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कौशल विकास योजना: पात्रता, आवेदन, लाभ, उद्देश्य, विशेषताएं, चुनौतियाँ

January 29, 2025 by Bhupender Choudhary Leave a Comment

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की प्रमुख योजना है| इस कौशल प्रमाणन योजना का उद्देश्य बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशल प्रशिक्षण लेने में सक्षम बनाना है जो उन्हें बेहतर आजीविका हासिल करने में मदद करेगा| पूर्व सीखने के अनुभव या कौशल वाले व्यक्तियों का भी मूल्यांकन और पूर्व शिक्षा की मान्यता (आरपीएल) के तहत प्रमाणित किया जाएगा|

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कौशल विकास योजना क्या है?

1. कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) का प्रमुख कार्यक्रम, जिसे राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा कार्यान्वित किया जाना है|

2. एक कौशल प्रमाणीकरण कार्यक्रम जिसके अंतर्गत एक बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं एवं युवतियों को उद्योग-अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा जो उन्हें बेहतर जीविका सुनिश्चित करने में सहायता प्रदान करेगा|

3. यह योजना पिछली मानक प्रशिक्षण आकलन एवं पारितोषिक (स्टैंडर्ड ट्रैनिंग असेसमेंट एंड रिवार्ड- STAR) योजना का स्थान लेगी|

कौशल विकास योजना के लिए पात्रता

1. योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार को भारत का मूल नागरिक होना चाहिए|

2. उम्मीदवार का कॉलेज और स्कूल ड्राप होना चाहिए|

3. जिनके पास आय का कोई साधन नहीं होगा वे उम्मीदवार आवेदन के पात्र होंगे|

4. उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है|

आवश्यक दस्तावेज

1. उम्मीदवार का आधार कार्ड

2. पहचान पत्र

3. बैंक अकाउंट खाता नंबर

4. मोबाइल नंबर

5. पासपोर्ट साइज फोटो

6. वोटर आईडी कार्ड|

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ऑनलाइन आवेदन कैसे करे?

जो उम्मीदवार प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है हम उनको ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया नीचे बता रहे है आप दिए हुए स्टेप्स फॉलो कर सकते है, जैसे-

1. सबसे पहले उम्मीदवार प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ|

2. इसके बाद आपकी स्क्रीन पर एक होम पेज खुल जायेगा आपको क्वीक लिंक्स पर क्लिक करना होगा|

3. आपकी स्क्रीन पर 4 विकल्प आ जायेंगे आपको स्किल इंडिया के लिंक पर क्लिक करना होगा|

4. उसके बाद आपकी स्क्रीन पर स्किल इंडिया का पेज खुल जायेगा आपको कैंडिडेट पर क्लिक करना होगा|

5. इसके बाद आपकी स्क्रीन पर नया पेज खुल कर आजायेगा आपको (register as a candidate) के विकल्प पर क्लिक करना होगा|

6. विकल्प पर क्लिक करते ही आपके स्क्रीन पर फॉर्म आ जायेगा|

7. आपको आवेदन फॉर्म में नाम, जन्मतिथि, लिंग, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, पिनकोड, राज्य, जिला, सेक्टर, जॉब रोल आदि सारी पूछी गयी जानकारी दर्ज करनी होगी|

8. इसके बाद आपको नीचे कैप्चा कोड दिया होगा आपको कैप्चा कोड दर्ज करना होगा उसके बाद आप सब्मिट के बटन पर क्लिक कर दे|

9. जैसे ही आप सब्मिट के बटन पर क्लिक करते है आपको स्किल इंडिया के होम पेज पर जाना होगा आपको लॉगिन के सेक्शन पर जाकर क्लिक करना होगा| लॉगिन पर क्लिक करते ही आपको अपना यूजर नेम और और पासवर्ड दर्ज करना होगा और लॉगिन के बटन पर क्लिक कर दें|

10. इस तरह से आपका आवेदन पूरा हो जायेगा|

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योजना के तहत ट्रेनिंग सेंटर कैसे ढूंढे?

