सम्मान किया जाना चाहिए, ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार रहे और हमारा लोकतंत्र भी मजबूत बना रहे|

10. जो शासन करते है उन्हें देखना चाहिए की लोग कैसी प्रतिक्रिया करते है, क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही मुखिया होती है|           -लाल बहादुर शास्त्री

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लाल बहादुर शास्त्री के 20 अनमोल वचन

11. मेरे समझ से प्रशासन का मूल विचार यह होना चाहिए की समाज को एकजुट रखा जाए ताकि वह विकास कर, अपने लक्ष्यों को पूरा कर सके|

12. जब स्वतंत्रता और देश की अखंडता खतरे में हो तो पूरी शक्ति से उस चुनौती का मुकाबला करना सभी का एकमात्र कर्तव्य होता है और इसके लिए किसी भी प्रकार के बलिदान के लिए भी एक साथ मिलकर तैयार रहना होगा|

13. हमारे देश का रास्ता सीधा और स्पष्ट है, अपने देश में सबके लिए स्वतंत्रता और संपन्नता के साथ लोकतंत्र की स्थापना और अन्य सभी देशों के साथ मित्रता के सम्बन्ध स्थापित करना|

14. हम सभी को अपने क्षेत्र में उसी समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करना होगा जो रणभूमि में एक योद्धा को अपने कर्तव्य के प्रति प्रेरित और उत्साहित करती है और यह सिर्फ बोलना नहीं बल्कि करके दिखाना है|

15. देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठाओं से पहले आती है और यह एकदम पूर्ण निष्ठा है, क्योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं करता की इसके बदले उसे क्या मिलता है|           -लाल बहादुर शास्त्री

16. यदि हम लगातार लड़ते रहेगे तो हमारी ही जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, हमे लड़ने के बजाय गरीबी, बीमारी और अशिक्षा से लड़ना चाहिए|

17. मरो नही, मारों|

18. मेरे विचार से पुरे देश के लिए एक सम्पर्क भाषा का होना अवश्यक है, अन्यथा इसका तात्पर्य यह होगा की भाषा के आधार पर देश का विभाजन हो जायेगा| एक प्रकार से एकता छिन्न-भिन्न हो जाएगी, भाषा ही एक ऐसा सशक्त बल है, एक ऐसा कारक है| जो हमे और हमारे देश को एकजुट करता है, और यह क्षमता हिन्दी में है|

19. आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे जरूरी है, जिससे हम अपने सबसे बड़े दुश्मन गरीबी और बेरोजगारी से लड़ सकें|

20. यदि मै एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते, मै धर्म के लिए जान तक दे दूगां| लेकिन यह मेरा निजी मामला है, राज्य का इसे कोई लेना देना नही है| राष्ट्र धर्म-निरपेक्ष, कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी सम्बंधो, मुद्रा इत्यादी का ध्यान रखेगा लेकिन मेरे या आपके धर्म का नही, वो सबका निजी मामला है|           -लाल बहादुर शास्त्री

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लाल बहादुर शास्त्री के 25 अनमोल वचन

21. भ्रष्टाचार को खत्म करना कोई आसान काम नही है, इसे पकड़ना बहुत मुश्किल है| लेकिन मै पुरे दावे के साथ कह सकता हु, कि यदि हम इस परेशानी से गम्भीरता के साथ नही निपटेगे तो हम अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में असफल रहेगें|

22. जैसा मै दिखता हूँ, उतना साधारण मै हूँ नही|

23. विज्ञान और वैज्ञानिक कार्यों में सफलता असीमित या बड़े संसाधनो का प्रावधान करने से नही मिलती, बल्कि यह समस्याओं और उदेश्यों को बुद्धिमानी और सतर्कता से चुनने से मिलती है| और सब से बढ़कर जो चीज चाहिये, वो है निरंतर कठोर परिश्रम और समर्पण|

24. हम भले ही अपने देश की आजादी चाहते है, लेकिन उसके लिए ना ही हम किसी का शोषण करेगे| और ना ही दुसरे देशों को निचा दिखाएगें, मै अपने देश की स्वतंत्रता कुछ इस प्रकार चाहता हूँ| कि दुसरे देश उससे कुछ सीख सकें, और मेरे देश के संसाधनो को मानवता के लाभ के लिए प्रयोग में ले सके|

25. हम सभी को अपने-अपने क्षत्रों में उसी समर्पण उसी उत्साह और उसी सकंल्प के साथ काम करना होगा, जो रणभूमि में एक योद्धा को प्रेरित और उत्साहित करता है| यह सिर्फ बोलना नही है, बल्कि वास्तविकता में कर के दिखाना है|           -लाल बहादुर शास्त्री

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महात्मा गांधी के अनमोल विचार: आपकी जिंदगी बदल देंगे

November 22, 2017 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

अपने शांत संयम और विनम्र सादगी के लिए जाने जाने वाले, महात्मा गांधी अपने शांतिपूर्ण वाक्यांशों और शक्तिशाली कार्यों के साथ दो सौ मिलियन से अधिक लोगों को एकजुट करने के लिए जाने जाते हैं| भले ही 1948 में उनकी हत्या कर दी गई थी, लेकिन लोग आज भी उन्हें शांति के प्रतीक के रूप में देखते हैं|

महात्मा गांधी ब्रिटिश उपनिवेशवादियों से भारत की स्वतंत्रता के संबंध में अपने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से प्रसिद्ध हुए| अपने अहिंसक दर्शन के लिए दुनिया भर में सम्मानित, गांधी ने कुछ शांतिपूर्ण कृत्यों का नेतृत्व किया, जो नागरिक अधिकार कार्यकर्ता आज भी मार्च और विवादास्पद जैसे भूख हड़ताल जैसे उपयोग करते हैं|

जब आपको कठिनाई के समय में चलते रहने के लिए एक या दो वाक्यांश की आवश्यकता होती है या सिर्फ एक बुद्धिमान शब्द या दो, तो ये महात्मा गांधी गांधी उद्धरण निश्चित रूप से आपके मन की शांति लाएंगे|

