पोलियो (Poliomyelitis)

पोलियो (Poliomyelitis) रोग- कारण, लक्षण, उपचार

पोलियोमाइलाइटीस (Poliomyelitis) या पोलियो रोग को इन नामों से जाना जाता है| पोलियो एक वायरल रोग है, जो रीढ़ की हड्डी में मौजूद तंत्रिका और कोशिकाओं को नष्ट कर देता है| जिससे शरीर के कुछ हिस्सों में पक्षघात हो सकता है, या मासपेशियों की कमजोरी पैदा हो सकती है| पोलियो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाला एक संक्रमक रोग है, और यह पोलियोवायरस के कारण होता है|

पोलियोवायरस भी एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में फ़ैल सकता है| यह दूषित खाद्य पदार्थो के माध्यम से फैलता है| यह वायरस मुख्य रूप से 5 वर्ष आयु के भीतर बच्चों को प्रभावित करता है| इस बीमारी से संक्रमित शरीर के अंग हो सकते है, जैसे पैर, गर्दन, सिर होते है, पोलियो के लिए इलाज नही है| इसलिए इसको शुरवाती उम्र में पोलियो वैक्सीन लेने से रोका जा सकता है|

पोलियो के प्रकार

पोलियो तीन प्रकार का होता है, जैसे- 

रीढ़ की हड्डी में पोलियो- यह रोग रीढ़ की हड्डी प्रणाली को प्रभावित करता है| यह रोग रीढ़ की हड्डी या मस्तिष्क का प्रभावित नही करता है| यह ज्यादा गंभीर नही है| यह प्रभावित व्यक्ति में किसी भी लक्षण का कारण नही बनती|

बुल्बर पोलियो- यह रोग मस्तिष्क तंत्र या केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है| यह शरीर के पक्षघात का कारण नही है|

बल्बोंस्पाइनल- यह रोग रीढ़ की हड्डी के साथ साथ मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है| यह पोलोमाइलाइटिस परिणाम शरीर के विभाजन के पक्षघात और गंभीर विकार परिणाम होते है| इस रोग को पोलियो के पैरालिटिक के रूप में भी जाना जाता है|

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पोलियोमाइलाइटिस के लक्षण

पोलियो के शुरवाती लक्षण इस प्रकार है, जैसे- 

1. गंभीर बुखार

2. अत्यधिक थकान

3. उलटी होना

4. अंगो में दर्द

5. गले में खरास

6. लगातार सिर दर्द

7. पीठ दर्द और पैर दर्द

8. मांसपेशीयों और गर्दन के क्षेत्रों में कठोरता

9. अंग विकृति

10. शरीर के कुछ हिस्सों में पक्षघात

11. शरीर में कमजोरी का विकास

12. सांस लेने में समस्या

13. अनिंद्रा और गले में सुजन|

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पोलियोमाइलाइटिस के कारण

अत्यधिक संक्रमण वायरस के रूप में पोलियो संक्रमित मल के सम्पर्क के माध्यम से संचार करता है| संक्रमित मल के पास आने वाले खिलोनो की तरह ऑब्जेक्ट भी वायरस प्रसारित कर सकते है| कभी कभी यह छींक या खासी के माध्यम से भी संचार कर सकता है|क्यूंकि वायरस गले और आंतो में रहता है| यह कम है लेकिन आम है|

चलने वाले पानी या फ्लश शौचालयों तक सिमित पहुच वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अक्सर संक्रमित मानव कचरे से दूषित पिने के पानी से पोलियो का अनुबन्धं करते है| मेयो क्लिनिक के मुताबिक यह वायरस इतना संक्रमण है की यदि किसी व्यक्ति को कोई वायरस है तो वह पास वाले व्यक्ति को भी लग सकता है|

गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग जैसे एचआईवी पॉजिटिव है, तो छोटे बच्चे पोलियोमाइलाइटिस के लिए अतिसंवेदनशील होते है|

यदि आप को पोलियो का टिका नही लगाया गया है, और आप इस रोग से ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर रहे है, पोलियो रोगी की देखभाल कर रहे है या पोलियो प्रयोगशाला में काम कर रहे है, तो यह आप को भी हो सकता है|

पोलियो का निदान

आपके डॉक्टर आप के लक्षणों को देखकर पोलियो का निदान करेंगे| वह आप की शाररिक जाँच करेंगे और आप के शरीर की कठोरता, सुजन आदि का भी मुल्यांकन करेंगे|

लैब में पोलियोवायरस के लिए आपके गले, मल या मस्तिष्क के तरल पदार्थ के नमूनों का भी परिक्षण कर सकते है|

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पोलियो का इलाज 

डॉक्टर केवल लक्षणों का इलाज कर सकते है, जबकि संक्रमण उसके पाठ्यक्रम से चलता है| लेकिन चुकी कोई इलाज नही है इसलिए पोलियो के इलाज का सबसे अच्छा तरीका यह है, टिकाकरण से इससे रोकना| सबसे सामान्य सहायक उपचार इस प्रकार है, जैसे- 

1. बिस्तर पर आराम और दर्दनिवारक

2. मांसपेशियों को आराम करने के लिए Antispasmodic दवा का प्रयोग

3. मूत्र पथ के संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग

4. सांस लेने में मदद करने के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर का उपयोग 

5. चलने में मदद करने के लिए शारीरिक उपचार या सुधारक ब्रेसिज का इस्तेमाल 

6. मांसपेशियों में दर्द और ऐठन को कम करने के लिए हिटिंग पैड या गर्म तौलिए का उपयोग 

7. भौतिक चिकित्सा प्रभावित मांसपेशियों में दर्द का इलाज करने के लिए 

8. श्वांस और फुफ्फुसिय समस्याओं से निपटने के लिए शारीरिक उपचार

9. फेफड़े की धीरज को बढ़ाने के लिए फुफ्फुसीय पुनर्वास 

10. पैर की कमजोरी के मामलों में आपको व्हीलचेयर या अन्य गतिशीलता डिवाइस की आवश्यकता हो सकती है| 

पोलिओमाइलाइटिस एक एसी बीमारी है, जिसका इलाज नही हो सकता| एक उचित चिकित्सा उपचार के द्वारा इसको रोका जा सकता है|

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1 thought on “पोलियो (Poliomyelitis) रोग- कारण, लक्षण, उपचार”

  1. सर क्या पोलियो के लिए इलाज का कोई दवा या कोई उपाय अभी भी आधुनिक उपकरण होने के बवजूद नही है
    मै एक पोलियो ग्रस्थ व्यक्ति हू उम्र 25 वर्ष है

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