चीकू का प्रवर्धन कैसे करें, जानेगे लेकिन उससे पहले अपने बन्धुओं को बता दें, की चीकू उष्ण अमेरिका का देशज है, और यह भारतीय फलों में गौण है| हमारे देश में यह मुख्य रूप से फल के लिए उगाया जाता है, लेकिन कुछ देशों में चीकू पेड़ के छिलके से दूध निकाला जाता है, जिसे [Read More] …
अंगूर का प्रवर्धन कैसे करें? | अंगूर के पौधे कैसे तैयार करें?
अंगूर का प्रवर्धन वानस्पतिक सख्त काष्ठ कलम से करते हैं, कलमें तैयार करने के लिए शरद ऋतु में एक वर्षीय पकी हुई टहनियों को चुनते हैं| जनवरी में जब लताओं की वार्षिक काट-छांट होती है, उस समय उनमें से 0.5 से 1.5 सेंटीमीटर मोटाई की लगभग 20 सेंटीमीटर लम्बी स्वस्थ कलमें काट कर इन्हें बंडलों [Read More] …
अमरूद का प्रवर्धन कैसे करें? | अमरूद के पौधे कैसे तैयार करें?
आज भी बहुत से स्थानों में अमरूद का प्रवर्धन बीज द्वारा होता है| परन्तु बीज द्वारा प्रसारण से वृक्षों में भिन्नता आ जाती है| इसके लिए यह ज़रूरी है कि वानस्पतिक विधि द्वारा पौधे तैयार किये जायें| अमरूद के प्रवर्धन की कई विधियाँ प्रचलन में है, जैसे- भेंट कलम, बडिंग, गूटी, स्टूलिंग इत्यादि| यद्यपि, उपरोक्त [Read More] …
नींबू वर्गीय पौधों का प्रवर्धन कैसे करें? | नींबू वर्गीय फलों की बागवानी
नींबू वर्गीय पौधों का प्रवर्धन हेतु भूमि व जलवायु को देखते हुए ओजस्विता और फलन एवं अच्छे उत्पादन के लिए उपयुक्त मूलवृन्त लेकर उस पर सम्बन्धित किस्म का उपरोपण किया जाता है| नींबू वर्गीय पौधों किन्नू और माल्टा के लिए कलिकायन उपयुक्त प्रवर्धन विधि है| इन किस्मों के बीजू पौधों से वांछित सफलता नहीं मिलती, [Read More] …
आम का प्रवर्धन कैसे करें? | आम के पौधे कैसे तैयार करें?
भारत में बहुत प्राचीन काल से आम का प्रवर्धन बीज द्वारा किया जाता है, परन्तु विशेष किस्म में ठीक उसी प्रकार के फल देने वाले पौधे प्राप्त करने के लिए वानस्पतिक प्रसारण अत्यन्त आवश्यक है| यदि आप आम की व्यावसायिक बागवानी की अधिक जानकारी चाहते है, तो यहां पढ़ें- आम की खेती कैसे करें आम के [Read More] …
आंवले का प्रवर्धन कैसे करें? | आंवले के पौधे कैसे तैयार करें?
आंवले का प्रवर्धन पारंपरिक रूप से इसके पौधे बीज द्वारा या भेंट कलम बंधन द्वारा तैयार किए जाते है| बीज द्वारा आंवले का प्रवर्धन आसान और सस्ता होता है, परन्तु परंपरागित होने के कारण बीज द्वारा तैयार पौधे अधिक समय में फसल देते है और गुण, आकार में भी मातृ पौधों के समान नही पाये [Read More] …