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महात्मा गांधी जी के अनमोल विचार

मोहनदास करमचंद गांधी भारत के स्वतंत्रता से पहले और बाद में सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं| महात्मा गांधी के कहे अनेक अनमोल वचन हैं, जिन्हें हर भारतीयों को जानना चाहिए| जो इस प्रकार है, जैसे-

महात्मा गांधी के 10 अनमोल वचन

1. ऐसे जिएं जैसे आप को कल मरना है, और सीखें ऐसे जैसे आप हमेशा जीने वाले हो|

2. विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता की जननी है|

3. डर शरीर की बीमारी नही है, यह आत्मा को मारता है|

4. महात्मा गांधी ने कहा, आखं के बदले आखं पूरे विश्व को अँधा बना देगी|

5. जो समय बचाते है, वे धन बचाते है और बचाया धन कमाए हुए धन के समान महत्वपूर्ण होता है|            -महात्मा गांधी

6. आजादी का कोई मतलब नही, यदि इसमें गलती करने की आजादी शामिल न हो|

7. पहले वह आप पर ध्यान नही देगे, फिर आप पर हंसेंगे, फिर आपसे लड़ेगे और तब आप जीत जाएगें|

8. प्रसन्ता ही एकमात्र ऐसा इत्र है, जिसे आप दूसरों पर छिड़कते है, तो कुछ बूंदे आप पर भी पड़ती है|

9. व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ो से नही उसके चरित्र से होती है|

10. आप जो भी करते है वह कम महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप कुछ करे|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 20 अनमोल वचन

11. व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है|

12. प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिस की कल्पना कर सकते है, उसमें सबसे नम्र हैं|

13. मेरा जीवन ही मेरा संदेश हैं|

14. पृथ्वी सभी मनुष्यों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरा करने की लिए नही|

15. एक कायर प्यार का प्रदर्शन करने में असमर्थ होता है, प्रेम बहादुरों का विशेषाधिकार है|            -महात्मा गांधी

16. राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है|

17. मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है| सत्य मेरा धर्म है, और अहिंसा उसे पाने का साधन है|

18. कर्म प्राथमिकताओ को व्यक्त करता है|

19. किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है|

20. सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नही पहुचता जो उचित हो|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 30 अनमोल वचन

21. आप तब तक यह नही समज पाते की आप के लिए कौन महत्वपूर्ण है, जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नही देते है|

22. जब तक प्रेम है, तब तक जीवन है|

23. स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है, स्वयं को औरों की सेवा मै डुबो देना|

24. एक राष्ट्र की संस्कृति उसमें रहने वाले लोगो के दिलों में और आत्मा में बस्ती है|

25. अपने प्रयोजन में दृढ़ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है|            -महात्मा गांधी

26. आप मानवता से विश्वास मत खोइए| मानवता सागर की तरह है, अगर सागर की कुछ बूंदे गंदी है तो सागर गंदा नही हो जाता|

27. सत्य बिना जन समर्थन की भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है|

28. मै मरने के लिए तैयार हूँ| पर ऐसी कोए वजह नही है, जिसके लिए में मारने के लिए तैयार हो जाऊ|

29. एक देश की माहनता और नैतिक प्रगति को इस बात से आंका जा सकता है, की वहा जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है|

30. हमेशा अपने विचारों, कर्म और शब्दों पर पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखे| हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें, सब कुछ ठीक हो जायगा|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 40 अनमोल वचन

31. विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता की जननी है|

32. मै सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों की|

33. एक धर्म जो व्यवाहरिक मामलों में कोई दिलचस्पी नही लेता है| उन्हें हल करने में कोई मदद नही करता है, वह कोई धर्म नही है|

34. चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नही करता| वह जिसे ईश्वर में थोड़ा भी यकीन है, उसे किसी भी चीज की बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए|

35. थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है|            -महात्मा गांधी

36. जो भी चाहे अपनी अंतर आत्मा की आवाज सुन सकता है, वह सब के अंदर है|

37. खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया मै आप देखना चाहते है|

38. गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किए गये प्रयत्न में निहित है, न की उसे पाने में|

39. चलिए सुबह का पहला काम ये करें की इस दिन के लिए संकल्प करे की में दुनिया में किसी से डरूंगा नही| में केवल भगवान से डरु| में किसी के प्रति बुरा भाव न रखु| में किसी अन्याय के समक्ष ना झुकू| में असत्य को सत्य से जितुं, असत्य का विरोध करते हुए, में सभी कष्टों को सह सकूं|

40. विश्वास को हमेशा तर्क से तोलना चाहिए, जब विश्वास अंधा हो जाता है तो मर जाता है|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 50 अनमोल वचन

41. अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है, मूर्ख कम करने के बाद|

42. यदपि आप अल्पमत में हो, पर सच तो सच है|

43. आप जो आज करते है, उस पर आप का भविष्य निर्भर करता है|

44. एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को खुशी देना, प्रार्थना में झुके हजारों सिरों से बेहतर है|

45. कुरीति के अधीन होना कायरता है, उसका विरोध करना पुरुषार्थ है|            -महात्मा गांधी

46. हंसी मन की गाठें बड़ी आसानी से खोल देती है|

47. पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम|

48. अपनी गलती को स्वीकारना झाडू लगाने के समान है, जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ कर देती है|

49. दुनिया में ऐसे लोग है| जो इतने भूखे है, कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नही दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में|

50. हर रात जब में सोने जाता हूँ, मै मर जाता हूँ| अगली सुबह जब में उठता हूँ, मेरा पुर्नजन्म होता है|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 60 अनमोल वचन

51. सात घनगोर पाप: काम के बिना धन, अंतरात्मा के बिना सुख, मानवता के बिना विज्ञान, चरित्र के बिना ज्ञान, सिद्धांत के बिना राजनीती, नेतिकता के बिना व्यापर, त्याग के बिना पूजा|

