हकलाना (Stuttering) जिसे तुतलाना या बचपन-शुरुआत प्रवाह विकार भी कहा जाता है| एक आवाज विकार है, जिसमें सामान्य प्रवाह और आवाज के प्रवाह के साथ लगातार और महत्वपूर्ण समस्याएं शामिल होती हैं| हकलाने वाले लोग जानते हैं कि वे क्या कहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कहने में कठिनाई होती है| उदाहरण के लिए, वे एक [Read More] …
महात्मा गांधी पर निबंध | Essay on Mahatma Gandhi
महात्मा गांधी पर निबंध: मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था| महात्मा गांधी एक भारतीय लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ और वकील थे| उन्होंने भारत में ब्रिटिश आक्रमणकारियों के शासन के खिलाफ राष्ट्रवादी आंदोलन की भी स्थापना की| उन्होंने एक [Read More] …
लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध | Essay on Lal Bahadur Shastri
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को भारत में उत्तर प्रदेश के मुगल सराय में हुआ था| उनके पिता का नाम शारदा प्रसाद था और वे एक स्कूल टीचर थे| उनकी माता का नाम रामदुलारी देवी था| लाल बहादुर शास्त्री जब केवल एक वर्ष के थे तभी उनके पिता का देहांत हो गया [Read More] …
शहीद भगत सिंह पर निबंध | Essay on Shaheed Bhagat Singh
भगत सिंह को सभी भारतीयों द्वारा क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह के रूप में जाना जाता है| इस उत्कृष्ट और अतुलनीय क्रांतिकारी का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब के दोआब जिले में एक संधू जाट परिवार में हुआ था| वह बहुत कम उम्र में स्वतंत्रता के संघर्ष में शामिल हो गए और केवल 23 वर्ष [Read More] …
चन्द्रशेखर आजाद के अनमोल विचार | Chandrashekhar Azad Quotes
आजाद उन स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश प्रशासन को बुरे सपने दिए| चन्द्रशेखर आजाद भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे| वह भारतीय स्वतंत्रता के अग्रदूत हैं| उनके साहस और देशभक्ति की कहानियों ने हमेशा उनकी पीढ़ी के अन्य लोगों और आज की पीढ़ियों को भी [Read More] …
चंद्रशेखर आजाद कौन थे? चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय
चंद्रशेखर आजाद (23 जुलाई 1906 – 27 फ़रवरी 1931) भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के स्वतंत्रता सेनानी थे| वे शहीद राम प्रसाद बिस्मिल व शहीद भगत सिंह सरीखे क्रान्तिकारियों के अनन्यतम साथियों में से थे| सन् 1922 में गाँधीजी द्वारा असहयोग आन्दोलन को अचानक बन्द कर देने के कारण उनकी विचारधारा में बदलाव आया और वे क्रान्तिकारी [Read More] …





