घमौरियाँ के कारण, लक्षण और इलाज

घमौरियाँ के कारण, लक्षण और इलाज ! Prickly Heat Treatment

घमौरियाँ (Prickly Heat) अक्सर गर्मी के समय पसीने की ग्रन्थियों का मुह अवरुद्ध होने के कारण शरीर लाला दाने निकल आते है इन दानों में हल्की या तेज खुजली होती है इसे घमौरियाँ (Prickly Heat) कहते है| इसका ज्यादातर गर्दन, कंधों, पीठ, बगल और सीने पर दानों का विकसित होना आम है|

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यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है| लेकिन तेज चुभन वाली गर्मी व आर्द्र मौसम में बच्चों को ज्यादा होता है क्योंकी उनकी पसीने की ग्रन्थियां अभी विकसित हो रही होती है| यही स्थिति अनेक वयस्कों में भी देखी जा सकती है| हालाँकि यह खुजली कोई बीमारी नही है लेकिन असहजता और शर्मींदगी का कारण तो बन ही सकती है|

घमौरियाँ के तीन प्रकार है

सामान्य 

यह सबसे हल्के रूप में होता है आमतौर पर छाले या खुजली नही होती है|

लाल 

बहारी त्वचा की सतह में गहराई होने वाले लाल दानों में से खुजली| यह बच्चों और वयस्कों में तेज चुभने वाली गर्मी के कारण होता है|

गहरा 

यह आमतौर पर शरीर की अंदरूनी त्वचा की परत से शुरु होता है| जिसमे तेज चुभने वाली खुजली के साथ जलन होती है| खुजलाने के बाद यह बड़े दानों का आकार ले ले लेता और इसे द्रव निकलता है| इसको हम एक रोग भी कह सकते है|

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घमौरियाँ के कारण

1. इसका कारण अत्यधिक पसीना आना हो सकता है| चुभने वाली गर्मी और आर्द्रता के कारण अत्यधिक पसीना मृत त्वचा के साथ पसीने की ग्रन्थियों के मुह को अवरुद्ध कर देते है| जिसे घमौरियां (Prickly Heat) होता है|

2. तड़क भड़क और तंग  कपड़े पहनना भी इसका एक कारण होता है|

3. मृत त्वचा और धुल कण द्वारा पसीने की ग्रन्थियों का मुह बंद हो जाना भी एक कारण हो सकता है|

घमौरियाँ के लक्षण

ज्यादातर मामलो में यह चुभने वाली गर्मी और आर्द्र मौसम में होना एक आम बात है| लेकिन कुछ लोगो को इसे खुजली के साथ जलन भी होती है इसके लक्षण है| चेहरे, गर्दन,पीठ, पेट स्तनों के निचे, कोहनी, नितंबों या शरीर के किसी अन्य हिस्सों में छोटे छोटे लाल दानों का होना इसके लक्षण है|

घमौरियाँ का इलाज 

1. छायादार स्थान पर रहें जहा हवा का आदान प्रदान हो और ढीले वस्त्र पहने चाहिए|

2. तौलिए या किसी अन्य वस्त्र से शरीर को पूछने के बजाय शरीर को हवा में सूखने दे|

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3. यदि त्वचा चिड़चिड़ी या खुजली व जलन से प्रभावित है तो कैलामाइन लोशन या हाइड्रोकार्टिसोन क्रीम चिकित्सक की सलाह से प्रयोग कर सकते है|

4. मलहम या अन्य लोशन से बचे क्योंकी वे त्वचा को अन्य कारणों से परेशान कर सकते है|

5. स्नान करते समय जीवाणु रोधी साबुन का उपयोग करे जो घमौरियां की अवधि को कम करने में सहायक हो सकता है|

6. आप मेन्थाल, कपूर पाउडर या स्टेरायड क्रीम का भी चिकित्सक की सलाह से उपयोग कर सकते है|

7. यदि आप से हो सके तो कुल वातावरण में रहने की कोशिश करे हार्ड वर्क ना करे|

8. यदि घमौरियाँ गर्मी कम होने के साथ स्वभाविक रूप कम नही हो रहा है और गहराता जा रहा है तो तुरंत चिकित्सक की सलाह ले|

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