52. मेरी अनुमति के बिना, मुझे कोई भी ठेस नही पहुचा सकता|

53. भगवान का कोई धर्म नही है|

54. निरंतर विकास जीवन का नियम है| जो व्यक्ति खुद को सही दिखने की लिए हमेशा अपनी रुदिवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है, वह खुद को गलत स्थिति में पहुचा देता है|

55. मै किसी को भी गंदे पाँव के साथ, अपने मन से नही गुजरने दुगा|            -महात्मा गांधी

56. प्रार्थना मागना नही है| यह आत्मा की लालसा है| यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है| प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है|

57. विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हो| लेकिन सभी इस बात पर एकमत है, कि दुनिया में कुछ नही बस सत्य जीवित रहता है|

58. क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन है|

59. हो सकता है, आप कभी न जान सकें कि आप के काम का क्या परिणाम हुआ| लेकिन यदि आप कुछ करेगे नही तो कुछ परिणाम नही होगा|

60. पूर्व धारणा की साथ बोला गया‘नही’ सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए‘हाँ’ से बेहतर है|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 70 अनमोल वचन

61. आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते है, यातनाएं दे सकते है| यहा तक की आप इस शरीर को भी नष्ट कर सकते है, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कद नही कर सकते है|

62. कोई त्रुटि तर्क-वितर्क करने से सत्य नही बन सकती| ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नही बन सकता है, क्योंकि उसे कोई देख नही रहा|

63. मै हिंसा का विरोध करता हूँ, क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है| तब वो अच्छाई अस्थाई होती है, और जो वो बुराई करती है वो स्थाई होती है|

64. मौन सब से सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आप को सुनेगी|

65. पूंजी अपने आप में बुरी नही है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है| किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी|            -महात्मा गांधी

66. खुशी तब मिलेगी जब जो आप सोचते है, जो कहते है| जो करते है, सब सामंजस्य में हो|

67. सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है| त्यों-त्यों उसमें अनेक फल आतें हुए नजर आते है, उनका अंत ही नही होता है|

68. सत्य एक है, मार्ग अनेक है|

69. कुछ करने में या तो उसे प्रेम से करें, या उसें कभी करे ही नही|

70. जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायगी, दुनिया में अमन आ जायगा|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 80 अनमोल वचन

71. क्रोध को जितने में मौन सब से अधिक सहायक है|

72. चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होना चाहिए|

73. गरीब देवी अभिशाप नही, बल्कि मानवरचित षड्यंत्र है|

74. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से अधिक है, क्योंकी पुस्तकें अन्त:करण को उज्वल करती है|

75. जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते है| वे साबित करते है, की उनमें योग्यता नही है|            -महात्मा गांधी

76. कायरता से कहि ज्यादा अच्छा है, लड़ते लड़ते मर जाना|

77. किसी भी देश की संस्कृति उस देश के लोगो के ह्रदय और आत्मा में बसती है|

78. आपकी मान्यताए आप के विचार बन जाते है, आप के विचार आप के शब्द बन जाते है| आप के शब्द आप के कार्य बन जाते है, आप के कार्य आप की आदत बन जाते है| आप की आदते आपके मूल्य बन जाते है, आप के मूल्य आप की नीति बन जाती है|

79. प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हजार गुना अधिक प्रभावशाली और स्थाई होती है|

80. जिज्ञासा के बिना ज्ञान नही होता, और दुःख के बिना शुख नही होता|            -महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के 90 अनमोल वचन

81. काम की अधिकता नही, काम की अनियमितता आदमी को मार डालती है|

82. यदि आदमी सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसकों कुछ शिक्षा दे सकती है|

83. अपने से हो सके, वो काम दुसरे से न करना|

84. वास्तविक सौन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है|

85. कुछ लोग सफलता के सपने देखते है| जबकि अन्य व्यक्ति जागते है, और कड़ी मेहनत करते है|            -महात्मा गांधी

86. शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो वह दम्भपूर्ण और हानिकारक हो सकता है|

87. आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते हो|

88. लम्बे-लम्बे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है, इंच भर कदम बढ़ाना|

89. भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उसे भी बड़ा पाप है|

90. गुलाब को उपदेस देने की आवश्यकता नही होती है| वह तो केवल अपनी खुशी बिखेरता है, उसकी खुसबू ही उसका संदेश है|            -महात्मा गांधी

91. श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास, और आत्मविश्वास का अर्थ है ईस्वर में विश्वास|

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भगत सिंह के अनमोल विचार – Quotes of Bhagat Singh

November 22, 2017 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) भारत के प्रमुख क्रांतिकारियों और स्वतन्त्रता सेनानियों में से एक थे| भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को किशन सिंह व विद्यावती के घर जिला लायलपुर, पंजाब (अब पाकिस्तान में) में हुआ था| शहीद भगत सिंह का परिवार जाट सिख था| उन्होंने “नौजवान भारत सभा” सगंठन की भी स्थापना की थी|

जिसका विलय बाद में भारत एकता और आजादी के लिए चंद्रशेखर आजाद के सगंठन में कर दिया और उसको नया नाम दिया गया| यहाँ हम प्रकाश डालेगें भगत सिंह विचारों पर जो वो कह गये| वो विचार भारत को आजादी दिलाने के लिए भारतीय नागरिकों और विशेषकर युवाओं के लिए काफी थे जो बाद में उनकी प्रेरणा के स्रोत बने| तो आइए जानते है वो महान विचार या शब्द क्या थे|

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भगत सिंह के अनमोल विचार

भारत के प्रमुख क्रांतिकारियों और स्वतन्त्रता सेनानियों में से एक शहीद भगत सिंह के कहे अनेक अनमोल वचन हैं, जिन्हें हर भारतीयों को जानना चाहिए| जो इस प्रकार है, जैसे-

भगत सिंह के 10 अनमोल वचन

1. मेरा धर्म देश की सेवा करना है|

2. जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती है, दुसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाएं जा सकते है|