1. सबसे पहले आप को इस योजना के तहत निर्धारित आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा|

2. आप के सामने होम पेज खुलेगा, यहाँ आप को (Find a training centre) के विकल्प पर क्लिक करना होगा|

3. अब आप के सामने अगला पेज खुलेगा , जहाँ आप को पूछी गयी जानकारी भरनी होगी|

4. यहाँ आप 3 तरीके से अपने ट्रैनिग सेंटर को ढून्ढ सकते हैं| सेक्टर के माध्यम से, अपने जॉब रोल के माध्यम से या फिर अपनी लोकेशन के आधार पर| अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प का चयन कर लें|

5. पहले दो विकल्पों में आप को अपना सेक्टर या जॉब रोल बताना होगा। और उसके बाद सबमिट कर दें|

6. तीसरे विकल्प में आप को अपने राज्य , जिले और TP , TC का नाम भरना होगा| इसके बाद सबमिट के विकल्प पर क्लिक कर दें|

7. इसके बाद आप को अपनी ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी मिल जाएगी|

कौशल विकास योजना की आवश्यकता

1. वर्तमान समय में भारत के सिर्फ 5 प्रतिशत श्रमबल को किसी भी प्रकार का औपचारिक कौशल प्रशिक्षण प्राप्त है और श्रमबल की खराब गुणवत्ता के अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्र कारण उत्पादन स्तर में गिरावट से जूझ रहे हैं|

2. इस संदर्भ में कौशल विकास देश के लिये प्रमुख प्राथमिकता वाला क्षेत्र बन गया है|

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कौशल विकास योजना के लाभ

1. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की सहायता से उन सभी की प्रशिक्षण दिया जायेगा जिन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी|

2. युवाओं को मुफ्त में प्रशिक्षण दिया जायेगा|

3. प्रशिक्षण के साथ -साथ युवाओं को बाद में एक प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा जिसमे वह एक कर्मचारी के तौर पर काम कर सकता है|

4. प्रशिक्षण लेने के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त करने का सबसे बेहतर जरिया है|

5. योजना का लाभ देने के लिए हर राज्यों में अलग- अलग प्रशिक्षण केंद्र खोले जायेंगे|

6. प्रशिक्षित के बाद जो प्रमाण पत्र दिया जायेगा वो भारत के सभी राज्यों में मान्य होगा|

कौशल विकास योजना के उद्देश्य

1. प्रमाणन प्रक्रिया में मानकीकरण को प्रोत्साहन देना और कौशल के पंजीकरण की प्रक्रिया की शुरुआत करना|

2. बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण लेने, रोज़गार लेने के योग्य बनने और जीविकोपार्जन करने के लिये सक्षम करना और इसके लिये प्रेरित करना|

3. वर्तमान में मौजूद श्रमबल की उत्पादकता को बढ़ाना और देश की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण और प्रमाणन को प्रवृत्त करना|

4. कौशल प्रमाणन के लिये आर्थिक पारितोषिक देना जिससे युवक एवं युवतियों को रोज़गार प्राप्त करने की योग्यता और उत्पादकता को बढ़ावा मिले और साथ ही कौशल प्रशिक्षण के लिये प्रोत्साहन देना|

5. अधिकृत संस्थानों से कौशल प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों को 18,000 प्रति अभ्यर्थी का औसत आर्थिक पारितोषिक प्रदान करना|

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कौशल विकास योजना की प्रमुख विशेषताएँ

1. राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) और उद्योग नीति मानकों के आधार पर कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा|

2. तृतीय पक्ष आकलन निकायों द्वारा किये गए आकलन और प्रमाणन के आधार पर प्रशिक्षुओं को आर्थिक पारितोषिक|

3. स्थानीय स्तर पर आयोजित कौशल मेलों के द्वारा जागरूकता लाने हेतु प्रेरक प्रयास करना| परामर्शदाताओं की सहायता और नियोजन को सुगम बनाने की ओर विशेष ध्यान|

