दाद – कारण, लक्षण, उपचार

दाद – कारण, लक्षण, उपचार ! Ringworm- Causes, Symptom, Treatment

दाद (Ringworm) या टीनिअ कोरापिसिस एक आम संक्रमण फफूंद है| दाद (Ringworm) जो स्तेर्मोफैट्स से उत्पन होते है जो सूक्ष्म जीव है जो त्वचा की भारी परत पर रहते है| यह गोलाकार या अंगूठी के आकर के दाने शरीर की भारी त्वचा पर होते है|

यह किसी भी समय किसी को भी प्रभावित कर सकता है| यह कोई अनुमान नही लगा सकता की यह किस समय जीवन में कब किसी को भी प्रभावित कर दे| इसका प्रभाव गर्म और आर्द्र ज्यादा रहता है| तो कभी यह पालतू जानवरों पर सक्रिय कवक संक्रमण के साथ सीदे सम्पर्क में आने से होता है|

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कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण भी इस रोग के प्रभाव की सम्भावना बनी रहती है| क्योंकी यह कवक प्रजाति से होता है| यदि आप दाद का इलाज आयुर्वेदिक और घरेलू तरीके से करना चाहते है तो यहां पढ़ें- आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज

दाद के प्रकार

दाद को शरीर के हिस्सों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है| जो जगह इस रोग से प्रभावित होते है, जैसे- 

टिनीआ कैपिइटीस (Tinea Capitis)

यह कवक संक्रमण सिर (खोपड़ी) को प्रभावित करता है| यह स्लैप दाद (Ringworm) के नाम से भी जाना जाता है|

टिनिआ कॉर्पोरिस (Tinea Corporis)

यह कवक संक्रमण शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है| यह अंगूठी के आकार के रूप में जाना जाता है|

टिनिआ क्रुरिस (Tinea Cruris) 

यह कवक संक्रमण, आंतरिक जांघो, नितंबों और पैर के उपरी हिस्सों को प्रभावित करता है| इसको जोक खुजली के रूप में भी जाना जाता है|

टिनिआ पेडिस (Tinea Pedis)

यह कवक संक्रमण नाखूनों और टोनिलो के बीच दोनों पैर को प्रभावित करता है| यह एथलीट के पैर के रूप में भी जाना जाता है|

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दाद के लक्षण 

इसके लक्षण इस प्रकार के होते है, जैसे-

1. लाल, परतदार, खुजली और त्वचा परत से उपर उठा हुआ|

2. धब्बा जो फफोले का विकास करते है या छिद्र होने शुरु होते है|

3. लाल धब्बे जो अंगूठी के आकर के होते है|

4. मवाद भरे छाले होते है|

5. दाद पद्रु पैर पर होते है|

6. गले, आन्तरिक जांघो, दाढ़ी, हाथ, सिर और नाखूनों पर यह अंगूठी के आकार में होता है|

दाद के कारण 

ट्रायकाफायातन (Trichophyton)- यह कवक मुख्य रूप से मिट्टी के बीजाणुओं में में मौजूद होता है और मिट्टी या धुल कणों द्वारा ये जीवों को लगता है|

मिक्रोस्पोरुम (Microsporum)- यह एक संक्रामक संक्रमण होता है|

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एपिदेर्मोफ्य्तों (Epidermophyton)- यह एक सक्रमित जीव से दुसरे जीव में फैलता है|

दाद का इलाज 

इसके इलाज के लिए विभिन्न प्रकार के उत्पाद बाजार में उपलब्द है| जिसमे एंटिफंगल क्रीम, लोसन और पाउडर के उपयोग के साथ उपचार किया जाता है| अगर उचित ध्यान दिया जाए तो इस संक्रमनण को फैलने से रोका जा सकता है, जैसे- 

1. स्वच्छता बनाए रखना|

2. सैनीटाइजर से हाथों को धोना|

3. साफ़ धुले हुए कपड़े पहनना|

4. पसीना और कवक के संचय से बचने के लिए ढीले और सूती कपड़े पहनना|

5. लम्बे समय तक पसीना और गंदगी के संचय से बचने के लिए त्वचा को नियमित रूप से साफ़ करते रहना|

6. कम से कम दिन में दो बार स्नान करना चाहिए|

7. खुजलीदार लाल धब्बे को खरोचने से परहेज करे|

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8. इस संक्रमण के लिए प्रयुक्त सबसे अच्छा एंटिफंगल क्रीम, माइकोनोजोल और टेरबीनाफिन है| जो लक्षणों को खत्म करने में सक्षम है दिन में दो बार प्रभावित हिस्सों पर लगाए|

9. अपने आप को धुल और धुल भरे वातावरण से दूर रहें|

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