घमौरियां का आयुर्वेदिक

घमौरियां का आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज ! Ayurveda for Prickly Heat

घमौरियां का आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज, गर्मी के साथ घमौरियां (Prickly Heat) की समस्या आना स्वभाविक है| घमौरियां (Prickly Heat) छोटे छोटे चुभने वाले दानों के रूप में शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है| लेकिन यह ज्यादातर गर्दन, बगल, पीठ छाती और पेट के ज्यादातर हिस्से को अपनी चपेट में ले लेता है| यह किन्ही कारणों से पसीने की ग्रन्थियों का मुह बंद होने या नवजात शिशु की ग्रन्थियों के विकसित ना होने के कारण होता है|

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यह समस्या गर्मी कम होने के साथ साथ अपने आप खत्म हो जाती है| लेकिन कई यह समस्या इन्फेक्शन का कारण भी बन जाती है| तो इसे हमें सचेत रहने की आवस्यकता है| इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए यानि घमौरियां का आयुर्वेदिक जड़ी बूटी और घरेलू नुख्शे बड़े कारगर होते है| यहां हम वही यानि की घमौरियां का आयुर्वेदिक और घरेलू नुख्शो से इलाज कैसे होता है जानने की कोशिस करेगे| यही आप घमौरियां (Prickly Heat) के कारण, लक्षण या विस्तार से जाना चाहते है तो यहां पढ़ें- कारण, लक्षण और इलाज 

घमौरियां का आयुर्वेदिक इलाज

अलोएवेरा जेल

अलोएवेरा जेल घमौरियां का आयुर्वेदिक रूप से इलाज करने में सक्षम है| यह आयुर्वेदिक दवा बाजार में आसानी से मिल जाते है| प्रभावित जगह को साफ़ कर के दिन में 2 या 3 बार लगाए और 20 से 30 मिनट के अंदर पानी से धो ले| ऐसा करने से इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा|

कोलोन कुल पाउडर 

यह आयुर्वेदिक पाउडर भी घमौरियां (Prickly Heat) की समस्या से आराम दिलाने और इसका संक्रमण रोकने में सक्षम है| वस्त्र पहने से पहले इसको प्रभावित जगह पर डाले आराम मिलेगा और खुजली से भी छुटकारा मिलता है| पसीने की दुर्गन्द से छुटकारा मिलता है|

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शहद (Honey)

शहद का देशी घी में लेप बनाए और प्रभावित जगह पर सुबह और श्याम लगाए एक से दो सप्ताह तक ऐसा करने से घमौरियां से छुटकारा मिलता है| यह भी घमौरियां का आयुर्वेदिक इलाज है|

नीम के पत्ते

घमौरियां का आयुर्वेदिक तौर पर नीम के पत्ते खुजली, सुजन और संक्रमण को रोकने में प्रभावी है| नीम के पत्तों का आप पिस कर पेस्ट भी बना सकते है| इस पेस्ट को लगातार एक सप्ताह तक प्रभावित जगह पर लगाने से घमौरियां से छुटकारा मिलता है| इसको धोते समय ध्यान रखे की गर्म पानी का प्रयोग ना करे| नीम के पत्तों से स्नान भी कर सकते है| पत्तों को पहले पानी में उबाल ले फिर पानी को गुनगना होने दे उसके बाद इसे स्नान भी कर सकते है| इस समस्या के निदान के लिए|

चन्दन और गुलाब जल

चन्दन प्रकृतिमें ही ठंड है|  गुलाब जल के साथ इसका पेस्ट बना ले और इसको प्रभावित जगह पर नियन्त्र लगाने से धमौरियां से पूर्णतय छुटकारा मिल सकता है|

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आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज

मुल्तानी मिट्टी 

मुल्तानी मिट्टी घमौरियां और जलन से छुटकारा पाने का एक बेहतरीन घरेलू नुख्सा है| मुल्तानी मिट्टी में इतना गुलाब जल मिलाए की उसका पेस्ट बन जाए और प्रभावित जगह पर लगाए और सूखने पर उसको सादे पानी से धो ले प्रतिदिन यह प्रक्रिया दोहराएं|

घमौरियां के लिए खीरा

खीरा भी घमौरियां (Prickly Heat) से आराम दिलाने में गुणकारी है| खीरा का पेस्ट बना कर प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली और जलन से आराम मिलता है|

बेसन (Gram Flower)

तेलिए त्वचा वाले लोगो के लिए यह घरेलू नुख्सा रामबाण इलाज हो सकता है| बेसन का पेस्ट बना कर प्रभावित जगह पर लगाने से यह तेल की मात्र को शोख लेता है| जिसे दाने सुख जाते है| और यह मृत त्वचा को भी हटाता है| इसको लगाने की 15 से 25 मिनट बाद साधारण पानी से धो ले इस प्रिक्रिया को लगातार एक सप्ताह तक करने से घमौरियां (Prickly Heat) से छुटकारा मिल जाता है|

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जौ का पाउडर

इस रोग में जौ का पाउडर भी गुणकारी होता है| जौ के पाउडर का पेस्ट बना ले और हर रोज प्रभावित जगह पर लगाए| यह मृत त्वचा, जलन और सुजन से छुटकारा दिलाता है|

बेकिंग सोढा 

बेकिंग सोडा भी इस रोग में काफी गुणकारी है| इसका लेप बनाकर आप प्रभावित जगह पर लगा सकते है|

ठंडा उपचार 

यदि इस समस्या से किसी को जलन हो रही है तो इसे छुटकारा पाने के लिए ठंडे पानी या बर्फ से प्रभावित जगह पर सेख करे|

नोट- इस रोग से प्रभावित जगह को नाख़ून से खरोचे नही क्योंकी खरोचने से संक्रमण का खतरा बना रहता है| उगुलियों से उस जगह को सहला सकते है| और इन उपायों से आप को लगता है कि फायदा नही हो रहा तो किसी चिकत्सक से सलाह ले|

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