त्वचाशोथ रोग कारण, लक्षण और उपचार

त्वचाशोथ रोग कारण, लक्षण और उपचार ! Skin Disease

त्वचाशोथ रोग त्वचा की सुजन के आधार पर त्वचा के क्षत्रों में लाल रंग और खुजली हो सकती है| त्वचाशोथ  रोग के कारण खुजली कभी तेज और कभी कम होती है| त्वचा के परतों में जलन के साथ द्रव का उगलना और कभीकभार तो ये त्वचा मे दरार का रूप ले लेता है| यह रोग लगभग सभी देशों में है| लेकिन ज्यादातर यह ज्यादातर गर्म, आर्द्र और उधोगिक क्षेत्रों और हर उम्र के लोगो में मिलता है| यह रोग महिलाओं को कम होता है| यदि आप त्वचाशोथ रोग का आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज जानना चाहते है, तो यहां पढ़ें- आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज

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त्वचाशोथ रोग के प्रकार

एजर्जिक (खुजली) 

इस रोग की शुरुआत बचपन से ही हो जाती है| इसमें त्वचा लाल और खुजली अधिक होती है| जहाँ त्वचा चिकनी ज्यादा होती है| कोहनी के अंदर, घुटनों के पीछे और गर्दन के सामने| जिसको खरोचने पर त्वचा से द्रव निकलता है| एजर्जिक खुजली वाले रोगी कभी उसमे सुधार देखते है कभी अनुभव करते रोग की तीव्रता|

सम्पर्क से होने वाला रोग

यह रोग दाने के रूप में उन हिस्सों में होता है| जो पदार्थो के सम्पर्क में आते है जो या तो त्वचा को परेशान करते है या एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया जैसे साबुन, जहर, आमतौर पर पहनावा और आवश्यक तेलों का कारण होता है| लाल दाने, जलन और फफोले भी हो सकते है|

सिबमयुक्त 

इस रोग की स्थिति स्केल पैच, लाल त्वचा और जिद्दी रुसी त्वचा का कारण बनती है| यह आमतौर पर शरीर के तेल क्षेत्रों चेहरे, उपरी छाती और पीठ को प्रभावित करता है| इसकी अवधि दीर्घकालिक हो सकती है| बच्चों में इस विकार को कैड कैप के रूप में जाना जाता है|

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स्थैतिकता 

स्थैतिकता त्वचाशोथ घटिया परिसंचरण के कारण होता है| यह किन्ही कारणों से फेफड़ो की विफलता से होता है| जैसे खून का कुशलता पूर्वक ना पहुचना या घूमना| इससे जलन होती है| विशेषकर टखनों में|

गोलाकार 

इस रोग के गोलाकार सिक्के जैसे लाल धब्बे होते है| जो हाथों, पेट, पैरों और धड़ पर अधिक होते है| यह महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में ज्यादा होता है| यह शुष्क वातावरण या अत्यधिक बरसात वाली जगह में अधिक होता है|

त्वचाशोथ रोग के लक्षण 

1. तेज परेशानी के साथ इसका प्रभाव हल्की प्रतिक्रिया के साथ हो सकता है| जिसमें दर्दनाक जलन के साथ क्षणिक लालिमा होती है|

2. पुरानीं परेशानी त्वचाशोथ अक्सर सुखा, थोड़ा सुखा त्वचा के भाग के साथ शुरु होता है| जो समय के साथ बदता जाता है|

3. यदि यह रोग एलर्जी सम्पर्क से है तो यह कभी ज्यादा और कभी कम हो सकती है|

4. चेहरे पर लालिमा के साथ द्रव पदार्थ निकलना|

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5. द्रव के प्रभावित क्षेत्रों से आवंटन और त्वचा का अस्थाई उखड़ना|

6. चरम लगातार खुजली एरोपिक त्वचाशोथ का संकेत करती है| ज्यादातर खुजली का परिणाम सूखी त्वचा से ही होता है|

त्वचाशोथ के कारण 

1. सम्पर्क से होने वाला त्वचाशोथ रोग, इस स्थिति में कई प्रकार की एलर्जी होती है जैसे जहर, आईवी, गहने, इत्र, क्रीम व अन्य सौन्द्रिय पदार्थो का परिणाम होता है|

2. एटोपिक त्वचाशोथ यह सूखी त्वचा, एक जिन विवधता, प्रतिरक्षा प्रणाली की कमी, त्वचा पर जीवाणुओं और पर्यावर्णीय परिश्तिथियों सहित विकारों के मिश्रण से सम्बंधित है|

3. सीबमयुक्त त्वचाशोथ यह स्थिति त्वचा पर तेल स्राव में खमीर या कवक के कारण हो सकती है|

4. सेबोहेइक त्वचाशोथ यह पर्यावरण और मौसम के आधार पर होती है|

5. इस की रोग व्यक्तिगत और पारिवारिक इस रोग के इतिहास वाले लोगो में ज्यादा सम्भावना बनी रहती है|

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त्वचाशोथ रोग उपचार

आप के लक्षणों के बारे में डॉक्टर आप से बात करने और आप की त्वचा की जाँच के बाद चिकित्सक आप का इलाज कर सकता है| वह आप को कुछ परीक्षण करने का भी सुझाव दे सकता है| और अगले कुछ दिन आप की त्वचा की प्रतिक्रिया के आधार पर आप का उपचार करता है|

इसका इलाज विभिन्न प्रकार से होता है| क्योंकी कारण और लक्षण रोगी के अलग अलग मिलते है, जैसे- 

कोर्तिकोस्तेरोइड- क्रीम को लगाने का सुझाव जलन कम करने के लिए|

कैल्सेंयूरिन इनहीबिटर- कुछ निश्चित क्रीम या लोसन जो आप की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते है|

प्रकाश चिकित्सा- प्रभावित क्षेत्रों को प्राकृतिक या कृत्रिम प्रकाश की मात्रा से नियन्त्रण करने का प्रयास करना|

न्युम्युलर- त्वचाशोथ के घावों को साफ़ करने में मदद के लिए|

एंटीबायोटिक- यदि रोगी को सुजन है| और साथ में अन्य कोई संक्रमण है तो उसके लिए एंटीबायोटिक दवा की आवस्यकता होती है|

इस रोग से रोगी छुटकारा पा सकता है यदि रोग एक अच्छे चिकित्सक की सलाह से अपना उपचार करे तो स्वयं चिकत्सक ना बने क्यों की यह रोग कई तरह और कई प्रकार का होता है|

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