3. प्रेमी, पागल और कवि, एक ही (सिक्के के पहेलु है) चीज से बने होते है|

4. व्यक्तियों को कुचलकर, वे उनकें विचारों को नही मार सकते|

5. देशभक्तों को अक्सर, लोग पागल कहते है|        -भगत सिंह

6. यह एक काल्पनिक आदर्श है, कि आप किसी भी कीमत पर अपने बल का प्रयोग नही करते| नया आंदोलन जो हमारे देश से आरम्भ हुआ है, जिसकी शुरुवात की हम चेतावनी दे चुके है| वह गुरुगोविंद सिंह और शिवाजी महाराज, कमल पाशा और राजा खान, वाशिंगटन और गैरीबाल्डी, लाफिएतेते और लेनिन के आदर्शो से प्रेरित है|

7. राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है| मै एक ऐसा पागल हु, जो जेल में भी आजाद है|

8. सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल होकर गुजरता है, परन्तु उस समय कोई ऐसा देश नही होगा| जो भारत देश के समान इतना स्वतंत्र, इतना खुशहाल और इतना प्यारा हो|

9. यदि बहरो को सुनाना है, तो आवाज को बहुत जोरदार होना होगा| जब हमनें बम गिराया तो, हमारा मकसद किसी को मारना नही था, हमनें अंग्रेजी हुकुमत पर बम गिराया था| अंग्रेजो को भारत छोड़ना चाहिए, उसे आजाद करना चाहिए|

10. मनुष्य तभी कुछ करता है, जब उसे अपने कार्य का उचित होना सुनिश्चित होता है| जैसा की हम विधान सभा मे बम गिराते समय थे, जो मनुष्य इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते है| उनके लाभ के हिसाब के अनुसार, इसे अलग अलग अर्थ और व्याख्या दिए जाते है|        -भगत सिंह

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भगत सिंह के 20 अनमोल वचन

11. किसी को क्रांति शब्द की व्याख्या, शाब्दिक अर्थ में नही करनी चाहिए| जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते है, उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और और अभिप्राय दिए जाते है|

12. जरूरी नही था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो, यह बम और पिस्तौल का पंथ नही था|

13. कोई भी व्यक्ति जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़ा हो, उसे हर एक रुढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी| उसे अविश्वास करना होगा, उसे चुनोती भी देना होगा|

14. आमतौर पर लोग जैसी चीज है, उसके आदी हो जाते है| वे बदलाव के विचार से ही कांपने लगते है, हमे इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी की भावना में बदलने की जरूरत है|

15. किसी भी इंसान को मारना आसान है, परन्तु उनकें विचारों को नही| महान साम्राज्य टूट जाते है तबाह हो जाते है, जबकि उनके विचार बच जाते हैं|        -भगत सिंह

16. मैं इस बात पर जोर देता हूँ, की मैं महत्त्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ| पर जरूरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, वही सच्चा बलिदान है|

17. अहिंसा को आत्मबल के सिधांत का समर्थन प्राप्त है, जिसे अंततः प्रतिद्वंद्वी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है| लेकिन तब क्या हो, जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाए| तभी हमे आत्मबल को शारीरिक बल से जोड़ने की जरूरत पड़ती है, ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमोकरम पर ना निर्भर करें|

18. कानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है, जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करें|

19. मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है, उसे मुझे मतलब है|

20. निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार, ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण है|        -भगत सिंह

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भगत सिंह के 30 अनमोल वचन

21. हम नौजवानों को बम और पिस्तौल उठाने की सलाह नही दे सकते, विधार्थियों के लिए और भी महत्वपूर्ण काम है| राष्ट्रीय इतिहास के नाजुक समय में नौजवानों पर बहुत बड़े दायित्व का भार है, सबसे ज्यादा विधार्थी ही तो आजादी की लड़ाई में अगली पांतो में लड़ते हुए शहीद हुए है| क्या भारतीय नौजवान इस परीक्षा के समय में वही संजीदा इरादा दिखने में झिझक दिखाएगे?

22. किसी ने सच्च ही कहा है, सुधार बूढ़े आदमी नही कर सकते| वे तो बहुत बुद्धिमान और समझदार होते है, सुधार तो युवकों के परिश्रम, सहास, बलिदान और निष्ठा से होते है| जिनकों भयभीत होना आता ही नही, जो विचार कम और अनुभव अधिक करते है|

23. सीने पर जो जख्म है, सब फूलोँ के गुच्छे है| हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे है|

24. दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू ए-वतन आएगी|

25. लिख रहा हु मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा| मेरे लहू का हर एक कतरा, इंकलाब लाएगा|        -भगत सिंह

26. सर्वगत भाईचारा तभी हासिल हो सकता है, जब समानताएं हों सामाजिक, राजनैतिक एवं व्यक्तिगत|

27. मेरा जीवन एक महान लक्ष्य के लिए समर्पित है, देश की आजादी| दुनिया कोई अन्य आकर्षित वस्तु, मुझे लुभा नही सकती|

28. क्रांति लाना किसी भी इंसान की ताकत के बहार की बात है, क्रांति कभी भी अपने आप नही आती| बल्कि किसी वातावरण, सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों, में ही क्रांति लाई जा सकती है|

29. अपने दुश्मन से बहस करने के लिए, उसका अभ्यास करना बहुत जरूरी है|

30. बाबाजी मैंने जीवन मैं कभी वाहेगुरु को याद नही किया, कई बार तो मैंने देश की अवन्ती और लोगों के दुःख के लिए उन्हें दोषी ठहराया है| अब जब मौत मेरे सामने खड़ी है, वाहेगुरु गुरु की अरदास करू तो वह कहेगा की मैं बहुत डरपोक और बेईमान आदमी हूँ| अब मुझे इस संसार से वसे ही विदा हो जाने दो जैसा मैं हूँ, मेरी क्रांति यह नही कहेगी की भगत सिंह कायर था| उसनें अपनी मौत से घबराकर, वाहेगुरु गुरु को याद किया था|        -भगत सिंह

