• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Dainik Jagrati

Agriculture, Health, Career and Knowledge Tips

  • Agriculture
  • Career & Education
  • Health
  • Govt Schemes
  • Business & Earning
  • Guest Post

कपास में पोषक तत्व प्रबंधन कैसे करें: जाने अधिक पैदावार की विधि

January 22, 2025 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

कपास में पोषक तत्व प्रबंधन कैसे करें कृषक बन्धुओं हमारे देश में कपास की कम पैदावार का एक मुख्य कारण मिट्टी की उर्वरता का कम होना है| जहां पर उचित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया गया है, वहां काफी अच्छी पैदावार मिलती है| इस लेख में कपास में पोषक तत्व प्रबंधन कैसे करें और इसके लिए उत्तम पैदावार की विधि का उल्लेख है| कपास की खेती की अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- कपास की खेती कैसे करें

यह भी पढ़ें- कपास के अधिक उत्पादन के लिए भूमि व बीज उपचार कैसे करें

कपास में पोषक तत्व प्रबंधन

1. एक हेक्टेयर असिंचित फसल भूमि से लगभग 80 किलोग्राम नाइट्रोजन, 30 किलोग्राम फास्फोरस एवं 30 किलोग्राम पोटाश लेती है|

2. सिंचित कपास की फसल में उपरोक्त मात्रा से लगभग 2 से 3 गुणा अधिक पोषक तत्व लेती हैं|

3. कपास में पोषक तत्व प्रबंधन के लिए सिंचित क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर 10 से 12 टन (5 से 6 टन असिंचित क्षेत्रों में) अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद बुवाई के 3 से 4 सप्ताह पहले खेत में डालकर, एक हल्की जुताई करनी चाहिए|

4. कपास में पोषक तत्व प्रबंधन के तहत नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की मात्रा इस प्रकार से डालें, जैसे-

(क) वर्षा आधारित देशी कपास के लिए 40 किलोग्राम नाइट्रोजन और 20 किलोग्राम फास्फोरस प्रति हेक्टेयर|

(ख) वर्षा आधारित अमेरिकन कपास 60 किलोग्राम नाइट्रोजन, 30 किलोग्राम फास्फोरस और 30 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर|

(ग) वर्षा आधारित संकर कपास 90 किलोग्राम नाइट्रोजन, 45 किलोग्राम फास्फोरस और 45 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर|

(घ) सिंचित अमेरिकन कपास 120 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फास्फोरस और 60 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर|

(ड) सिंचित संकर कपास 150 किलोग्राम नाइट्रोजन, 75 किलोग्राम फास्फोरस और 75 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर|

5. कपास में नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश डालने का अनुपात 2:1:1 उपयुक्त रहता है|

6. फास्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा को खेत में अंतिम जुताई से पहले डाल देना चाहिए, नाइट्रोजन की आधी मात्रा बुवाई से पहले तथा आधी मात्रा को 1 या 2 बार में देना चाहिए|

यह भी पढ़ें- बीटी कॉटन (कपास) की उन्नत किस्में, जानिए विशेषताएं एवं पैदावार

7. खड़ी फसल में नाइट्रोजन खाद फसल बोने के 60 से 70 दिन बाद या कलियां निकलने से पहले एवं फूल आते समय देना चाहिए|

8. सिंचित संकर फसल में नाइट्रोजन चार बार बराबर मात्रा में बोने के समय, 30, 60 तथा 90 दिन बोने के बाद देनी चाहिए|

9. नाइट्रोजन डालते समय भूमि में उचित मात्रा में नमी रहना आवश्यक है|

10. अधिक पैदावार के लिए 2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का एक सप्ताह के अन्तराल पर दो छिड़काव फूल आते समय करना लाभदायक रहता है|

11. कपास में पोषक तत्व प्रबंधन के तहत 20 किलोग्राम सल्फर प्रति हेक्टेयर देना भी फसल के लिए अच्छा रहता है|

12. जिंक की कमी वाली भूमि में 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर या 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट का पर्णीय छिड़काव करने की और बोरोन के लिए 5 किलोग्राम बौरेक्स प्रति हेक्टेयर की दर से डालने की सिफारिश की जाती है|

यह भी पढ़ें- अमेरिकन कपास की उन्नत एवं संकर किस्में, जानिए विशेषता और पैदावार

प्रिय पाठ्कों से अनुरोध है, की यदि वे उपरोक्त जानकारी से संतुष्ट है, तो अपनी प्रतिक्रिया के लिए “दैनिक जाग्रति” को Comment कर सकते है, आपकी प्रतिक्रिया का हमें इंतजार रहेगा, ये आपका अपना मंच है, लेख पसंद आने पर Share और Like जरुर करें| 

Reader Interactions

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

  • Facebook
  • Instagram
  • LinkedIn
  • Twitter
  • YouTube

Categories

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact Us
  • Sitemap

Copyright@Dainik Jagrati