धान बोने की अनेक पद्धतियाँ प्रचलित हैं| प्रत्येक पद्धति के अपने-अपने लाभ और हानियाँ हैं| किसान अपने धान उपलब्धता, साधन और सुविधा को देखते हुये धान बोने की पद्धतियों का चुनाव करते हैं या करना चाहिए| इस लेख में धान बोने की प्रचलित पद्धतियों की उपयोगी जानकारीयों का उल्लेख है, जो इस प्रकार है| धान [Read More] …
Agriculture
धान में पोषक तत्व प्रबंधन | धान में खाद उर्वरक का उपयोग कब करें?
धान में पोषक तत्व प्रबन्धन धान में खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग मिटटी परीक्षण के आधार पर ही करना उपयुक्त है| यदि किसी कारणवश मिटटी का परीक्षण न हुआ तो धान में पोषक तत्व (उर्वरकों) का प्रयोग निम्नानुसार करना चाहिए| धान की खेती की पूरी जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- धान (चावल) की खेती कैसे करें [Read More] …
धान के कीटों का समेकित प्रबंधन | धान में कीट नियंत्रण कैसे करें?
धान के कीटों का समेकित प्रबंधन एक बहुद्देशीय पहुँच है, जिसकी सार्थकता वर्तमान समय में भारत की आवश्यकता है| इसमें पारिस्थितिकी तंत्र को अक्षुण्ण रखते हुए धान के कीटों के प्रबंधन में उपलब्ध सारी तकनीकों का व्यवहार इस प्रकार करना है| कि वे एक दूसरे को नहीं काटे एवं वातावरण के लिए हानिकारक कीटनाशी रसायनों [Read More] …
धान में एकीकृत रोग प्रबंधन | धान में एकीकृत रोग नियंत्रण कैसे करें
धान में विभिन्न क्षतिकर रोग लगते है, जो इस प्रकार है, जैसे- धान का झोंका, भूरा धब्बा, शीथ ब्लाइट, आभासी कंड एवं अन्य की समस्या प्रमुख है| हालाँकि धान की विभिन्न उन्नतशील किस्में जो कि अधिक उपज देती हैं| उनका प्रचलन भारत में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है| परन्तु मुख्य समस्या कीट और रोगों की [Read More] …
सिंचित क्षेत्रों में धान की फसल के कीट और उनका नियंत्रण कैसे करें
भारत धान उत्पादन करने वाला विश्व में एक प्रमुख देश है| धान की खेती असिंचित एवं सिंचित दोनों स्थितियों में की जाती है| धान की विभिन्न उन्नतशील प्रजातियाँ जो कि अधिक उपज देती हैं| उनका प्रचलन सिंचित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है| परन्तु प्रमुख समस्या कीट ब्याधियों की है, यदि समय रहते इसका [Read More] …
असिंचित क्षेत्रों में धान की फसल के कीट और उनका नियंत्रण कैसे करें
भारत में सिंचित व असिंचित क्षेत्रों में धान की खेती दोनों परिस्थितियों में की जाती है| धान की विभिन्न उन्नतशील प्रजातियाँ जो कि अधिक उपज देती हैं| उनका प्रचलन असिंचित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है| परन्तु मुख्य समस्या कीट ब्याधियों की है, यदि समय रहते इनकी रोकथाम कर ली जाये तो अधिकतम उत्पादन [Read More] …