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भगत सिंह के 40 अनमोल वचन

31. हमें धैर्यपूर्वक फांसी की प्रतीक्षा करनी चाहिए, यह मृत्यु सुंदर होगी| परन्तु आत्महत्या करना, केवल कुछ दुखों से बचने के लिए अपने जीवन को समाप्त कर देना तो कायरता है| मैं आप को बताना चाहता हूँ, की आपत्तियां व्यक्ति को पूर्ण बनाने वाली है|

32. मजिस्ट्रेट साहब आप भाग्यशाली है, कि आज आप अपनी आखों से देखने का ये अवसर पा रहे है| कि भारत के क्रांतिकारी, किस प्रकार प्रसन्तापूर्वक अपने सर्वोच्च आदर्श के लिए मृत्यु का आलिंगन कर सकते है|

33. आज मेरी कमजोरियां लोगों के सामने नही है, अगर मैं फांसी से बच गया तो वे जगजाहिर हो जाएगी| इंकलाब का निशान मंध पड़ जाएगा या मिट ही जाए, लेकिन मेरे दिलेराना ढंग से हंसते हंसते फांसी पाने की सुरत में हिन्दुस्तानी माताएं अपने बच्चों को भगत सिंह बनाने की आरजू करेगी| देश की आजादी के लिए बलिदान देने वालो की तादाद इतनी बढ़ जाएगी, कि इंकलाब को रोकना साम्राज्यवाद के तमाम शैतानी कुबतों के बस की बात न रहेगी|

34. मेरा नाम हिन्दुस्तान इंकलाब पार्टी का निशान बन चूका है, इंकलाब पसंद पार्टी के आदर्शो और बलिदानों ने मुझे इतना उच्चा कर दिया है| इतना ऊँचा की जिन्दा रहने की सुरत में इसे ऊँचा मै हरगिज नही हो सकता, इसके सिवाय कोई लालच मेरे दिल मे फांसी से बचें रहने के लिए कभी नही आया| मुझसे ज्यादा खुशकिस्मत कौन होगा, मुझे आज तक खुद पर बहुत नाज है| मुझमें अब कोई ख्वाहिश बाकि नही है, अब तो बड़ी बेताबी से आखरी इम्तहा का इंतजार है|

35. जैसे पुराना कपड़ा उतार कर नया बदला जाता है, वैसे ही मृत्यु है| मैं उसे डरूंगा नही और न ही भागूँगा, कोशिश करुगा की पकड़ा जाऊ पर यू ही नही की पुलिस आई और पकड़ कर ले गई| मेरे पास एक तरीका है, की कैसे पकड़ा जाऊ| मौत आएगी आएगी ही पर मैं अपनी मौत को इतनी महंगी और भारी बना दुगा, कि बिर्टिश सरकार रेत के ढेर की तरह उसके बोझ से ढक जाए|        -भगत सिंह

36. जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझमे भी होनी चाहिए, मैं इसको छिपाना नही चाहता| लेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है, कि मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा नही रहना चाहता|

37. यदि हमारे नौजवान इसी तरह प्रयत्न करते जाएगे, तब जाकर एक साल में स्वराज्य तो नही| किन्तु भारी कुर्बानी और त्याग की कठिन परीक्षा में से गुजरने के बाद वे अवश्य विजयी होगे, क्रांति चिरंजीवी हों|

38. हमारे दल को नेताओं की आवश्यकता नही है, अगर आप दुनियादार है| बाल बच्चों और कुटुम्ब में फसे है, तो हमारे मार्ग पर मत आइए| यदि आप हमारे उद्देश्य में सहानुभूति रखते है, तो और तरीकों से हमे सहयता दीजिए| नियन्त्रण में रह सकने वाले कार्यकर्ता ही, इस आंदोलन को आगे ले जा सकते है|

39. यदि आप सोलह आन्ने के लिए लड़ रहें है, और एक आन्ना मिल जाता है| तो वह एक आन्ना जेब में डालकर, बाकि 15 आन्ने के लिए जंग छेड़ दीजिए| हिन्दुस्तान के नरमपंथियों की जिस बात से हमे नफरत है, वह यही है कि उनका आदर्श कुछ नही है| वे एक आन्ने के लिए ही लड़ते है, और उन्हें मिलता कुछ भी नही|        -भगत सिंह

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अब्दुल कलाम के महान विचार: सपने देखें और नया करें

November 19, 2017 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

APJ Abdul Kalam quotes in Hindi: एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम था| कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम, रामानाथपुरम, तमिलनाडू में हुआ था। वो एक महान वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति थे। ए पी जे अब्दुल कलाम मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलोजी से अंतरिक्ष विज्ञान से स्नातक थे। उनकी देख रेख में भारत ने पोखरण में अपना दूसरा सफल परमाणु परिक्षण किया।

27 जुलाई 2015 को शिलोंग में एक भाषण करते समय उनकों दिल का दौरा पड़ा और उनका दुखद निधनं हो गया। लेकिन उनके प्रेरणा से ओतप्रोत विचार आज भी हर मनुष्य में उत्साह और उमंग भर देते है। इस लेख में हम उनकें कुछ महान विचारों को आप सब के साथ सांझा करेगे ।यदि ए पी जे अब्दुल कलाम के जीवन का व्रतांत जाना चाहते है तो यहां पढ़ें- एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी

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एपीजे अब्दुल कलाम के महान विचार

भारत के महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति रह चुके अब्दुल कलाम के कहे अनेक अनमोल वचन हैं, जिन्हें हर भारतीयों को जानना चाहिए। जो इस प्रकार है, जैसे-

एपीजे अब्दुल कलाम के 10 अनमोल वचन

1. शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।

2. क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान, आत्म निर्भरता के साथ आता है?

