कपास हमारे देश की एक प्रमुख नकदी फसल है| औद्योगिक एवं निर्यात की दृष्टि से कपास हमारे देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है| बी टी कपास (Bt Cotton) के उगाने से भारत कपास की उत्पादकता में सुदृढ़ हुआ है| लेकिन उत्पादन क्षमता में आज भी हम अन्तराष्ट्रीय स्तर पर काफी पिछड़े है| कपास [Read More] …
Agriculture
बी टी कपास के बीज की शुद्धता की जांच कैसे करें; अच्छे उत्पादन हेतु
आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल, बी टी कपास (Bt Cotton), भारत वर्ष में पहली बार आधिकारिक रूप से मार्च 2002 में देश में व्यावसायिक खेती के लिए अनुमोदित की गयी| बी टी कपास बेसिलस थूरेनजेनेसिस (बी.टी.) नाम के बेक्टिरीया के जीन से अनुवंशिक रूप से संशोधित है| बी.टी. जीन का प्रोटीन कपास के कीटों के [Read More] …
सरसों समूह की फसलों से अच्छे उत्पादन हेतु खेत की तैयारी कैसे करें
हमारे देश में सरसों समूह की उगाई जाने वाली फसलें राया-सरसों, पीली सरसों, भूरी सरसों, गोभी सरसों और तारामीरा आदि प्रमुख है| भारत मे सरसों समूह फसलों की उत्पादकता को प्रभावित करने वाले कुछ प्रमुख कारक है, जैसे- अच्छे से खेत की तैयारी न करना, क्षेत्र विशेष की उपयुक्त किस्मों का चयन नहीं करना, असंतुलित [Read More] …
नैक्ट्रिन की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
नैक्ट्रिन (Nectarine) विदेशी प्रजाति का एक फल है| सेब सा दिखने वाला स्वाद में आडू व प्लम जैसा एक लाजवाब फल है| शीतोष्ण तथा समशीतोष्ण कटिबंधीय फलों में नैक्ट्रिन का महत्वपूर्ण स्थान है| नैक्ट्रिन आडू एवं प्लम की प्रजाति से तैयार एक फल है, यह आडू के ही समूह का फल है और इसके अधिकतर [Read More] …
रामदाना की खेती: किस्में, बुवाई, सिंचाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
हमारे देश में रामदाना (Ramdana) को विभिन्न नामों जैसे- राजगीरा, चुआ, चौलाई, मारछा से जाना जाता है| यह एक बहुउद्देश्यी धान्य स्वरूप फसल है, इसकी खेती बीज, हरे एवं सूखे चारे, प्रारम्भिक में सब्जी व सजावट के लिए की जाती है| इसकी खेती मुख्यतया उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में होती रही है| परन्तु अब देश [Read More] …
ईसबगोल की खेती: किस्में, बुवाई, खाद, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
ईसबगोल (Isabgol) एक महत्वपूर्ण नगदी फसल है, जो शुष्क क्षेत्रों में किसानों के लिये अल्प समय में आय का स्त्रोत् बन रहा है| इसबगोल की फसल की कटाई करते समय इसकी पत्तियाँ हरी रहती है| जो कि पशुओं के हरे चारे के रूप में काम आती है| इसके बीज के ऊपर पाया जाने वाला पतला [Read More] …