4. मांग के आधार पर कौशल प्रशिक्षण जिनका हाल ही में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा के लिये किये गए कौशल रिक्तता अध्ययनों के आधार पर आकलन किया गया|

5. श्रम बाजार में पहली बार प्रवेश करने वालों और मुख्यतः दसवीं और बारहवीं कक्षा के बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले युवकों और युवतियों को लक्षित| सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को इस योजना में भाग लेने व अर्हता प्राप्त करने के लिये उचित
अध्यवसाय से गुजरना होगा|

6. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत मुख्य ध्यान बेहतर पाठ्यक्रम, बेहतर अध्यापन शैली और बेहतर प्रशिक्षित अध्यापकों पर होगा|

7. इस योजना के तहत संबंधित राज्य सरकारें कुल प्रशिक्षण लक्ष्य के 25 प्रतिशत के लिये उत्तरदायी होंगी|

कार्यान्वयन की चुनौतियाँ

1. निजी क्षेत्र की भागीदारी का अभाव वर्ल्ड बैंक के एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में केवल 36 प्रतिशत कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध करवाती हैं|

2. इस योजना के उद्देश्य की पूर्ति के लिये कौशल विकास के साथ संबंधित क्षेत्र में नौकरी का सृजन होना भी आवश्यक है|

3. नियोजन के निराशाजनक आँकड़े इसकी सफलता पर गंभीर संदेह उत्पन्न करते हैं|

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महत्वपूर्ण बिंदु

1. उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के खत्म हो जाने के बाद 8 हजार रूपये दिए जायेंगे|

2. योजना के अंतर्गत कर्मचारियों की तादात बढ़ाने के लिए ट्रेन और उद्योगों के हिसाब से युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी|

3. युवाओं से बेरोजगारी हटाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा योजना में प्रशिक्षण हेतु प्रोत्साहन राशि भी रखी गयी है|

4. युवा जिस क्षेत्र के लिए प्रशिक्षण लेना चाहते है उस क्षेत्र के लिए पहले युवा की योग्यता मापी जाएगी योग्यता के अनुसार ही प्रशिक्षण दिया जायेगा|

5. योजना के अनुसार कोई व्यक्ति काम तो जानता है यानी की वो उस काम में निपूर्ण तो होता है लेकिन उसके पास अपनी योग्यता साबित करने के लिए प्रमाणित दस्तावेज नहीं होते है जिस कारण वो किसी और रोजगार को अपना लेता है| इस योजना में उम्मीदवार उसी क्षेत्र को चुनकर प्रशिक्षण को बढ़ावा दे सकता है और साथ ही प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकता है|

6. कौशल विकास योजना के अंतर्गत पूर्वी उत्तर और जम्मू कश्मीर के युवाओं जिन्होंने दसवीं और बारहवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया हो इन पर ज्यादा ध्यान दिया जायेगा|

7. प्रशिक्षण ख़त्म होने के बाद सभी उम्मीदवारों को एक परीक्षा देनी होगी यदि उम्मीदवार इस परीक्षा में पास हो जाते है तो ही उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा| प्रमाण पत्र देना सभी राज्यों के प्रशिक्षण केंद्रों के लिए मान्य होगा|

8. योजना के माध्यम से प्रशिक्षण लेने के साथ -साथ वित्तीय राशि लेने का लाभ प्राप्त होगा|

9. अपने हुनर के आधार पर युवा वर्ग के नागरिक ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त कर सकते है|

निष्कर्ष

1. जिस प्रकार इस योजना को आरंभ किया गया है, वह सराहनीय है और यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के लिये प्रतिबद्ध है|

2. हालाँकि कौशल विकास एक मूलभूत पात्रता प्राप्त करने के बाद ही हो सकता है, जो सिर्फ स्कूली शिक्षा से मिलता है|

3. इसलिये यह आवश्यक है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आधार-निर्माण के वर्ष मूल्यवर्द्धन करते हों और इसके लिये देशभर में प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा को मजबूती प्रदान की जाए|

4. यह वास्तव में ‘कौशल भारत’ के स्वप्न को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है|

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