3. कृत्रिम सुख की बजाये ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये।

4. अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं। मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओं में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे।

5. भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। ईश्वर की प्रार्थना की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है।             -एपीजे अब्दुल कलाम

6. मैं इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था, कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता।

7. महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।

8. अगर किसी देश को भ्रष्टाचार मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है, तो मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं, पिता, माता और गुरु।

9. यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं, तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा।

10. भारत में हम बस मौत, बीमारी, आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं।             -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 20 अनमोल वचन

11. आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें, ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके।

12. आकाश की तरफ देखिये, हम अकेले नहीं हैं। सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं, उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है।

13. इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने कि लिए ये ज़रूरी हैं।

14. किसी भी धर्म में उसे बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना अनिवार्य नहीं बताया गया है।

15. मुझे बताइए, यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं। हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते क्यों?              -एपीजे अब्दुल कलाम

16. अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।

17. इससे पहले कि सपने सच हों, आपको सपने देखने होंगे।

18. तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पे ना पहुँच जाओ- यही, अद्वितीय तुम हो। ज़िन्दगी में एक लक्ष्य रखो, लगातार ज्ञान प्राप्त करो, कड़ी मेहनत करो और महान जीवन को प्राप्त करने के लिए दृढ रहो।

19. उत्कृष्टता एक सतत प्रक्रिया है, कोई दुर्घटना नहीं।

20. अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलो।             -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 30 अनमोल विचार

21. पक्षी अपने ही जीवन और प्रेरणा द्वारा संचालित होता है।

22. हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए।

23. शिक्षण एक बहुत ही महान पेशा है, जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता, और भविष्य को आकार देता है। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा।

24. असली शिक्षा एक इंसान की गरिमा को बढ़ाती है और उसके स्वाभिमान में वृद्धि करती है। यदि हर इंसान द्वारा शिक्षा के वास्तविक अर्थ को समझ लिया जाता और उसे मानव गतिविधि के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाता, रहने के लिए कहीं अच्छी जगह होती।

25. जब बच्चे 15, 16 या 17 साल के होते हैं, तब वे तय करते हैं कि उन्हें डॉक्टर, इंजिनियर या राजनीतिज्ञ बनना है या मंगल ग्रह या चंद्रमा पे जाना है और ये वो समय होता है, जब आप उन पर काम कर सकते हैं। आप उन्हें अपने सपनो को आकार देने में मदद कर सकते है।              -एपीजे अब्दुल कलाम

26. जब हम बाधाओं का सामना करते हैं, हम अपने साहस और फिर से खड़े होने की ताकत के छिपे हुए भण्डार को खोज पाते हैं, जिनका हमें पता नहीं होता कि वो हैं और केवल तब जब हम असफल होते हैं. एहसास होता है कि संसाधन हमेशा से हमारे पास थे। हमें केवल उन्हें खोजने और अपनी जीवन में आगे बढ़ने की ज़रूरत होती है।

27. एक सबक जो हर एक देश चीन से सीख सकता है, वो है ग्रामीण स्तर के उद्यमों, उत्तम स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करना।

28. राष्ट्रपति पद का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। एक बार राष्ट्रपति चुन लिया जाए, तो वह राजनीति से ऊपर है।

29. मेरा विचार है कि छोटी उम्र में आप अधिक आशावादी होते हैं और आपमें कल्पनाशीलता भी अधिक होती है, आपमें पूर्वाग्रह भी कम होता है।

30. जब तक भारत दुनिया के सामने खड़ा नहीं होता, कोई हमारी इज्जत नहीं करेगा। इस दुनिया में, डर की कोई जगह नहीं है, केवल ताकत ताकत का सम्मान करती है।             -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 40 अनमोल विचार

31. जो अपने दिल से काम नहीं कर सकते वे हासिल करते हैं, लेकिन बस खोखली चीजें, अधूरे मन से मिली सफलता अपने आस-पास कड़वाहट पैदा करती है।

32. हम केवल तभी याद किये जायेंगे, जब हम हमारी युवा पीढ़ी को एक समृद्ध और सुरक्षित – भारत दें, जो आर्थिक समृद्धि और सभ्यता की विरासत का परिणाम होगा।

33. भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलना होगा, नैतिक मूल्यों के साथ एक समृद्ध व स्वस्थ देश।

34. दुनिया की लगभग आधी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और ज्यादातर गरीबी की हालत में। मानव विकास में ऐसी असमानता अशांति की प्रमुख वजहों में से एक रहा है और विश्व के कुछ हिस्सों में हिंसा की भी।

35. भारत बिना परमाणु हथियारों के रह सकता है, ये हमारा सपना है और ये अमेरिका का भी सपना होना चाहिए।              -एपीजे अब्दुल कलाम

36. जीवन एक कठिन खेल है, आप एक व्यक्ति होने के अपने जन्मसिद्ध अधिकार को बनाये रखकर इसे जीत सकते हैं।

37. मेरे लिए, नकारात्मक अनुभव जैसी कोई चीज नहीं है।

38. विज्ञान ने ये प्रमाणित किया है, कि मानव शरीर लाखों-लाख परमाणुओं से बना है… उदाहरण के लिए, मैं 5.8×10^27 परमाणुओं से बना हूँ।

39. हमें एक अरब लोगों के देश की तरह सोचना और काम करना चाहिए, ना कि दस लाख आबादी वाले देश की तरह। सपने देखो, सपने देखो, सपने देखो।

40. एक लोकतंत्र में देश की समग्र समृद्धि, शांति और ख़ुशी के लिए हर एक नागरिक की कुशलता, वैयक्तिकता और ख़ुशी आवश्यक है।              -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 50 अनमोल वचन

41. मेरा बल बढ़ता ही जाता है, आप इसे रोक नहीं सकते – ये बढ़ता रहता है, ये बेहिसाब बढ़ता है।

42. देखिये, भगवान केवल उन्ही की मदद करता है, जो कड़ी मेहनत करते हैं। ये सिद्धांत बिलकुल स्पष्ट है।

43. किसी विद्यार्थी की सबसे ज़रूरी विशेषताओं में से एक है, प्रश्न पूछना। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने दीजिये।

44. विज्ञान मानवता के लिए एक खूबसूरत तोहफा है, हमें इसे बिगाड़ना नहीं चाहिए।

45. चलिए मैं एक लीडर को डिफाइन करता हूँ। उसमे एक विजन और पैशन होना चाहिए और उसे किसी समस्या से डरना नहीं चाहिये। बल्कि, उसे पता होना चाहिए कि इसे हराना कैसे है। सबसे ज़रूरी, उसे ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए।              -एपीजे अब्दुल कलाम

46. ईश्वर की संतान के रूप में, मैं मुझे होने वाली किसी भी चीज से बड़ा हूँ।

47. जब वैज्ञानिक और रक्षा प्रौद्योगिकियों के लिए भव्य योजनाएं बनायीं जाती हैं, तो क्या सत्ता में बैठे लोग प्रयोगशालाओं और फील्ड में काम करने वाले लोगों के बलिदानों के बारे में सोचते हैं?

48. जब आप अपने ऊपर लाइट बल्ब को देखते हैं, आप थॉमस अल्वा एडीसन को याद करते हैं। जब टेलीफ़ोन की घंटी बजती है, आप अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को याद करते हैं। मैरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थीं। जब आप नीले आकाश में देखते हैं, आप सर सी.वी. रमन के बारे में सोचते हैं।

49. अब ऊँगली की एक क्लिक पर उपलब्ध जानकारी मुझे आश्चर्यचकित कर देती है।

50. मै हाई स्कुल में था, जब पंडित जवाहरलाल नेहरु ने नयी दिल्ली में भारत का झंडा फहराया था।              -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 60 अनमोल वचन

51. भारत के लिये मेरा 2020 विजन है- इसे एक विकसित राष्ट्र में बदल देना। ये भावात्मक नहीं हो सकता, यह एक जीवन रेखा है।

52. ढाई हज़ार सालों से भारत ने किसी पे आक्रमण नहीं किया है।

53. हमें याद रखना चाहिए कि कुछ ऐसे देश हैं, जो अपनी 30 से 60% बिजली की ज़रूरत न्यूक्लीयर पॉवर सिस्टमस के जरिये पूरा करते हैं।

54. हमने किसी पे आक्रमण नहीं किया है, हमने किसी पे विजय नहीं प्राप्त की है। हमने उनकी भूमि, उनकी संस्कृति, उनके इतिहास पे कब्ज़ा नहीं किया है और ना ही अपने जीने का तरीका उनपर थोपने का प्रयास किया है।

55. विज्ञान वैश्विक है, आइंस्टीन के समीकरण, ई = mc2, को हर जगह पहुंचना है। विज्ञान मानवता के लिए एक सुंदर उपहार है, हम इसे बिगाड़ना नहीं चाहिए। विज्ञान विभिन्न जातियों के बीच अंतर नहीं करता।             -एपीजे अब्दुल कलाम

56. कई सालों से, मैंने उड़ पाने की उम्मीद को पाला है; किसी मशीन को स्ट्रैटोस्फीयर के ऊपर और ऊपर जाते हुए संभालना मेरा सबसे प्यारा सपना रहा है।

57. राजनीति क्या है? राजनीतिक प्रणाली विकास की राजनीति और राजनीतिक राजनीति के जोड़ के बराबर है।

58. आज, भारत प्रति व्यक्ति 682 वाट पॉवर कंज्यूम करता है, विकसित देशों से कहीं कम, जैसे जैसे भारत विकास करेगा, इस निश्चित रूप से बहुत अधिक एनर्जी की ज़रूरत पड़ेगी।

59. राष्ट्र लोगों से मिलकर बनता है और उनके प्रयास से, कोई राष्ट्र जो कुछ भी चाहता है, उसे प्राप्त कर सकता है।

60. हम एक देश के रूप में विदेशी चीजों को लेकर इतने जुनूनी क्यों हैं? क्या ये हमारे कोलोनियल इयर्स की विरासत है? हमें विदेशी टीवी सेट्स चाहियें, हमें विदेशी शर्ट्स चाहियें, हमें विदेशी टेक्नोलॉजी चाहिए, इम्पोर्टेड चीजों के लिए इतना जूनून क्यों है?              -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 70 अनमोल विचार

61. जहाँ हृदय में सच्चाई होती है, वहां घर में सामंजस्य होता है। जब घर में सामंजस्य होता है, तब देश में एक व्यवस्था होती है। जब देश में व्यवस्था होती है, तब दुनिया में शांति होती है।

62. शिक्षा का मकसद कौशल और विशेषज्ञता के साथ अच्छे इंसान बनाना है… शिक्षकों ‘ द्वारा प्रबुद्ध मनुष्य बनाये जा सकते हैं।

63. मैं हथियारों की होड़ का विशेषज्ञ नहीं हूँ।

64. मेरे लिए, दो तरह के लोग हैं: युवा और अनुभवी।

65. जबकि बच्चे सबसे अलग होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनके चारों ओर की दुनिया पूरी कोशिश कर रही है, कि वे बाकी सभी लोगों की तरह दिखें।              -एपीजे अब्दुल कलाम

66. अर्थव्यवस्था ने मुझे शाकाहारी बनने के लिए मजबूर किया, लेकिन अंत में मैं इसे पसंद करने लगा।

67. भारत को अपनी ही परछाई पर चलना चाहिए- हमारा खुद का डेवलपमेंट मॉडल होना चाहिए।

68. लिखना मेरा प्यार है, अगर आप किसी चीज से प्यार करते हैं। आप उसके लिए बहुत सारा समय निकाल लेते हैं, मैं रोज दो घंटे लिखता हूँ। आमतौर पे मध्यरात्रि में शुरू करता हूँ, कभी कभी मैं 11 बजे से लिखना शुरू करता हूँ।

69. मेरा संदेश, विशेष रूप से युवाओं के लिए, है कि वे अलग सोचने का साहस रखें, आविष्कार करने का साहस रखें, अनदेखे रास्तों पर चलने का साहस रखें, असंभव को खोजने और समस्याओं पर जीत हासिल करके सफल होने का साहस रखें। ये महान गुण हैं, जिसके लिए उन्हें ज़रूर काम करना चाहिए, युवाओं के लिए ये मेरा सन्देश है।

70. शिक्षाविदों को छात्रों के बीच जांच की भावना, रचनात्मकता, उद्यमशीलता और नैतिक नेतृत्व की क्षमता का निर्माण करना चाहिए और उनका रोल मॉडल बनना चाहिए।              -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 80 अनमोल विचार

71. सभी युद्ध विवाद सुलझाने के तरीके की विफलता को दर्शाते हैं और युद्ध के बाद उन्हें फिर से विश्वास, भरोसा और साहस पैदा करने की ज़रूरत होती है।

72. इग्नाईटेड माइंडस के खिलाफ कोई भी प्रतिबन्ध खड़ा नहीं हो सकता।

73. महान शिक्षक ज्ञान, जूनून और करुणा से निर्मित होते हैं।

74. सरकार, चाहे राज्य की हो या केंद्र की, चुन कर बनती है। इसका मतलब हमारी जिम्मेदारी है, कि हम सही तरीके के नेताओं का चुनाव करें।

75. यदि चार बातों का पालन किया जाए – एक महान लक्ष्य बनाया जाए, ज्ञान अर्जित किया जाए, कड़ी मेहनत की जाए और दृढ रहा जाए, तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।              -एपीजे अब्दुल कलाम

76. जब एक देश हथियारबंद देशों से घिरा होता है, तो उसे खुद को तैयार करना पड़ता है।

77. क्षमता का निर्माण करना अंतर को भंग करता है, इससे असमानताएं ख़त्म हो जाती हैं।

78. शादी के बारे में की ये किसी तरह हो नहीं पाया। इतने बड़े परिवार में एक आदमी की शादी ना होना कोई दिक्कत की बात नहीं है।

79. भारत में बुनियादी विज्ञान के लिए पर्याप्त धन नहीं है। हमें एक बड़े पैमाने पर निवेश करना है और मैं इस विचार पर जोर दे रहा हूँ।

80. जब मैं राष्ट्रपति बना, मैंने संविधान का अध्ययन किया और मैंने जितना अधिक अध्ययन किया, उतना ही मुझे महसूस हुआ कि ये भारत के राष्ट्रपति को देश को एक विजन देने से नहीं रोकता। अतः जब मैं संसद और विधान सभाओं में गया और विज़न प्रस्तुत किया, तो सभी ने मेरा स्वागत किया, अपनी पार्टी की परवाह किये बगैर।              -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 90 अनमोल विचार

81. बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं, जो समाज में भारी परिवर्तन लेकर आई हैं।

82. राष्ट्रपति के तौर पे एक बेहद कठिन काम जो मेरे पास था, वो था अदालतों द्वारा दिए गए मृत्यु दंड की पुष्टि करना।

83. मुझे समुद्र से प्यार है।

84. मैं 18 मिलियन यूथ्स से मिला हूँ और हर एक यूनीक बनना चाहता है।

85. मैं एक बिना पढ़े-लिखे परिवार का वंचित बच्चा था, फिर भी मेरे पास महान शिक्षकों के सानिध्य में रहने का फायदा था।             -एपीजे अब्दुल कलाम

86. अंतत: वास्तविक अर्थों में शिक्षा सत्य की खोज है, यह ज्ञान और आत्मज्ञान से होकर गुजरने वाली एक अंतहीन यात्रा है।

87. किसी भी मिशन की सफलता के लिए, रचनात्मक नेतृत्व आवश्यक है।

88. एंटीबायोटिक दवाओं के व्यापक उपयोग एंटीबायोटिक प्रतिरोध के प्रसार को बढ़ावा देता है। एंटीबायोटिक दवाओं का स्मार्ट उपयोग इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

89. भ्रष्टाचार जैसी बुराइयाँ कहाँ से पनपती हैं? ये कभी न ख़त्म होने वाले लालच से आती हैं। भ्रष्टाचार-मुक्त नैतिक समाज के लिए लड़ाई इस लालच के खिलाफ लड़ी जानी होगी और इसे ” मैं क्या दे सकता हूँ” की भावना से बदलना होगा।

90. मैं एक पायलट से अधिक और कुछ नहीं बनना चाहता था। लेकिन तकदीर का कुछ और ही प्लान था।              -एपीजे अब्दुल कलाम

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एपीजे अब्दुल कलाम के 100 अनमोल विचार

91. छोटा लक्ष्य अपराध है।

92. हमें ऑटोमोबाइल्स के लिए ऐसे इंजेक्शन सिस्टम डेवलप करने है, जो बायो-फ्यूल्स से चल सकें, फॉसिल फ्यूल्स से छुटकारा पाना ही होगा।

93. ‘अद्वितीय’ बनने के लिए, चुनौती है, सबसे कठिन लडाई लड़ने की जो कोई सोच सकता है; जब तक आप अपनी मंजिल तक न पहुंच जाएँ।

94. कविता आपार ख़ुशी या गहरे ग़म से निकलती है।

95. मुझे पक्का यकीन है, कि जब तक किसी ने नाकामयाबी की कड़वी गोली न चखी हो, वो ‘कायमाबी के लिए पर्याप्त महत्वाकांक्षा नहीं रख सकता।              -एपीजे अब्दुल कलाम

96. ग्रामीण क्षमता के द्वारा नए बाज़ार बनाये जा सकते हैं, जो रोजगार में वृद्धि कर सकते हैं।

97. मैं घूमता हूँ, जब तक मुझे गरमागरम सब्जी की डिश मिलती रहे; मैं ठीक हूँ।

98. ईश्वर हर जगह है।

99. प्रज्वलित मन के खिलाफ, कोई भी प्रतिबंध खड़ा नही हो सकता।             -एपीजे अब्दुल कलाम

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